दावाफास्टैग स्कैम (FASTag Scam).बीते 24 घंटों में फास्टैग से जुड़ा स्कैम इंटरनेट कीदुनिया में ट्रेंड में बना हुआ है. इस ट्रेंड के पीछे की वजह है एक वायरल वीडियो,जिसमें बिना टोल प्लाजा गए आपके फास्टैग से पैसे कटने का दावा किया जा रहा है.वायरल वीडियो में कुल जमा तीन लोग दिखाई दे रहे हैं. दो लोग गाड़ी के अंदर बैठे हैंऔर एक बच्चा, जो गाड़ी की सफाई कर रहा है. दावा है किगाड़ी के सफाई के बहाने बच्चे ने फास्टैग को स्कैन कर Paytm से पैसे साफ कर दिए. 1/2> The Loot party new mode of loot. Be aware of this. Watch both partcarefully how Apple wrist watch used for @FASTag_NETC scanning. Any remedy Mr@nitin_gadkari @OfficeOfNG @NHAI_Official kuch samajh aya foreign technology mese?? pic.twitter.com/ggkNHJCr0b— Sergeant Bikash🇮🇳 (@Bikash63) June 24, 2022IAS अधिकारी अवनीश शरण ने वायरल वीडियो ट्वीट कर लिखा, (आर्काइव) क्या यह सही है? Is this True ? pic.twitter.com/SdaoVAteDt— Awanish Sharan (@AwanishSharan) June 25, 2022फेसबुक पर तो यह वीडियो जंगल में लगी आग की तरह फैल गया. पड़ताल 'दी लल्लनटॉप' ने वायरल वीडियो का सच जानने के लिए पड़ताल की. हमारी पड़ताल मेंवायरल वीडियो के साथ किए जा रहा दावा गलत निकला. सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के जरिए असली वीडियो को सर्च करने की कोशिश की. असलीवीडियो का पता लगाने के हमने वीडियो से जुड़े की-वर्ड FASTag की मदद ली. सर्च सेहमें वायरल वीडियो का असली वर्जन फेसबुक पेज BakLol Video पर मिला. 24 जून को पोस्टकिए गए इस वीडियो का कैप्शन है, अगर आपकी गाड़ी पे FASTAG है तो ये वीडियो जरूर देखे. 3 मिनट 45 सेकेंड के इस वीडियो में कहीं पर भी कोई डिस्क्लेमर नहीं डाला गया है औरलोग इस घटना को सच मानकर धड़ल्ले से शेयर कर रहे हैं. एक दिन में वीडियो पर 21मिलियन यानी 2 करोड़ से ऊपर व्यूज़ आ चुके हैं.फेसबुक पेज BakLol Video के बारे में सर्च करने पर पता चला कि पेज के कर्ताधर्तापंकज शर्मा है. हमने फेसबुक मैसेंजर के जरिए पंकज शर्मा से संपर्क किया. उन्होंनेबताया,'FASTag वाला वीडियो पूरी तरह से स्क्रिप्टेड है, जिसका मकसद जागरूकता फैलाना भरहै. हमने कई जगह सुना था कि इस तरह के स्कैम हो रहे हैं इसलिए हमने फास्टैग स्कैमपर वीडियो बनाया. वीडियो में जो शख्स घनी दाढ़ी के साथ ड्राइविंग सीट पर बैठे हैं,उनका नाम अनुभव गोलिया है. अनुभव के बगल में रितिक बैठे हैं जबकि बच्चे के बारे मेंमुझे ज्यादा जानकारी नहीं है क्योंकि उसको अनुभव ने कास्ट किया था.'हमने आगे पंकज से बच्चे के हाथ में दिख रहे डिवाइस और डिस्क्लेमर के बारे में पूछातो उन्होंने कहा,'बच्चों के हाथ में दिख रहा डिवाइस एक सामान्य स्मार्टवॉच है जिसे हमने ऑनलाइनखरीदा था. जहां तक सवाल डिस्क्लेमर का है तो हम जल्द ही इसका टाइटल बदलने वाले हैं.हम इसमें Entertainment Purpose जोड़ेगें.'पंकज से हमने अनुभव के बारे में पूछा तो उनका जवाब था कि अनुभव का मोबाइल अभी बंदहै. जैसे ही उनका अनुभव से कोई संपर्क होगा, वो हमें सूचना देंगे.