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ये यूनिवर्सिटी 100 नंबर के पेपर में 103 नंबर देती है, फिर अगले दिन पास बच्चों को फेल कर देती है!

मतलब ऐसा हमेशा होता हो, तो हम भी एडमिशन ले लें, हांय!

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24 जून 2022 (अपडेटेड: 28 जून 2022, 12:12 PM IST)
Visvesvaraya Technological University
विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में एग्जाम देते छात्र (फाइल फोटो- Visvesvaraya Technological University)
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कर्नाटक की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (VTU). हाल में यहां सेमेस्टर एग्जाम के रिजल्ट आए हैं. यूनिवर्सिटी ने रिजल्ट जारी करने में भारी गड़बड़ कर दी. तीसरे सेमेस्टर के कई इंजीनियरिंग छात्रों को अधिकतम मार्क्स यानी 100 से भी ज्यादा नंबर दे दिए गए. मंगलवार 21 जून को इंजीनियरिंग थर्ड सेमेस्टर का रिजल्ट जारी हुआ. कुछ छात्रों को एक विषय में 103 मार्क्स भी दिए गए. इसके बाद कई छात्र यूनिवर्सिटी पर सवाल उठाने लगे.

इंडिया टुडे से जुड़े के कार्तिक की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने तुरंत गलतियों को सुधारने का फैसला लिया. लेकिन अगले दिन कुछ छात्रों को रिजल्ट ने शॉक दे दिया. बुधवार 22 जून को जो करेक्शन आया, उसमें कुछ छात्र फेल बताए गए जबकि एक दिन पहले वे उसी विषय में पास थे. यूनिवर्सिटी की इस लापरवाही पर छात्रों ने प्रदर्शन करने की चेतावनी दे दी.

OMR के कारण हुई गलती- यूनिवर्सिटी

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे सेमेस्टर के कुछ छात्रों को CPC (कॉन्स्टिट्यूशन ऑफ इंडिया, प्रोफेशनल एथिक्स एंड साइबर लॉ) के पेपर में 100 से ज्यादा अंक मिले थे. जैसे ही यूनिवर्सिटी अधिकारियों तक ये खबर पहुंची, वे रिजल्ट सुधारने में जुटे. यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार बीई रंगास्वामी ने कहा, 

"एग्जाम OMR शीट पर लिया गया था और यह 100 मार्क्स का था. पेपर में 60 मार्क्स एक्सटर्नल और 40 मार्क्स इंटरनल के लिए थे. इसलिए OMR में 100 की जगह 60 मार्क्स होने चाहिए थे. एग्जाम इनचार्ज ऐसा करवाना भूल गए. हालांकि जब गलती का पता चला तो हमने तुरंत सुधार किया."

गलती में सुधार हो गई लेकिन कुछ छात्रों के मार्क्स इतने कम हो गए वे असमंजस में पड़ गए. एक छात्र ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, 

"मंगलवार को मेरी बहन का रिजल्ट 'पास' आया था. अब वे फेल बता रहे हैं. ये कैसे हो सकता है? इनमें कौन सा सही है? इस तरह से पब्लिश्ड रिजल्ट का बदलना सही नहीं है."

दूसरे विषय में कैसे फेल हो गए स्टूडेंट?

रिपोर्ट के मुताबिक, सीपीसी के अलावा कुछ छात्रों ने दूसरे विषयों में भी 'फेल' होने की शिकायत की है. इस पर रजिस्ट्रार ने बताया, 

"यह यूनिवर्सिटी की ग्रेस मार्क्स पॉलिसी के कारण है. जब कुछ छात्र करेक्शन के बाद सीपीसी में फेल हुए, तो ग्रेस मार्क्स के तहत उन्हें जिन दूसरे विषयों में अतिरिक्त अंक दिए गए थे वे अपने आप खत्म हो गए. इसी कारण वे दूसरे पेपर में भी फेल हुए हैं."

इस 'पास-फेल' के चक्कर में छात्रों ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला किया है. वीटीयू में NSUI के प्रभारी अनवीत कटील ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब यूनिवर्सिटी इस तरह की गलती कर रही है. उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ न्याय होने तक हम प्रदर्शन करेंगे.

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