'यह गीत सख़्त सरदर्द भुलाएगा, यह गीत पिया को पास बुलाएगा'
वो शख्स जिसने बताया कि गीत बेचना पाप तो है. पर हर शख्स यहां लाचार है पाप करने के लिए.
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भवानी प्रसाद मिश्र की कविता 'चार कौवे चार हौवे' सुना रहे हैं सौरभ द्विवेदी. भवानी प्रसाद मिश्र ने कविता 'गीत फरोश' लिखी थी.
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