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पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला, मरने वाला किस धर्म से है?

दावा है कि भीड़ ने एक ईसाई की मॉब लिंचिंग की.

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15 फ़रवरी 2023 (अपडेटेड: 15 फ़रवरी 2023, 06:37 PM IST)
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वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉट्स.
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दावा

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में एक भीड़ ने एक ईसाई को पीट-पीटकर मार डालकर. मेजर सुरेन्द्र पूनिया ने यह दावा करते हुए एक वीडियो ट्वीट किया है. वीडियो इतना वीभत्स है कि हम इसे आपको दिखा भी नहीं सकते हैं. सुरेन्द्र पूनिया ने 13 फरवरी, 2023 को ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)

क्या बीबीसी इसे कभी दिखाएगा? कभी नहीं!
पाकिस्तान के ननकाना साहिब में ईशनिंदा के आरोप में गिरफ्तार ईसाई वारिस इस्सा. इस्लामिक भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला किया, उसे सड़कों पर घसीटा और अल्लाह-ओ-अकबर के नारे के साथ आग लगा दी. पाक अल्पसंख्यकों के लिए नर्क है.

सुरेन्द्र पूनिया के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

ट्विटर यूज़र खालिद उमर ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव)

एक और दिन, एक और ईशनिंदा लिंचिंग. यह ननकाना साहिब सिखों का मक्का है. एक ईसाई वारिस इस्सा को कुरान का अपमान करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. पागल भीड़ ने थाने पर हमला किया, उसे पीटा, नंगा किया, सड़कों पर घसीटा और आग लगा दी! अल्लाह-ओ-अकबर के नारे लगाए.

खालिद उमर के ट्वीट का स्क्रीनशॉट.

इनके अलावा फेसबुक यूज़र्स ने भी वायरल वीडियो को इसी दावे के साथ शेयर किया है.

पड़ताल

'दी लल्लनटॉप' ने वायरल दावे का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल में वायरल दावा गलत निकला. भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में मुस्लिम युवक की हत्या की था न कि ईसाई या किसी अल्पसंख्यक की.

वायरल दावे के बारे में सर्च करने पर हमें पाकिस्तानी न्यूज़ वेबसाइट DAWN पर 12 फरवरी, 2023 को पब्लिश हुई रिपोर्ट मिली. रिपोर्ट के मुताबिक, 

बीते शनिवार 11 फरवरी को ईशनिंदा के आरोप में हिंसक भीड़ ने ननकाना साहिब में पुलिस स्टेशन के बाहर एक शख्स की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस की माने तो ननकाना के काजी टाउन इलाके में 45 साल के मोहम्मद वारिस को कुरान की बेअदबी के आरोप में पकड़ा था. वारिस पर कथित रूप से अपनी पूर्व पत्नी की फोटो को कुरान पर चिपकाने का आरोप था. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने वारिस को हिरासत में लिया और थाने लेकर आ गई. 

रिपोर्ट में आगे लिखा है,

गुस्साई भीड़ वारिस को फांसी देने की मांग कर रही थी. इस दौरान भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया और वारिस को बाहर निकाला. इसके बाद भीड़ ने वारिस की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पीड़ित को पिछले साल यानी 2022 के जून में ईशनिंदा के मामले में अदालत से बरी किया गया था. तब भी उस पर कुरान का अपमान करने का आरोप लगा था.

मामले को लेकर बीबीसी उर्दू ने 13 फरवरी, 2023 को एक विस्तृत रिपोर्ट पब्लिश की है. बीबीसी ने पीड़ित की पहचान वारिस अली के रूप में की है. वारिस की मां नूरां बीबी के मुताबिक, जब से वारिस ने अपनी पत्नी को तलाक दिया था तब से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया था.

12 फरवरी को घटना पर पाकिस्तानी न्यूज़ चैनल ARY News ने जानकारी देते हुए बताया था,

ननकाना साहिब में कत्ल के आरोप पर आरोपियों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस के मुताबिक वीडियो के आधार पर शिनाख्त कर इनकी गिरफ्तारी की गई है. पुलिस ने FIR दर्ज कर एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है. पीड़ित वारिस अली का पोस्टमार्टम हो चुका है लेकिन उसकी डेड बॉडी लेने कोई नहीं पहुंचा. वारिस अली की मेडिकल रिपोर्ट आना अभी बाकी है.

ननकाना साहिब के पुलिस प्रवक्ता ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि मारे गए व्यक्ति का नाम वारिस अली है और वह मुस्लिम है. इसके अलावा पाकिस्तानी पत्रकार अरशद चौधरी ने भी मरने वाले शख्स की पहचान वारिस अली के रूप में की है.

हालांकि दावे के साथ वायरल वीडियो के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं जुटा पाए. पड़ताल में हमें ये नहीं पता चला कि वीडियो कब और कहां का है.

नतीजा 

हमारी पड़ताल में मेजर सुरेन्द्र पूनिया और दूसरे सोशल मीडिया यूज़र्स द्वारा किया गया दावा गलत निकला. पाकिस्तान में ईशनिंदा के कथित आरोप पर मुस्लिम वारिस अली की मॉब लिंचिंग हुई थी न कि ईसाई वारिस इस्सा की. हालांकि हम वायरल वीडियो के बारे में किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं. न्यूज़ वेबसाइट DAWN के मुताबिक मामले में अब तक 60 संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है.

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