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शेयर मार्केट में क्यों हुई बड़ी गिरावट? अभी और बुरा हो सकता है!

Stock Market Big Fall: 21 जनवरी को रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक और ज़ोमैटो जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली.

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21 जनवरी 2025 (अपडेटेड: 21 जनवरी 2025, 09:09 PM IST)
share market closing bell on 21 january 2025 Loss of 7 lakh crores in one year
शेयर बाजार में मंगलवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. (सांकेतिक तस्वीर - इंडिया टुडे)
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शेयर बाजार में मंगलवार, 21 जनवरी को भारी गिरावट दर्ज की गई. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 1,300 अंकों (1.60%) की गिरावट के साथ 75,838.36 पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी-50 में भी बड़ी गिरावट देखी गई. निफ्टी 299 अंकों (1.28%) की गिरावट के साथ 23,045.30 पर बंद हुआ. रिलायंस इंडस्ट्रीज, ICICI बैंक और ज़ोमैटो जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली.

इस गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के व्यापार शुल्क संबंधी एलान को माना जा रहा है. उनके इस फैसले से निवेशकों का विश्वास प्रभावित हुआ है.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, BSE सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 2% की गिरावट आई है. BSE में लिस्टेड कंपनियों को 7.4 लाख करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है. इसके कारण कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण घटकर 425 लाख करोड़ रुपये हो गया है.

शेयर बाजार में गिरावट के प्रमुख कारण

डॉनल्ड ट्रंप की व्यापार शुल्क नीति: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने शपथ ग्रहण के बाद कनाडा और मैक्सिको पर 1 फरवरी से 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इसके अलावा, ट्रंप ने चीन समेत ब्रिक्स देशों पर भी महंगे टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है. इससे दुनिया भर के बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है.

विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली: अमेरिकी डॉलर में मजबूती के कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने भारतीय बाजार में बिकवाली तेज कर दी है. 20 जनवरी तक लगभग 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की जा चुकी है.

तिमाही नतीजों का प्रभाव: दिसंबर तिमाही के वित्तीय नतीजों का असर बाजार पर दिख रहा है. पूंजीगत सामान, मेडिकल सेवा और टेलीकम्युनिकेशन जैसे क्षेत्रों में लाभ की संभावना है, लेकिन मेटल, केमिकल्स, कंज्यूमर स्टेपल्स, बैंक, ऑयल और गैस क्षेत्रों में मंदी की आशंका जताई जा रही है.

ये भी पढ़ें- राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप का पहला भाषण, मिडिल ईस्ट पर क्या बोले जो हॉल तालियों से गूंज उठा?

ज़ोमैटो और दूसरी कंपनियों का असर: ज़ोमैटो ने सेंसेक्स की गिरावट में अकेले 170 अंकों का योगदान दिया है. कंपनी के शेयर 11% तक गिर गए. ऐसा कंपनी के दिसंबर तिमाही के नेट प्रॉफिट में 57% की साल-दर-साल गिरावट की घोषणा के बाद हुआ है. वहीं, रिलायंस, ICICI बैंक, HDFC बैंक और SBI जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर में भी भारी गिरावट देखी गई. 

आगामी बजट: 1 फरवरी को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश किया जाएगा. बजट में किन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी, इसको लेकर भी बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है.

वीडियो: 2024 में शेयर मार्केट से ऐसे कर सकते हैं कमाई, ये भी समझिए कि 2023 में क्या हुआ

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