सोना-चांदी में आई भयंकर गिरावट, पैसा लगाने का अच्छा मौका या अभी करें इंतजार, सब जानिए
सोने-चांदी की कीमतों में आई सिर्फ इस गिरावट की वजह से 23 मार्च को सिर्फ दो तीन घंटों में ही निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन ये तो सिर्फ आज भर का नुकसान है. पिछले करीब दो महीने में तो सोने-चांदी में पैसा लगाने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है. ऐसे में अब निवेशकों को क्या कदम उठाने चाहिए?

सोमवार 23 मार्च को सोने-चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली. दोपहर 1 बजे के आसपास कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर सोने का अप्रैल वायदा करीब 12 हजार 200 रुपये (8.5%) गिरकर 1 लाख 32 हजार 270 रुपये प्रति दस ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था. वहीं, इस दौरान मई डिलीवरी वाली चांदी का भाव 21 हजार रुपये (9%) लुढ़ककर 2 लाख 6 हजार रुपये के आसपास आ गया. सोने-चांदी की कीमतों में आई सिर्फ इस गिरावट की वजह से 23 मार्च को सिर्फ दो तीन घंटों में ही निवेशकों को 2 लाख करोड़ रुपये नुकसान उठाना पड़ा. लेकिन ये तो सिर्फ आज भर का नुकसान है. पिछले करीब दो महीने में तो सोने-चांदी में पैसा लगाने वाले लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
दो महीने में सोना 30% और चांदी 50% लुढ़कीअगर बात रिकार्ड ऊंचाई से करें तो पिछले करीब दो महीने में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर चांदी का भाव करीब आधा रह गया है. वहीं सोने के दाम इस दौरान 30 परसेंट गिरे हैं. लल्लनटॉप से साझा की गई केडिया एडवाइजरी की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि 29 जनवरी 2026 से अब तक सोने के दाम 30 परसेंट लुढ़क गए हैं. 29 जनवरी को सोने का दाम 1 लाख 93 हजार 800 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास पहुंच गया था. इसी तरह से रिकॉर्ड ऊंचाई से चांदी 50 परसेंट सस्ती हो चुकी है. एमसीएक्स पर चांदी 4 लाख 20 हजार 48 रुपये के रिकॉर्ड स्तर तक जा चुकी है.
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क्यों गिर रहे सोना-चांदी?केडिया एडवाइजरी ने अपने नोट में कहा है कि सोने-चांदी की कीमतों में यह गिरावट मुख्य रूप से दुबई के रियल एस्टेट बाजार, क्रिप्टोकरेंसी और शेयर बाजारों में जारी भारी बिकवाली के कारण हुई है. इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण इनकी कीमतों में आई काफी तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग को बताया गया है. इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जब ईरान युद्ध शुरू हुआ तो निवेशकों ने मुनाफा कमाने की उम्मीद में भारी मात्रा में सोने-चांदी की खरीदारी की थी. आमतौर पर जब युद्ध होता है या जियो पॉलिटिकल टेंशन होती है तो इससे सोने और चांदी की कीमतें ऊपर चली जाती हैं. अब कई निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं. इसके चलते बाजार में तेजी से गिरावट आई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी रहने से महंगाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. इससे आने वाले समय में दुनियाभर में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कम हो गई है. जानकारों का कहना है कि घटने के बजाय आने वाले वक्त में ब्याज दरों में वृद्धि की संभावना बढ़ गई है.
अमेरिका के केन्द्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने हालिया बैठक में ब्याज दरों कटौती नहीं की है. साथ ही आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया है. इस वजह से डॉलर मजबूत हुआ है. इससे सोने में निवेश करना फायदे का सौदा नहीं रहा है. जब कर्ज महंगा होता है तो सोने में निवेश का आकर्षण घट जाता है क्योंकि यह बांड या बैंक डिपॉजिट्स (एफडी) की तरह तय रिटर्न नहीं देता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम करीब 2.5% गिरकर 4,372 डॉलर प्रति औंस पर आ गए हैं. पिछले हफ्ते भर में विदेशी बाजार में सोने के दाम करीब 10 परसेंट गिरे हैं.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?सेबी रजिस्टर्ड इंटेलिसिस वेंचर्स के सीईओ अमित सुरेश जैन के मुताबिक ऐसा लग रहा है कि सोना-चांदी लंबे समय के लिए मंदी में चले गए हैं. हाल फिलहाल सोने के दाम एक लाख 55 हजार रुपये प्रति दस ग्राम से ऊपर जाते नहीं दिख रहे हैं. इस लेवल से ऊपर जाने में कम से कम एक से डेढ़ साल का वक्त लग सकता है. उनका कहना है कि आने वाले दिनों में सोने के दाम एक लाख 15 हजार रुपये के आसपास तक गिर सकते हैं. कुछ महीनों तक सोना 1 लाख 15 हजार से 1 लाख 51 हजार रुपये प्रति ग्राम के बीच कारोबार कर सकता है.
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निवेश प्लेटफॉर्म ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी ने लल्लनटॉप से बातचीत में बताया कि निवेशक सोने में मुनाफावसूली कर रहे हैं. मजबूत अमेरिकी डॉलर और बांड की यील्ड (रिटर्न) बढ़ने से सोने पर दबाव है. ऑगमोंट बुलियन की 23 मार्च 2026 को प्रकाशित रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने में और मुनाफावसूली हो सकती है. इंटरनेशनल मार्केट में सोने के दाम 4,200 डॉलर (एमसीएक्स पर भाव 1.32-1.33 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक) तक गिर सकते हैं.
इस रिपोर्ट में आगे ये भी कहा गया है कि अभी कीमतें ओवरसोल्ड जोन में हैं, इसलिए इस सप्ताह सोने की कीमत में उछाल और शॉर्ट-कवरिंग भी देखने को मिल सकती है. एमसीएक्स पर सोने का दाम 1.48-1.49 लाख रुपये तक जा सकते है. ओवरसोल्ड जोन वो होता है जिसमें किसी भी एसेट (सोना/शेयर) में इतनी ज्यादा और तेज गिरावट आ चुकी हो कि कीमत अपनी वास्तविक वैल्यू से नीचे आ जाए और तकनीकी तौर पर उसमें उछाल की संभावना बन जाए. वहीं, चांदी की कीमत भी इस हफ्ते 2 लाख 40 हजार रुपये तक चढ़ सकती है. चैनानी की सलाह है कि मध्यम से लंबी अवधि के नजरिए वाले निवेशक प्रमुख सपोर्ट स्तरों के पास गिरावट आने पर खरीदारी कर सकते हैं. लेकिन एक साथ नहीं धीरे -धीरे निवेश करना चाहिए.
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