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IIT-Hyderabad हेरिटेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी में शुरू कर रहा है MTech कोर्स, ऐसे करें अप्लाई

हेरिटेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी का ये मास्टर्स प्रोग्राम इसी साल अगस्त के महीने से शुरू किया जाएगा.

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23 जून 2022 (अपडेटेड: 23 जून 2022, 07:16 PM IST)
मास्टर्स प्रोग्राम इसी साल अगस्त के महीने से शुरू किया जाएगा(सोर्स-आज तक)
मास्टर्स प्रोग्राम इसी साल अगस्त के महीने से शुरू किया जाएगा(सोर्स-आज तक)
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IIT हैदराबाद (IIT-H), तीन स्पेशलाइजेशन के साथ हेरिटेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी में MTech कोर्स शुरू करने जा रहा है. इसके लिए संस्थान में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस यानी 21 जून को हेरिटेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी (HST) के एक नए विभाग का लोकार्पण किया गया. इस विभाग का उद्घाटन पद्म भूषण डॉ. विजय भटकर ने किया. डॉ. भटकर को भारत के PARAM सीरीज के सुपर कंप्यूटर के जनक के रूप में जाना जाता है.

अगस्त 2022 से शुरू होगा प्रोग्राम

हेरिटेज साइंस एंड टेक्नोलॉजी का ये मास्टर्स प्रोग्राम इसी साल अगस्त में शुरू हो जाएगा. ये प्रोग्राम ऑनलाइन माध्यम में होगा. मास्टर्स प्रोग्राम तीन स्पेशलाइजेशन में होगा- टेक्नोलॉजी फॉर योगा, इंडिक लैंग्वेज प्रोसेसिंग और कंजर्वेशन व री-कंस्ट्रक्शन. कोर्स का ड्यूरेशन 2 साल का होगा. जिसमें दूसरा साल रिसर्च प्रोजेक्ट और प्रोडक्ट डेवलेपमेंट के लिए होगा.

 यहां एक बात गौर करने वाली है कि छात्रों के पास इस प्रोग्राम से एक साल बाद बाहर आने का विकल्प भी है. इस स्थिति में छात्रों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा (PGD) का सर्टिफिकेट दिया जाएगा. कोर्स का मुख्य आकर्षण प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में एक इन-कैंपस, इन-पर्सन वीकेंड वर्कशॉप/हैकाथॉन है.

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक डॉ. विजय भटकर ने कहा,

 भारत के प्रमुख संस्थानों में हेरिटेज और साइंस को एक साथ लाना भारतीय एजुकेटर्स के बीच एक छोटा लेकिन विशाल कदम है. यह प्राचीन तक्षशिलाओं और नालंदाओं को समकालीन रूप में फिर से बनाने का रास्ता दिखाता है. हमें खुशी है कि आईआईटी हैदराबाद ने इसमें अग्रणी भूमिका निभाई है.

एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया क्या है?

ऑनलाइन मास्टर्स कोर्स के लिए कैंडिडेट को चार साल के ग्रेजुएट कोर्स से पास होना जरूरी होगा. ग्रेजुएशन इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मेडिसिन या साइंस में से किसी भी स्ट्रीम में हो सकता है. इसके अलावा MSc डिग्री वाले भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं. डिग्री में कम से कम 60% नंबर होने चाहिए. SC/ST केटेगरी के छात्रों के पास ग्रेजुएशन में 55% नंबर होने चाहिए. 

HST डिपार्टमेंट शुरू करने के पीछे के उद्देश्य के बारे में बताते हुए डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ. मोहन राघवन ने कहा, 

हमारी विरासत, जिसमें हमारे स्मारक, पुरातात्विक स्थल, भाषा, पोशाक, ज्ञान प्रणाली और स्वदेशी प्रौद्योगिकियां शामिल हैं, पूरी मानवता के लिए संपत्ति की तरह हैं. HST का लक्ष्य इस टूटे हिस्से को जोड़ना और आधुनिक बनाना है. यह विरासत के आसपास के जीवन और आजीविका को समृद्ध बनाने में मदद करता है और स्वचालित रूप से यह सुनिश्चित करता है कि विरासत जीवित रहे और फले-फूले.

इस प्रोग्राम में अप्लाई करने के लिए लास्ट डेट 7 जुलाई 2022 है. अगर आप इस कोर्स के लिए अप्लाई करना चाहते हैं और अधिक जानना चाहते हैं तो इस लिंक पर क्लिक करें.

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