आप क्या खाते हैं, उसका सीधा असर आपकी सेहत पर पड़ता है. ये एक कॉमन रूल है, लेकिन आयुर्वेदिक एक्स्पर्ट डॉ डिंपल जांगड़ा का कहना है कि आपको दिन में कितना और कितनी बार खाना खाना चाहिए, ये हर किसी के लिए अलग हो सकता है. ये आपकी बॉडी और हेल्थ के हिसाब से तय किया जाता है कि आप दिन में कितना खाना खा सकते हैं. और अगर आप इसी हिसाब से खाना खाते हैं तो आप अपना बढ़ा हुआ वजन कम कर सकते हैं.
खाना इस तरह से खाकर आप अपना खूब सारा वजन कम कर सकते हैं!
आपको दिन में कितना और कितनी बार खाना है ये आपके शरीर पर निर्भर करता है.


डिंपल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें उन्होंने बताया कि आयुर्वेद के हिसाब से आपको एक दिन में कितनी बार खाना खाना चाहिए. उसके लिए सबसे पहले आपका अपने शरीर को समझना ज़रूरी है.
अगर आप एक्टोमॉर्फ़ हैं, यानि बहुत दुबले-पतले हैं; आपका मेटाबॉलिज़्म बहुत तेज है; आपका खाना बहुत जल्दी पच जाता है, तो आपको दिन में 4 बार खाना खाना चाहिए. अगर आप बीमार हैं, तब भी आपको दिन में 4 से 5 बार खाना खाना चाहिए. आपको एकदम पेट भर के खाना नहीं खाना है. जब आपको भूख लगे तब ही आपको खाना खाना है और वो भी जितनी भूख लगी है, उससे कम. रात को सोने से 2-3 घंटे पहले खाना खा लेना है. सूरज डूबने के बाद कुछ भी हैवी खाने से बचना है. अगर आपको सोने से पहले भूख लगे तो दूध में एक चुटकी हल्दी या जायफल का पाउडर मिलाकर पी लें. इससे नींद भी अच्छी आएगी. अगर आप अपना खाना चार हिस्सों में बांट लेंगे तो आपको स्नैक्स खाने का मन भी कम करेगा और आप अनहेल्दी खाने से बच जाएंगे.
दिन में 3 बार खानाजब आप स्वस्थ हो जाएं तो आप 4 की बजाय दिन में 3 बार खाना खाना शुरू कर दें. ये एक संतुलित लाइफ़स्टाइल है. जिसमें आपको ब्रेकफास्ट हल्का, लंच भारी और रात का खाना कम रखना है. आप सूरज डूबने से पहले खाना खाने की कोशिश करें. इससे आपके डिनर और ब्रेकफास्ट के बीच 14-16 घंटों का अंतर रहेगा. तो खाना अच्छे से पच जाएगा. आपको दिन भर में किसी भी तरह की स्नैकिंग नहीं करनी है. हर समय जो ठूसते हैं, उससे बचना है. हालांकि, योग में दिन में 3 बार खाना खाने वाले को ‘रोगी’ माना जाता है क्योंकि अगर आप दिन में 3 बार खाना खाते हैं तो वो अच्छे से पच नहीं पाता है.
दिन में 2 बार खानायोग और आयुर्वेद के अनुसार ये खाना खाने का एकदम सही तरीक़ा है. इस से आपके दो मील के बीच 6 घंटों का अंतर बना रहता है. ये इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग करने का आयुर्वेदिक तरीक़ा है. ऐसा करने पर शरीर को खाना पचाने और उसके न्यूट्रिएंट्स को शरीर में अब्ज़ॉर्ब होने के लिए भरपूर समय मिल जाता है. योग के अनुसार दिन में दो बार खाना खाने वाले को ‘भोगी’ कहते हैं.
जब आप एकदम स्वस्थ होते हैं. आपका मेटाबॉलिज़्म एकदम बढ़िया तरह से काम कर रहा होता है, तब आप इस स्टेज पर पहुंच जाते हैं जहां आप दिन में सिर्फ़ एक बार खाना खाते हैं.
योग में इस तरह के व्यक्ति को ‘योगी’ कहा जाता है. इसमें आपको 23 घंटों की इंटरमिटेंट फ़ास्टिंग करनी होती है. यानि कुछ नहीं खाना होता है.
इंटरमिटेंट फास्टिंग क्या है जिससे जल्दी होता है वेट लॉस, पर ये गलती न करें!














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