The Lallantop
Advertisement
  • Home
  • Entertainment
  • Manoj Bajpayee says he decided to stop making films like Gali Guleiyan but The Family Man changed his perpective

जब 'गली गुलियां' पिट गई और मनोज बाजपेयी ने कहा- 'मैं 4-5 लोगों के लिए पिक्चर नहीं बनाऊंगा'

मनोज बाजपेयी का कहना है कि 'द फैमिली मैन' ने उनका भरोसा वापस अच्छी फिल्मों में स्थापित किया.

Advertisement
manoj bajpayee, the family man, gali guleiyan,
गली गुलेयां एक सीन में मनोज बाजपेयी. दूसरी तरफ 'द फैमिली मैन' का एक सीन.
pic
श्वेतांक
27 मार्च 2023 (Updated: 27 मार्च 2023, 02:58 PM IST)
font-size
Small
Medium
Large
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

Manoj Bajpayee ने कुछ साल पहले Gali Guleiyan नाम की फिल्म की थी. दुनियाभर के फिल्म फेस्टिवल्स में ये पिक्चर दिखाई गई. खूब वाहवाही बटोरी. जब इंडिया में रिलीज़ हुई, तो मुट्ठीभर दर्शक भी नसीब नहीं हुए. मनोज बड़े दुखी हो गए. बड़ी मशक्कत के बाद 'गली गुलियां' को अमेज़न प्राइम वीडियो पर रिलीज़ करवाया जा सका. हालिया इंटरव्यू में मनोज बाजपेयी ने बताया कि इसके बाद उन्होंने तय किया था कि वो वैसी फिल्में नहीं बनाएंगे, जिसे सिर्फ 4-5 लोग देखने आएं. हालांकि ओटीटी प्लैटफॉर्म्स के आने बाद हालात काफी हद तक बदल गए हैं.

'गली गुलियां' की असफलता पर बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने PTI से कहा-

''कुछ साल पहले कहीं न कहीं इस प्रोसेस के चक्कर में मैंने इंडीपेंडेंट सिनेमा की उम्मीद छोड़नी शुरू कर दी थी. मैं उन फिल्मों को इसीलिए सपोर्ट करता था क्योंकि जनता उन्हें सिनेमाघरों में जाकर देखने में इंट्रेस्टेड नहीं थी. उसी टाइम मैंने इस तरह की फिल्मों के सपोर्ट करने के फैसले पर विचार करना शुरू किया. क्योंकि मेरे लिए ये बेहद ज़रूरी है कि लोग वो फिल्में देखें. अगर लोग पिक्चर नहीं देख रहे, तो मैं चार-पांच लोगों के लिए फिल्म बनाने के लिए तैयार नहीं हूं.''

हालांकि ओटीटी बूम के बाद चीज़ें काफी बदल गई हैं. जबकि मनोज शुरुआत में ओटीटी पर काम करने को लेकर श्योर नहीं थे. उन्होंने इस बाबत बात करते हुए कहा-

''मैंने सोचा था कि अगर मुझे कुछ ऑफर होता है, तब भी मैं ओटीटी पर जो क्लटर है, उसका हिस्सा नहीं बनूंगा. मैंने कई सीरीज़ ठुकरा दीं. उसके बाद जाकर राज एंड डीके के साथ 'द फैमिली मैन' आई. इसके पहले सीज़न को जिस तरह की सफलता मिली, वो मैंने इमैजिन नहीं किया था. पैंडेमिक हुआ. दूसरा सीज़न आया. उसने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए. असल मायनों ये इंडिया का क्रॉसओवर था. सीज़न वन के बाद जो भी इंडीपेंडेंट फिल्में ओटीटी पर आईं, उन सबको अच्छे से रिसीव किया गया. पब्लिक ने जैसे इन फिल्मों को स्वीकार किया है, उससे मुझे बड़ी संतुष्टि मिली. मुझे बड़ी राहत मिली. यकीन हुआ कि मैं जो कर रहा हूं, वो सही है.'' 

ओटीटी के बाद मनोज बाजपेयी का भरोसा दोबारा इंडीपेंडेंट फिल्मों में जगा. वो कहते हैं-

''अब ओटीटी की वजह से ऑडियंस ने एक चीज़ साफ कर दी है. उनका सीधा कहना है कि अगर आप हमारे पास आओगे, तो हम आपको ज़रूर देखेंगे. और साफ-साफ बताएंगे कि हमें वो फिल्म और उसमें आपका काम कैसा लगा. इसलिए लोग अब एक्टर्स की परफॉरमेंस भी डिस्कस करते हैं.''   

मनोज बाजपेयी 'द फैमिली मैन' के बाद से 'मिसेज़ सीरियल किलर', 'साइलेंस' और 'डायल 100' जैसी ओटीटी वाली फिल्में कर चुके हैं. पिछले दिनों वो डिज़्नी+हॉटस्टार की फिल्म 'गुलमोहर' में दिखाई दिए थे. इसमें उनके साथ शर्मिला टैगोर, अमोल पालेकर और सूरज शर्मा जैसे एक्टर्स ने काम किया था. 

वीडियो: फ़िल्म रिव्यू: कैसी है शर्मिला टैगोर और मनोज बाजपेयी की 'गुलमोहर'?

Advertisement