Raghopur Election Result: तेजस्वी यादव की जीत, बीजेपी कितने वोट से हारी?
Raghopur Vidhan Sabha Chunav Results Live Updates: तेजस्वी यादव इस सीट पर पहले पिछड़ रहे थे, लेकिन आखिर में उन्होंने 14 हजार से ज्यादा वोटों से ये सीट जीत ली है.

RJD ने खुद का गढ़ माने जाने वाली सीट राघोपुर आखिरकार बचा ही ली. यह सीट पर तेजस्वी यादव ने जीत ली है. उन्हें कुल 1,18,597 वोट मिले. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार सतीश कुमार को 14,532 वोटों से अंतर से हराया. लेकिन मतों की गिनती के कई राउंड्स के दौरान तेजस्वी कई बार पिछड़ते भी दिखाई दिए थे.
एक वक्त पर तो वह सतीश कुमार से करीब 5,000 वोटों तक से पीछे हो गए थे. लेकिन आखिरी राउंड्स की गिनती में तेजस्वी ने बढ़त बनाई और इस सीट पर आरजेडी की जीत का सिलसिला टूटने से रोक लिया. वहीं, इस तीसरे नंबर पर निर्दलीय उम्मीदवार बलिराम सिंह रहे.
गिनती में कब आगे, कब पीछे?राघोपुर सीट पर पहले राउंड की गिनती के बाद तेजस्वी 725 वोट से आगे थे. बीजेपी के सतीश कुमार दूसरे नंबर पर थे. चार राउंड की गिनती के बाद वह 3,016 वोट से पिछड़ गए थे. बीजेपी के सतीश कुमार ने लीड बना ली थी. 7वें राउंड की गिनती के बाद तेजस्वी 106 वोट से पीछे हो गए थे. 8वें राउंड की मतगणना के बाद तेजस्वी यादव 585 वोट से आगे हो गए थे.
9वें राउंड में वो फिर से पिछड़ गए थे. 2,288 वोट से ट्रेल कर रहे थे. 11वें राउंड के बाद तेजस्वी 4,829 वोट से पीछे थे. 16वें राउंड के बाद वह 10 हजार वोट से पीछे चल रहे थे. 19वें राउंड में पासा पलटा. तेजस्वी यादव 1,189 वोटों से आगे हो गए. 30वें राउंड तक तेजस्वी की ये लीड 14,636 वोट की हो गई थी. 32वें और आखिरी राउंड के बाद तेजस्वी 14,532 की लीड पर थे.
राघोपुर विधानसभा सीटबता दें कि वैशाली जिले की यह सीट सीट आरजेडी और लालू परिवार का गढ़ मानी जाती है. लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी तीनों यहां से लड़ चुके हैं और जीत चुके हैं. यह सीट हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. 1995 से पहले यह बिहार की सामान्य सीट थी. चर्चा में तब आई जब मूलतः सारण के रहने वाले लालू प्रसाद यादव सोनपुर सीट छोड़कर राघोपुर से लड़ने आए. राघोपुर दो मुख्यमंत्रियों लालू और राबड़ी और ए क उपमुख्यमंत्री तेजस्वी को चुनने वाली सीट है.
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लेकिन 2010 में अप्रत्याशित रूप से राबड़ी देवी इस सीट से चुनाव हार गई थीं. जेडीयू के सतीश यादव ने उन्हें हरा दिया था. 1995 के बाद से पहली बार लालू परिवार का कोई सदस्य चुनाव हारा था. मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री देने वाली इस सीट के अंतर्गत रहने वाले लोगों की चुनौती कई दशकों बाद भी पहले जैसी ही है. यहां के लोगों को आज भी पटना जाने के लिए 1.5 किमी. गंगा को नाव से पार करना पड़ता है.
जातीय समीकरण की बात करें तो इस सीट पर 31 फीसदी यादव हैं. यहां भाई बनाम भाई का मुकाबला था क्योंकि इस बार तेजस्वी के खिलाफ तेज प्रताप ने अपनी पार्टी JJD का प्रत्याशी भी खड़ा किया था. लेकिन तेज प्रताप के प्रत्याशी प्रेम कुमार को सिर्फ 709 वोट मिले और वह चुनाव हार गए.
वीडियो: बिहार चुनाव: तेजस्वी यादव ने वोटिंग से पहले राघोपुर सीट पर ये खेल कर दिया

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