पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में चुनाव नतीजों के बाद हिंसा हो रही है. भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद राज्य के कई हिस्सों से तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आई हैं. माहौल ऐसा है कि जीत की खुशी और हार की तल्खी, दोनों मिलकर टकराव में बदलती दिख रही हैं.
बंगाल में टीएमसी के दफ्तरों पर हमला, बीजेपी के झंडे लिए भीड़ ने की तोड़फोड़, आगजनी
West Bengal TMC office vandalised: पश्चिम बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद कई हिस्सों से हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें सामने आई हैं. सोमवार दोपहर से ही टॉलीगंज, बारुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, बहरामपुर, हावड़ा और कसबा जैसे इलाकों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तरों को निशाना बनाया.


आजतक ने न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सोमवार, 4 मई की दोपहर से ही टॉलीगंज, बारुईपुर, कमरहाटी, बारानगर, बहरामपुर, हावड़ा और कसबा जैसे इलाकों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तरों को निशाना बनाया गया. भीड़ ने कई जगहों पर टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ की, वहां रखी चीजों को नुकसान पहुंचाया और कुछ मामलों में आगजनी भी की गई.
रिपोर्ट के मुताबिक 5 मई की सुबह भी तनाव थमता नहीं दिखा. पश्चिम बर्धमान जिले के जमुड़िया विधानसभा क्षेत्र के रोतिबाती पंचायत इलाके में फिर से हालात बिगड़ गए. यहां माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि पुलिस को लगातार निगरानी रखनी पड़ रही है.
टॉलीगंज के विजयगढ़-नेताजीनगर इलाके में टीएमसी उम्मीदवार और पूर्व मंत्री अरूप बिस्वास के चुनाव दफ्तर में भीड़ घुस गई और जमकर तोड़फोड़ की. इसी तरह रूबी क्रॉसिंग पर टीएमसी पार्षद सुशांत घोष के दफ्तर को भी नहीं छोड़ा गया. बीजेपी के झंडे लिए लोगों की भीड़ ने वहां भी तोड़-फोड़ की.
इन घटनाओं पर टीएमसी ने बीजेपी की आलोचना की. पार्टी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर आरोप लगाया, ‘बीजेपी ने सत्ता में आते ही अपना असली रंग दिखा दिया है. उनके गुंडों ने मुर्शिदाबाद और बहरामपुर में हमारे पार्टी दफ्तर पर हिंसक हमला किया.’
पार्टी का कहना है कि ये वो लोकतंत्र नहीं है जिस पर बंगाल विश्वास करता है. हम इस हिंसा की निंदा करते हैं. लोग डरने वाले नहीं हैं.
टीएमसी ने एक और गंभीर आरोप लगाया. उसने दावा किया कि मानिकतला वार्ड के अध्यक्ष, जो कैंसर के मरीज हैं, उनके साथ भी मारपीट की गई और उनका सिर फोड़ दिया गया. पार्टी ने सवाल उठाया, ‘आखिर वे (हिंसा करने वाले) रुकने से पहले और कितना खून बहाना चाहते हैं?’
उधर, आसनसोल में मामला और उलझा हुआ दिखा. TMC ने आरोप लगाया, ‘बीजेपी का सत्ता के घमंड में लोकतंत्र को कुचलने वाला गंदा खेल शुरू हो गया है! नतीजे आते ही ‘भगवा ब्रिगेड’ अपने असली रंग दिखा रही है. आसनसोल में टीएमसी दफ्तर पर हुई तोड़फोड़ से साफ है कि उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों और बुनियादी मर्यादा की कोई परवाह नहीं है.’

आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, यहां बीजेपी समर्थकों का आरोप है कि रानीगंज इलाके में उनके एक कार्यकर्ता पर हमला हुआ था. इसी के विरोध में प्रदर्शन शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक हो गया. गुस्साई भीड़ ने टीएमसी के एक दफ्तर में तोड़फोड़ की और बाद में उसमें आग लगा दी.
इस घटना के बाद से इलाके में तनाव तनाव बढ़ गया. हालात को काबू में करने के लिए रानीगंज थाने से पुलिस बल भेजा गया. इसके साथ ही केंद्रीय बलों की भी तैनाती की गई, ताकि हिंसा और न बढ़े.
इस पूरे मामले में कोलकाता पुलिस ने भी बयान जारी किया है और कहा कि कोलकाता में चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट शेयर किए जा रहे हैं. इनमें दूसरी जगहों के वीडियो और तस्वीरों को गलत तरीके से कोलकाता से जोड़ा जा रहा है.
कोलकाता पुलिस ऐसे कंटेंट पर नजर रख रही है. गलत जानकारी फैलाने और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस का दावा है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं. नागरिकों से अपील है कि असत्यापित पोस्ट पर यकीन न करें और न ही उन्हें शेयर करें.
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