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कौन हैं पल्लवी पटेल, जिन्होंने केशव प्रसाद मौर्य को हरा दिया?

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के नतीजों में कई मंत्रियों और कद्दावर नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है. इन मंत्रियों और सियासी दिग्गजों को हराने वाले नेताओं की काफी चर्चा है. इनमें से एक नाम है अपना दल (कामेरावादी) की नेता पल्लवी पटेल का. उन्होंने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री रहे केशव प्रसाद मौर्य को हराया है.

पल्लवी पटेल समाजवादी पार्टी की टिकट पर कौशांबी जिले की सिराथू से चुनाव लड़ी थीं. उन्हें कुल एक लाख छह हजार 278 वोट मिले हैं. वहीं बीजेपी नेता केशव प्रसाद मौर्य को 98 हजार 941 वोट मिले. दोनों नेताओं के बीच हुई जोरदार टक्कर में पल्लवी पटेल ने केशव प्रसाद को 7,337 वोटों से हरा दिया. बसपा के मुंसब अली तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 10 हजार से कुछ ज्यादा वोट मिले हैं.

गुरुवार, 10 मार्च को जब सिराथू की वोट काउंटिंग चल रही थी, तब कई बार गड़बड़ी होने की बात सामने आई थी. दरअसल हार-जीत का अंतर बहुत ज्यादा नहीं दिख रहा था, इसलिए ऐसी जानकारी सामने आ रही थी. दोनों ही पक्ष वोटों की गिनती में हेरफेर करने का आरोप लगा रहे थे. ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए प्रशासन ने काउंटिंग सेंटर पर अतिरिक्त फोर्स लगा दी थी. आखिरकार देर रात प्रशासन ने पल्लवी पटेल को जीत का सर्टिफिकेट दे दिया.

क्या बोले थे केशव प्रसाद मौर्य?

पल्लवी को जब सिराथू से उम्मीदवार बनाया गया था, तब केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था,

‘पल्लवी मेरी छोटी बहन जैसी हैं. सिराथू क्षेत्र में पल्लवी का बहन के रूप में स्वागत हो सकता है, लेकिन प्रत्याशी के तौर पर सेंध लगाना उनके बस की बात नहीं है.’

लेकिन परिणाम बताते हैं कि पल्लवी ने मौर्य के वोट बैंक में ऐसी सेंध लगाई है कि उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ गया. जीत के बाद उन्होंने ट्वीट किया,

ये चुनाव सिराथू की जनता ने लड़ा है और जीत भी जनता की हुई है. आपके संघर्षों को सलाम कि आप ऐसे मुश्किल माहौल में भी डटे रहे और न्याय से समझौता नहीं होने दिया. सिराथू की जनता को उसकी जीत की बधाई… सिराथू की जनता के चरणों में सेवा के संकल्प के साथ समर्पित.

कौन हैं पल्लवी पटेल?

पल्लवी पटेल ओबीसी नेता डॉ. सोनेलाल पटेल की बेटी और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल की बहन हैं. विधानसभा चुनाव में पल्लवी पटेल की पार्टी अपना दल (कामेरावादी) ने सपा के साथ गठबंधन किया था. वहीं अनुप्रिया पटेल का अपना दल (सोनेलाल) पिछले कई सालों से भाजपा के साथ चुनाव लड़ता आ रहा है. दोनों पार्टियां अपना दल से निकली हैं, जिसका गठन साल 1995 में सोनेलाल पटेल ने किया था.

साल 2009 में एक सड़क दुर्घटना में सोनेलाल की मौत हो गई थी. उनकी पत्नी कृष्णा पटेल हैं, जिनकी चार बेटियां हैं. उनमें से दो हैं पल्लवी और अनुप्रिया. सोनेलाल के निधन के बाद कृष्णा पटेल अपना दल की अध्यक्ष बनीं. अनुप्रिया को पार्टी महासचिव बनाया गया. साल 2012 के चुनाव में अनुप्रिया पटेल इस सीट से चुनाव जीती थीं, लेकिन साल 2014 में वह मिर्जापुर से लोकसभा के लिए चुन ली गईं, जिसके बाद यह सीट खाली हुई थी.

लेकिन चुनाव के बाद परिवार में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब कृष्णा ने पल्लवी पटेल को पार्टी का उपाध्यक्ष बना दिया. तब अनुप्रिया ने अपनी मां के फैसले को ‘गैरकानूनी और मनमाना’ करार दिया था. बाद में कृष्णा ने अनुप्रिया पटेल को पार्टी के महासचिव पद से हटा दिया.

Sirathu Election Results
सिराथु चुनाव परिणाम 2022.

इन सब के बीच अनुप्रिया पटेल ने साल 2016 में अपना दल (सोनेलाल) नाम से पार्टी बना ली. उन्होंने साल 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन किया था, जहां 11 में से उनके नौ प्रत्याशी जीतने में कामयाब रहे. इस बार के चुनाव में उन्होंने 12 सीटों पर जीत हासिल की है.

वहीं कृष्णा पटेल ने साल 2020 में अपना दल (कामेरावादी) बनाई, जिसकी सदस्य पल्लवी पटेल हैं. इस बार के चुनाव में अनुप्रिया पटेल ने अपनी बहन पल्लवी के खिलाफ चुनाव प्रचार किया था. हालांकि उन्हें जीतने से नहीं रोक पाईं.


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