आपने एक PNR पर दो टिकट बुक कीं. उदाहरण के लिए अपनी और पत्नी की. बुकिंग के समय दोनों टिकट वेटिंग में थीं, लेकिन यात्रा से पहले आपकी टिकट तो कन्फर्म हो गई, लेकिन पत्नी जी की टिकट वेटिंग में रही. क्या इसके बाद आपकी पत्नी आपके साथ यात्रा कर (one ticket two passengers train tickets rules) सकती हैं. क्या उनको सीट मिलेगी. क्या उनको यात्रा करने के लिए जनरल की टिकट लेना होगी. दिलचस्प सवाल है और जवाब भी उतना ही दिलचस्प है.
एक PNR पर दो टिकट, एक वेटिंग में, जानिए ऐसे में कितने लोग ट्रेन में चढ़ सकते हैं
एक ही पीएनआर पर टिकट बुक (one ticket two passengers train tickets rules) होने और सभी यात्रियों को आरक्षित कोच में सफर करने की अनुमति मिलने का मतलब हमेशा एक जैसा नहीं होता. इसके लिए टिकट का ऑनलाइन या रेलवे काउंटर से बुक होना और चार्ट बनने के बाद उसकी स्थिति जानना जरूरी है.

अगर टिकट ऑनलाइन बुक हुई है तो समझ ये है कि टिकट कन्फर्म नहीं हुई, माने वेटिंग में रह गई तो वो अपने आप कैंसिल मानी जाएगी. आपका पैसा आपके अकाउंट में अपने आप वापस आ जाएगा. जो आपको यात्रा करनी है तो फिर जनरल का टिकट लीजिए और जनरल में ही यात्रा कीजिए. आप ठीक पढ़े. पहले की तरह अब आप जनरल टिकट पर स्लीपर या AC में ये सोचकर नहीं घुस सकते कि TTE से बात करके और जुर्माना तथा टिकट का किराया देकर यात्रा कर लेंगे. अगर कोई यात्री बिना वैध टिकट या अनुमति के आरक्षित कोच में सफर करता है, तो रेलवे के नियमों के अनुसार उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है. हालांकि, जुर्माना कितना होगा और कौन-सी धारा लागू होगी, यह मामले की परिस्थितियों पर निर्भर करता है. रेलवे अधिनियम की धारा 155 खास तौर पर आरक्षित डिब्बे में अनधिकृत प्रवेश या अधिकृत यात्री के कहने पर भी वहां से न हटने जैसी परिस्थितियों से जुड़ी है.
बुकिंग काउंटर से ली गई टिकट पर नियम अलग है. आपकी टिकट वेटिंग में है तब भी आप अपनी टिकट की क्लास के हिसाब से यात्रा कर सकते हैं. आगे आपको सीट मिले या नहीं मिले वो उपलब्धता पर निर्भर करेगा. इस हिसाब से तो ऑनलाइन वाली टिकट पर अगर एक वेटिंग रह गई तो यात्रा नहीं कर सकते. यहीं असली गेम है. अगर सिंगल टिकट है और वेटिंग है तो फिर आप उस टिकट पर यात्रा नहीं कर सकते.
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एक पीएनआर और दो टिकट, एक वोटिंग मेंआपकी टिकट ऑनलाइन है और एक टिकट वेटिंग में है तो भी आप अपनी क्लास में दूसरे यात्री के साथ यात्रा कर सकते हैं. आपको अलग से टिकट लेने की भी जरूरत नहीं. एक सीट तो आपकी रहेगी, हां वेटिंग में सीट मिलेगी या नहीं वो उपलब्धता पर निर्भर करेगा. माने यात्रा के दौरान TTE से आपको बात करनी होगी. वेटिंग टिकट पर यात्रा करने पर आपको कोई जुर्माना भी नहीं देना पड़ता. रेलवे से जुड़े तमाम नियम कायदों पर वीडियो बनाने वाले TTE जितेंद्र मिश्रा ने भी अपनी एक पोस्ट में इसके बारे में बताया है.
जो आपको लगे कि इतनी सुविधा वाला नियम कहां से आ गया तो हमने एक सीनियर रेलवे अधिकारी से बात की. नाम नहीं छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि दरअसल कई यात्री दूसरी वेटिंग टिकट पर यात्रा भी कर लेते थे और रेलवे से पैसा भी रिफ़ंड करवा लेते थे. इसलिए अब नियम ये है कि दूसरी वेटिंग टिकट पर आप यात्रा करो या नहीं, पैसा रिफ़ंड नहीं होगा. हां, जो आपने पूरी टिकट ही कैंसिल कर दी तो फिर नियम के मुताबिक आपको रिफ़ंड मिलेगा.
आपकी यात्रा मंगलमय हो
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