लोकसभा चुनाव 2019 के लिए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश के लिए 12 कैंडिडेट्स की एक औरलिस्ट जारी की है. एमपी की मोस्ट अवेटेड सीट माने छिंदवाड़ा सीट से प्रत्याशीडिक्लेयर हो गया है. और प्रत्याशी हैं यहां से सांसद रहे और अब मुख्यमंत्री कमलनाथके बेटे नकुलनाथ. नकुल के अलावा सागर से प्रभुसिंह ठाकुर, दमोह से प्रताप सिंहलोधी, सतना से राजा राम त्रिपाठी, रीवा से सिद्धार्थ तिवारी, सीधी से अजय सिंह,जबलपुर से विवेक तन्खा, मंडला से कमल तिवारी, देवास से प्रह्लाद टिपानिया, उज्जैनसे बाबूलाल मालवीय, खरगोन से गोविन्द मुजाल्दा और खंडवा से अरुण यादव को टिकट दियागया है.लिस्ट देखिए.आइए जानते हैं कुछ प्रमुख सीटों से लड़ रहे उम्मीदवारों के बारे में-छिंदवाड़ा- इस सीट से कमलनाथ 9 बार सांसद रह चुके हैं. मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्रीबनने के बाद उन्होंने यह सीट छोड़ दी. अब यह सीट उनके बेटे नकुलनाथ को दी गई है.देवास- इस सीट से कांग्रेस ने 65 साल के प्रह्लाद टिपानिया को टिकट दियाहै. प्रह्लाद लोकगायक हैं. मालवी स्टाइल में कबीर के भजन गाने के लिए जाने जातेहैं. लोकगीत गाने के लिए ब्रिटेन, अमेरिका, पाकिस्तान सहित कई देश जाते रहे हैं.लोकगीत के क्षेत्र में बेहतरीन काम करने के लिए इन्हें पद्मश्री पुरस्कार भी दियागया है. देवास सुरक्षित सीट है.लोक गायक प्रह्लाद टिपानियासीधी- यह मध्यप्रदेश की अहम लोकसभा सीट में से है. यहां से अजय सिंह राहुल को टिकटदिया गया है. अजय पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के बेटे और एमपी में नेताप्रतिपक्ष रहे हैं. विधानसभा चुनावों में उनको पार्टी की परंपरागत सीट चुरहट परबीजेपी ने हरा दिया था. अजय को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाए जाने की बात की जा रहीथी, लेकिन अब वह लोकसभा चुनाव लड़ेंगे.खंडवा- यहां से एमपी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव को टिकट दिया गया है.2014 चुनाव में अरुण को बीजेपी के नंदकुमार चौहान ने हराया था. हालांकि पार्टी नेफिर उन पर दांव लगाया है.रीवा- इस सीट से सिद्धार्थ तिवारी को टिकट दिया गया है. सिद्धार्थ, विधायक और सांसदरहे सुंदरलाल तिवारी के बेटे हैं जिनकी मौत इसी साल मार्च में हो गई है. सुंदरलालमध्यप्रदेश में सफ़ेद बाघ के नाम से जाने-पहचाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्षश्रीनिवास तिवारी के बेटे हैं. श्रीनिवास की गिनती विंध्य के बड़े नेताओं में होतीथी. श्रीनिवास विंध्य प्रदेश को मध्य प्रदेश से अलग करने की मांग उठाते रहते थे.जबलपुर- विवेक तन्खा का एमपी की इस बड़ी सीट से नंबर लगा है. वे मौजूदा वक्त मेंराज्यसभा सांसद हैं. विवेक, मध्य प्रदेश के सबसे कम उम्र के एडवोकेट जनरल रहे हैं.विवेक 2014 में भी जबलपुर सीट से ही चुनाव लड़े थे, लेकिन दो लाख से अधिक वोटों सेबीजेपी के राकेश सिंह से चुनाव हार गए थे.राज्यसभा सांसद विवेक तन्खादमोह- यहां से प्रताप सिंह लोधी को टिकट दिया गया है. प्रताप 2018 में हुए विधानसभाचुनाव में भी जबेरा सीट से लड़े थे मगर हार गए थे. 2013 में इसी सीट से प्रताप सिंहविधायक चुने गए थे. पार्टी ने उन्हें एक और मौका दिया है. मगर उनके सामने प्रहलादपटेल जैसा बीजेपा का बड़ा नेता मैदान में होगा.मध्यप्रदेश में लोकसभा की 29 सीटों पर 4 चरणों में चुनाव होने हैं.--------------------------------------------------------------------------------वीडियो- जमुई की रैली में मोदी ने 70 साल वाली बात क्या सोचकर की?