वीडियो वायरल होने के बाद FASTag की तरफ से भी जवाब आया है. FASTag ने अपने ट्विटरअकाउंट से वायरल वीडियो पर एक ट्विटर यूज़र को रिप्लाई देते हुए लिखा,'NETC FASTag लेनदेन केवल रजिस्ट्रेड मर्चेंट्स (टोल और पार्किंग प्लाजा ऑपरेटरों)द्वारा शुरू किया जा सकता है. जो केवल संबंधित जगहों से NPCI द्वारा ऑनबोर्ड हैं.कोई भी अनधिकृत उपकरण NETC FASTag पर कोई वित्तीय लेनदेन शुरू नहीं कर सकता है. यहबिल्कुल सुरक्षित है.'Hi, NETC FASTag transaction can only be initiated by the registered merchants(Toll & Parking Plaza operators) which are onboarded by NPCI only from therespective geo-locations. No unauthorized device can initiate any financialtransactions on NETC FASTag. It is absolutely safe.— FASTag NETC (@FASTag_NETC) June 25, 2022चूंकि इस मामले में Paytm का भी नाम उछाला जा रहा था तो Paytm ने भी सफाई दी.पेटीएम ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से ट्वीट कर लिखा,'एक वीडियो पेटीएम फास्टैग के बारे में गलत सूचना फैला रहा है, जो गलत तरीके सेस्मार्टवॉच स्कैनिंग फास्टैग दिखाता है. NETC दिशानिर्देशों के अनुसार, FASTagभुगतान केवल अधिकृत व्यापारियों द्वारा शुरू किया जा सकता है, परीक्षण के कई दौर केबाद ऑनबोर्ड किया गया. पेटीएम फास्टैग पूरी तरह से सुरक्षित है.'A video is spreading misinformation about Paytm FASTag that incorrectly shows asmartwatch scanning FASTag. As per NETC guidelines, FASTag payments can beinitiated only by authorised merchants, onboarded after multiple rounds oftesting. Paytm FASTag is completely safe & secure. pic.twitter.com/BmXhq07HrS— Paytm (@Paytm) June 25, 2022सरकारी संस्था PIB Fact Check ने भी ट्वीट कर वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावोंको फर्जी बताया है.A #viral Video claims that devices like watches are being used to swipe the#Fastag on vehicles, leading to fraudulent deduction of money from prepaidwallets.#PIBFactCheck:▶️ This Video is #FAKE▶️ Such transactions are not possible▶️ Each Toll Plaza has a unique code pic.twitter.com/n7p01AXF4A— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) June 25, 2022वैसे सोचने वाली बात ये भी है अगर इस तरह FASTag स्कैन कर Paytm से पैसे उड़ाए जासकते हैं तो सारी गाड़ियां तो पार्किंग में ही खड़ी रहती हैं. फिर अगर किसी को चोरीकरनी हो तो चाहे जब किसी की भी गाड़ी का FASTag स्कैन कर पैसे उड़ा सकता है.नतीजा हमारी पड़ताल में फास्टैग स्कैम वाले दावे के साथ वायरल हो रहा वीडियो स्क्रिप्टेडनिकला. वीडियो बनाने वाले फेसबुक पेज BakLol Video के एडमिन पंकज शर्मा ने 'दीलल्लनटॉप' से बातचीत में वीडियो के स्क्रिप्टेड होने की बात बताई. इसके अलावा FASTag, पेटीएम और PIB फैक्ट चेक ने भी वायरल वीडियो को फर्जी बताया है.पड़ताल की वॉट्सऐप हेल्पलाइन से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें. ट्विटर और फेसबुक पर फॉलो करने के लिए ट्विटर लिंक और फेसबुक लिंक पर क्लिक करें.