The Lallantop
Advertisement

बिहार में सामने आया NEET एग्जाम के नाम पर गंदा खेल, पेपर से पहले ही बंटे थे लाखों के चेक

NEET मामले में अब तक 4 उम्मीदवारों और उनके परिजनों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

Advertisement
neet exam paper leak bihar eou post dated cheque exam mafia
परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट समेत सात हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं. (फाइल फोटो- ANI)
17 जून 2024
Updated: 17 जून 2024 22:24 IST
font-size
Small
Medium
Large
whatsapp share

NEET परीक्षा में गड़बड़ी का मामला फिलहाल कोर्ट में है. इस बीच परीक्षा में कथित पेपर लीक (NTA Paper Leak) मामले की जांच कर रही बिहार आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को कुछ अहम सुराग मिले हैं. EOU ने 6 पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए हैं. कहा जा रहा है कि ये चेक कथित तौर पर पेपर सॉल्व कराने वाले माफिया के नाम जारी किए गए थे. आरोप है कि इसी माफिया ने NEET परीक्षा से पहले प्रश्न-पत्र उपलब्ध कराने के लिए हर एक कैंडिडेट से 30 लाख रुपये से भी ज्यादा की डिमांड की थी.

समाचार एजेंसी PTI से बातचीत करते हुए बिहार आर्थिक अपराध इकाई के उप-महानिरीक्षक (DIG) मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इन पोस्ट-डेटेड चेक के बारे में जानकारी दी है. ढिल्लों ने बताया,

"जांच के दौरान EOU के अधिकारियों ने छह पोस्ट-डेटेड चेक बरामद किए. ये उन माफियाओं के पक्ष में जारी किए गए थे जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा से पहले कैंडिडेट्स को NEET के प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे."

उन्होंने आगे बताया कि इन अकाउंट होल्डर्स की जानकारी के लिए संबंधित बैंक से जानकारी जुटाई जा रही है. मामले में अब तक 4 उम्मीदवारों और उनके परिजनों सहित 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे

आजतक से जुड़े आदित्य वैभव की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कथित पेपर लीक मामले में पुलिस को ‘सॉल्वर गैंग’ के पास से 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मिले थे. इनमें से 4 को पुलिस ने पेपर लीक के समय ही हिरासत में ले लिया था. बाक़ी 9 (जिनमें से 7 बिहार और एक-एक उत्तर-प्रदेश और महाराष्ट्र से हैं) को नोटिस भेजा गया है. आरोप है कि इन सभी को NEET परीक्षा से पहले क्वेश्चन-पेपर और आंसर शीट मिल गए थे.

इन उम्मीदवारों के बारे जानकारी के लिए EOU ने NTA को पत्र लिखा था. साथ ही, रेफरेंस NEET प्रश्न पत्र की भी मांग की थी. EOU के DIG मानवजीत सिंह ढिल्लों ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया था कि NTA ने अपने जवाब में मांगे गए परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र भेज दिए थे.

इसी के जरिये EOU को परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर और पते की जानकारी मिली. उन पतों पर ही नोटिस भेजकर परीक्षार्थियों को पूछताछ के लिए बुलाया गया.

NTA में सुधार की जरूरत!

उधर, NEET Paper Leak से जुड़े विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपना रुख बदल लिया है. उन्होंने NEET मुद्दे पर सख्ती दिखाते हुए दोषियों को न बख्शने की बात कही. साथ ही उन्होंने माना है कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधार की जरूरत है. उन्होंने छात्रों को आश्वासन दिया है कि जो भी इस अपराध में संलिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा,

“NEET के संबंध में 2 प्रकार की अव्यवस्था का विषय सामने आया है. शुरुआती जानकारी थी कि कुछ छात्रों को कम समय मिलने के कारण उन्हें ग्रेस नंबर दिए गए. इसे केंद्र सरकार ने नामंजूर कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 1,563 अभ्यर्थियों की दोबारा परीक्षा का आदेश दिया गया है. दूसरा 2 जगहों पर कुछ गड़बड़ियां सामने आई हैं. मैं छात्रों और अभिभावकों को आश्वस्त करता हूं कि इसे भी सरकार ने गंभीरता के साथ लिया है.”

उन्होंने आगे कहा,

“हम सारे विषयों को एक निर्णायक स्थिति तक ले जाएंगे. उसमें जो भी बड़े अधिकारी होंगे उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा. NTA में बहुत सुधार की आवश्यकता है. सरकार इस पर चिंता कर रही है, किसी गुनहगार को छोड़ा नहीं जाएगा उन्हें कठोर से कठोर दंड मिलेगा.”

इससे पहले शनिवार, 15 जून को धर्मेंद्र प्रधान ने कुछ छात्रों और अभिभावकों से अपने दफ्तर में मुलाकात की थी. उन्होंने उनका पक्ष सुना और उनकी सभी चिंताओं का निष्पक्ष और समानता के साथ समाधान करने का आश्वासन दिया. हालांकि, इससे पहले अपने ताजा स्टैंड से इतर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA का पक्ष लेते हुए पेपर लीक की बात को नकार दिया था.

एग्जाम को लेकर क्या आरोप हैं?

अंडर ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए होने वाली NEET परीक्षा सवालों के घेरे में है. इस बार 5 मई को हुए एग्जाम में लगभग 24 लाख छात्र/छात्राएं बैठे थे. 4 जून को NTA ने परीक्षा का रिजल्ट जारी किया. इसमें पता चला कि कुल 67 कैंडिडेट्स को 720 में से 720 नंबर मिल गए हैं. इतने कैंडिडेट्स के 100 फीसदी नंबर देखने के बाद रिजल्ट को लेकर सवाल खड़े किए जाने लगे. NTA द्वारा स्टूडेंट्स को दिए गए ग्रेस मार्क्स पर भी सवाल खड़े किए गए. परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट समेत सात हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर हुई हैं. अब इन सभी याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को सुनवाई करेगा.

वीडियो: पेपर लीक नहीं हुआ, इस निष्कर्ष पर कैसे पहुंचे? शिक्षा मंत्री ने ये जवाब दिया

thumbnail

Advertisement

Advertisement