अफसर साहब, शायद कुछ कन्फ्यूजन हो गया है. मेरा नाम सौरभ द्विवेदी है. महेश भट्टनहीं. न ही मेरा नाम सोनी राजदान है. तो मेरे ख्याल से आपको आलिया भट्ट के मम्मीपापा से मिलना चाहिए. सुना है मुंबई में रहते हैं वो. सीधे ट्रेन होगी शायद आपकेयहां से. ओहो. पर एक दिक्कत और है. अब गया वो जमाना जब मम्मी पापा शादी बियाह तयकरते थे. आपको तो सबसे पहले आलिया से पूछना होगा. पर मेरे दिमाग में एक और बात आरही है. आपको तो आलिया से शादी करनी है. पर आलिया कोे आपसे शादी नहीं करनी. वो क्याहै न. अभी उसका करियर शुरू ही हुआ है. तो फिलहाल वह शादी वगैरह की बात नहीं सोचती.और आपके जैसे लुच्चे से तो कतई नहीं. जो आलिया के साथ अगली ही लाइन में विद्या सेभी शादी करना चाहता है. शर्म नहीं आती. घर में मां-मौसी नहीं है. शादीशुदा महिलाओंके लिए ऐसे बोलते हैं. विद्या बालन के पति को आपका पता मिल गया है न, तो पिलपिलीबनवा देंगे आपकी. आप एक काम करो. अम्मी को बताओ. आलिया वाली बात नहीं. सिर्फ इत्ताकि मां मेरा निकाह पढ़वा दो. और जो तय हो जाए मियां, तो मुबारकबाद हम भी देंगे.इत्तिला करना मत भूलिएगा. और अपनी आलिया को भूले से भी इस हवाबाजी की हवा मत लगनेदीजिएगा, वर्ना भटभटा देंगी.