आर्टिस्ट ने AI से 'आदिपुरुष' के ऐसे राम-रावण और सीता बनाए कि लोग बोले, "फिल्म से अच्छे तो ये हैं"
किसी ने कमेंट किया, "इस बंदे को 'आदिपुरुष' वालों की ज़रूरत नहीं, 'आदिपुरुष' वालों को इसकी ज़रूरत है".
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Adipurush में Prabhas राम जैसे नहीं लग रहे. Saif Ali Khan के लंकेश को देखकर रावण वाली फील नहीं आ रही. ये लोगों की ‘आदिपुरुष’ देखने के बाद कुछ शिकायतें थीं. वैसे तो और भी मुद्दों पर लोगों को आपत्ति हुई लेकिन उनमें से किरदारों का चित्रण सबसे अहम था. लोगों का कहना था कि मॉडर्न बनाने के चक्कर में राम और रावण जैसे किरदारों को अजीब बना दिया. इंस्टाग्राम पर एक Artificial Intelligence Artist ने इसी का तोड़ निकाला. उन्होंने AI टूल्स के ज़रिए ‘आदिपुरुष’ के किरदारों को अलग ढंग से बनाया. जिससे वो मॉडर्न भी दिखें और वास्तविकता के करीब भी रहें.
SK MD अबू शाहिद नाम के आर्टिस्ट ने इंस्टाग्राम पर कुछ फोटोज़ शेयर की. यहां प्रभास के राम भगवा वस्त्र में दिख रहे हैं. ‘आदिपुरुष’ में उनके किरदार को चमड़े के कपड़े और जूते पहनाए गए थे. इस बात पर भी जमकर विरोध हुआ था. बहरहाल अबू शाहिद की बनाई ये फोटोज़ इंटरनेट पर फट पड़ी हैं. लोगों का कहना है कि फिल्म से ज़्यादा बढ़िया किरदार तो इस बंदे ने बना डाले. इसके पास अगर फिल्म जितना बजट होता, तो पता नहीं क्या कर डालता. कोई फिल्म डायरेक्टर ओम राउत को टैग कर कुछ सीखने की नसीहत दे रहा है. एक यूज़र ने लिखा,
मूवी से बढ़िया विज़ुअल्स तो मुझे यही लग रहे हैं.
दूसरे ने लिखा,
भाई तूने काम क्यों नहीं किया ‘आदिपुरुष’ में. कम से कम मेरे 500 रुपए तो वसूल हो जाते.
एक यूज़र ने लिखा,
अरे भाई AI ने लाख गुना अच्छा बनाया है. असलियत में ये होनी चाहिए थी ‘आदिपुरुष’.
एक यूज़र ने फिल्म वालों पर तंज कसते हुए लिखा,
600 करोड़ के बजट में रावण के 10 सिर स्क्रीन में फिट नहीं हो रहे थे. भाई ने कर के दिखा दिया.
अनिरुद्ध नाम के शख्स ने लिखा,
ब्रो को ‘आदिपुरुष’ बनाने वालों की ज़रूरत नहीं, ‘आदिपुरुष’ वालों को इसकी ज़रूरत है.
रिलीज़ के बाद से ही ‘आदिपुरुष’ पर जनता का गुस्सा उबला हुआ है. मेकर्स अगर किरदारों के लुक पर थोड़ा ध्यान दे देते तो बीते दो दिनों में हमें कीबोर्ड पर कम उंगलियां पीटनी पड़तीं. रिलीज़ से पहले बनाने वालों का कहना था कि वो ‘रामायण’ के साथ कोई छेड़खानी नहीं कर रहे हैं. उसे मॉडर्न बनाने के वास्ते कुछ गड़बड़ नहीं करेंगे. फिर फिल्म आई और उन्हें अपनी बात से पलटना पड़ा. लोगों का कहना था कि इतने हज़ार साल पहले रावण का आज जैसा हेयरकट कैसे है. उनकी सोने की लंका ‘थोर’ के एसगार्ड जैसी क्यों दिखने लगी? अब मेकर्स तमाम ट्रोलिंग से बचने के लिए कह रहे हैं कि उन्होंने ये फिल्म ‘रामायण’ से प्रेरित होकर बनाई है.
उनका तर्क चाहे कुछ भी रहे, इस बात को नहीं झुठलाया जा सकता कि ‘आदिपुरुष’ ने बहुत लोगों को निराश किया है. इस मौके पर आमिर खान की एक बात याद आती है जो उन्होंने ‘महाभारत’ के संदर्भ में कही थी. उन्होंने कहा था कि आप महाभारत को निराश कर सकते हैं, लेकिन महाभारत आपको कभी निराश नहीं करेगी. यही बात ‘रामायण’ के लिए भी लागू होती है.
वीडियो: मनोज मुंतशिर ने आदिपुरुष की रिलीज़ से पहले रामायण पर जो बयान दिया, रिलीज़ के बाद उससे पलट गए