"किसी के बाप में दम नहीं है, जो सैनिटरी पैड्स पर फिल्म बनाए"- अक्षय कुमार
अक्षय कुमार का कहना है कि वो बॉक्स ऑफिस रिटर्न्स की चिंता किए बग़ैर ज़रूरी सामाजिक मसलों पर फिल्म बनाते हैं.

Akshay Kumar की नई फिल्म Mission Raniganj रिलीज़ हुई है. मगर अब भी इंटरव्यूज़ में उनकी पिछली फिल्म OMG 2 से जुड़े सवाल पूछे जा रहे हैं. क्योंकि वो फिल्म 8 अक्टूबर को नेटफ्लिक्स पर आ रही है. पहले खबरें थीं कि ओटीटी पर OMG 2 का ओरिजिनल वर्ज़न रिलीज़ किया जाएगा. मगर अब बताया जा रहा है कि नेटफ्लिक्स पर भी फिल्म का वही कट रिलीज़ किया जाएगा, जो थिएटर्स में रिलीज़ किया गया था. सेंसर बोर्ड के कट्स के बाद वाला वर्ज़न. इसी बातचीत के दौरान अक्षय ने कहा कि वो जिस तरह के विषय पर बनी फिल्मों में काम करते हैं, वो इंडस्ट्री में कोई और नहीं करता. उन्होंने कहा कि 'किसी के बाप में दम नहीं है' कि सैनिटरी पैड पर फिल्म बना दे. मगर उन्होंने 'पैडमैन' बनाई.
अक्षय से पूछा गया कि उनकी फिल्म OMG 2 का सेंसर कट वाला वर्ज़न ही ओटीटी पर रिलीज़ किया जा रहा है. उनका इस मसले पर क्या सोचना है. इस पर अक्षय ने कहा-
"नियम तो नियम हैं. उन्हें (CBFC) लगा कि ये (OMG 2) एक एडल्ट फिल्म थी. मगर क्या आप लोगों को भी ऐसा लगा कि वो एडल्ट फिल्म है? वो एक ऐसी फिल्म थी, जो नौजवान लोगों को दिखाई जानी चाहिए थी. मैंने उनके लिए ही बनाई थी. शुक्र है कि वो फिल्म कल नेटफ्लिक्स पर आ रही है. ज़रूरी चीज़ ये है कि उसके बारे में लोगों को पता होना चाहिए."
इसी बातचीत में अक्षय से पूछा गया कि क्या वो इस तरह के विषय पर फिल्में बनाने का प्रेशर फील करते हैं. जिनके बारे में उन्हें पता है कि वो टिकट खिड़की पर अच्छा परफॉर्म नहीं करेंगी. इस पर अक्षय ने कहा-
"जब मैंने 'टॉयलेट- एक प्रेम कथा' बनाई, तो सबने मुझसे कहा, 'ये कोई टाइटल हुआ? आप पागल हैं? आप शौचालय पर फिल्म बना रहे हैं?' मैंने किसी की नहीं सुनी. मैं आगे बढ़कर वो फिल्म बनाई. मेरी फिल्में कैसा बिज़नेस करेंगी, ये सोचने पर मजबूर करके आप लोग मुझे हतोत्साहित मत करिए. मुझे बल दीजिए. मुझे ये सोचना चाहिए कि इस तरह की फिल्में इसलिए बनाई जाती हैं, ताकि दर्शकों को इन मसलों से अवगत कराया जाए. अब हमारे समाज के बदलने का वक्त आ गया है."
अक्षय कुमार ने अपनी बातचीत में आगे कहा-
"मैंने सैनिटरी पैड्स के ऊपर फिल्म बनाई (पैडमैन). किसी के बाप में दम नहीं था कि सैनिटरी पैड पर फिल्म बनाए. कोई हाथ भी नहीं लगाता था पैड को. मैं उस शख्स का नाम नहीं लूंगा. मगर मैं किसी के साथ खड़ा था. हम सब लोग हाथ में पैड लिए हुए थे. उस शख्स के हाथ में भी एक पैड दिया गया. उनके PA मेरे कान में फुसफुसाए, 'ये इनके हाथ में मत दिलाइए. अच्छा नहीं लगता.' "
बेसिकली अक्षय का कहना है कि वो हमेशा से ज़रूरी सामाजिक विषयों पर फिल्में बनाते रहे हैं. उन्होंने कभी ये परवाह नहीं की कि वो फिल्म कितने पैसे कमाएगी. उन्होंने एक दूसरे इंटरव्यू में अपनी नई फिल्म 'मिशन रानीगंज' के बारे में भी यही बात बोली थी. अक्षय ने कहा था कि 'मिशन रानीगंज' कॉमर्शियल फिल्म नहीं है. अगर फिल्में पैसा नहीं कमाएंगी, तो वो उस तरह की फिल्में करनी बंद थोड़ी कर देंगे.
अक्षय की कही बात सही भी साबित होती नज़र आ रही है. उनकी फिल्म 'मिशन रानीगंज' ने पहले दिन देशभर से 2.85 करोड़ रुपए की कमाई की है. जो कि बेहद कमज़ोर ओपनिंग है. इस बायोग्राफिकल फिल्म को टिनू सुरेश देसाई ने डायरेक्ट किया है.
वीडियो: मूवी रिव्यू: OMG 2

