बदायूं में महिला से गैंगरेप और हत्या मामले के मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण (बाएं) को पुलिस ने उसके एक शिष्य के घर से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आधी रात को ही मामले की जानकारी दी.
बदायूं में महिला से कथित गैंगरेप और हत्या के मुख्य आरोपी महंत सत्यनारायण को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था. जिला मजिस्ट्रेट कुमार प्रशांत ने 7 जनवरी की आधी रात को बताया कि सत्यनारायण एक गांव में अपने अनुयायी के घर में छिपा हुआ था, जहां से उसे पकड़ा गया. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. इससे पहले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.
महिला से दरिंदगी के आरोप लगे
यूपी के बदायूं जिले में 50 साल की इस महिला से बर्बरता के आरोप सामने आए थे. आरोप लगे कि महिला के प्राइवेट पार्ट में रॉड जैसी चीज डालने की कोशिश की गई. उनके एक पैर में फ्रैक्चर पाया गया. शरीर पर कई और जगह गंभीर चोटें मिलीं. जिस महिला के साथ ये वारदात हुई, वो आंगनबाड़ी सहायिका थीं. आरोप है कि मंदिर परिसर में ही इस वारदात को अंजाम दिया गया था. पीड़िता के बेटे ने बताया था,
मेरी मां 3 जनवरी की शाम को गांव के ही मंदिर में पूजा करने गई थीं. काफी देर बाद मंदिर के महंत अपने साथियों के साथ एक गाड़ी में आए. उन्होंने हमें आवाज लगाई और कहा कि मेरी मां कुएं में गिर गई थीं. उनकी मौत हो चुकी थी.महंत मेरी मां का शरीर दरवाजे पर रखकर भाग गया. मेरी मां का शरीर खून से लथपथ था.
पीड़िता के बेटे ने आरोप लगाया था कि हम पुलिस में शिकायत करने गए. मैंने पुलिस को बताया कि महंत ने ही मेरी मां को मारा है. इसके बावजूद पुलिस ने कार्रवाई नहीं की गई. महिला के परिजनों का आरोप है कि पुलिस पहले तो उन्हें टरकाती रही, और कुएं में गिरने को ही मौत की वजह बताती रही. दो दिन तक शव का पोस्टमॉर्टम भी नहीं कराया. जब यह मामला मीडिया में उछला, तब कहीं जाकर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की. उसके बाद 5 जनवरी को पोस्टमॉर्टम कराया गया, जिसमें बलात्कार और शरीर पर गंभीर चोटों की पुष्टि हुई. इसे निर्भया जैसा मामला बताए जाने के बाद योगी सरकार ने सख्ती दिखाई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आरोपियों पर NSA के तहत कार्रवाई करने के आदेश दिए. लापरवाही बरतने के आरोप में उघैती के थाना प्रभारी राघवेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया. एडीजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके बताया कि केस की तहकीकात के लिए एसटीएफ को लगाया गया है.
पोस्टमॉर्टम करने वाले अस्पताल का क्या कहना है?
महिला का पोस्टमॉर्टम जिस अस्पताल में हुआ, उसके CMO ने बताया कि रिपोर्ट में मालूम चला था कि महिला की मौत 12-24 घंटे पहले हुई है. यानी 4 तारीख को. जबकि घरवालों के मुताबिक महिला की लाश 3 तारीख की रात को पुजारी और उसके सहयोगी घर के आगे डालकर भाग गए थे. CMO ने कहा,
महिला के प्राइवेट पार्ट में इंजरी हैं. फेफड़े की इंजरी ज्यादा टिपिकल इंजरी है, जिसमें ब्लीडिंग ज्यादा हुई होगी. मौत की वजह चोटों की वजह से ज्यादा खून बहना है.
महिला के शरीर पर सीमेन मिलने की बात पर सीएमओ ने कहा कि जो स्वैब लिया गया है, उसकी रिपोर्ट आने पर पता चलेगा. देखकर नहीं बता सकते कि सीमेन है या नहीं. रेप की बात पर उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद क्लियर होगा.
कई सवाल भी उठ रहे हैं
ऐसे भी आरोप सामने आए हैं कि पीड़िता को पुजारी ने ही फ़ोन करके मंदिर बुलाया था. मंदिर जिस गांव में है, वहां पीड़िता का मायका भी है. पीड़िता ने मंदिर जाने की बात अपने मायके में भी नहीं बताई थी. सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या आरोपियों ने किसी बहाने से महिला को मंदिर बुलाकर फिर अपराध को अंजाम दिया? आजतक के हवाले से खबर है कि पुलिस को लग रहा है कि वारदात मंदिर में एक खंडहरनुमा कमरे और कुएं पर हुई होगी. ये कुआं ना तो आम रास्ते पर है, ना ही उस खंडहरनुमा कमरे और भीतर बने कुएं का कोई इस्तेमाल करता है. आरोपी पुजारी ने दावा किया था कि महिला कुएं में गिर गई थी. उसने तो मदद की थी. सवाल ये उठता है कि मंदिर में दर्शन करने गई महिला खंडहरनुमा कमरे और उसमें बने कुएं की तरफ क्यों जाएगी? क्या आरोपी उसे जबरन कुएं वाले कमरे में लेकर गये थे? क्या उस रात मंदिर में आरोपियों ने महिला के साथ ज़्यादती की तो वो डर से उस कमरे की तरफ भागी और कुएं मे गिर गयी?