कई लोग बासी खाना, बिना सोचे-समझे खा लेते हैं. एक दिन पुराने चावल और कोई सब्ज़ी बच गई तो उसे रख लेते हैं. ये सोचकर कि अगले दिन का लंच इससे ही निपटा देंगे. हम सबके घरों में अक्सर ऐसा ही होता है. पर अगर आप बासी खाना खाते हैं, ख़ासतौर पर चावल तो कुछ चीज़ों का ध्यान रखना बेहद ज़रूरी है, नहीं तो जान पर आ सकती है. आप कहेंगे, अमा! छोड़ो! हमने तो ज़िंदगी भर बासी खाना खाया है. कुछ नहीं हुआ. लेकिन ज़रूरी नहीं दांव हर बार सही ही लगे.
कई दिनों का पड़ा खाना खाते हैं तो Fried Rice Syndrome के बारे में जान लें
कुछ साल पहले एक खबर आई थी कि बासी खाना खाने के बाद लड़के की मौत हो गई थी. वजह थी फ्राइड राइस सिंड्रोम. ये क्या है, इसमें क्या-क्या होता है, ये सारी चीज़ें जानेंगे.


दरअसल आजकल ‘फ्राइड राइस सिंड्रोम’ नाम की एक चीज़ बहुत चर्चा में है. इससे जुड़ी ख़बरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही हैं. 'फ्राइड राइस सिंड्रोम' का फ्राइड राइस से कोई लेना देना नहीं है. कुछ साल पहले एक खबर आई थी कि बासी खाना खाने के बाद लड़के की मौत हो गई थी. वजह थी फ्राइड राइस सिंड्रोम. ये क्या है, इसमें क्या-क्या होता है, ये सारी चीज़ें जानेंगे.
फ्राइड राइस सिंड्रोम क्या है?ये हमें बताया डॉक्टर विक्रमजीत सिंह ने.

फ्राइड राइस सिंड्रोम बीमारी अभी इसलिए चर्चा में है क्योंकि टिकटॉक पर इससे जुड़ा एक पोस्ट शेयर हुआ था. इस पोस्ट में बताया गया था कि बेल्जियम के एक लड़के ने करीब पांच दिन पहले बनी स्पेगेटी को सॉस के साथ खाया था. स्पेगेटी खाने के कुछ देर बाद ही उस लड़के को उल्टियां हुईं, जिसके कुछ देर बाद वो सो गया और नींद में ही उसकी मौत हो गई. पोस्टमार्टम में ये पता चला कि लड़के की मौत एक्यूट लिवर फेलियर की वजह से हुई है. ऐसा होने की वजह है 'बैसिलस सिरियस' (Bacillus cereus) नाम का बैक्टीरिया.
'बैसिलस सिरियस' बहुत ही आम बैक्टीरिया है जो हमारे चारों तरफ मौजूद है. ये अक्सर खाने की चीजों में भी पाया जाता है. जैसे कि अगर खाने की किसी चीज को फ्रिज में न रखकर, बाहर ही छोड़ दिया गया हो, और तीन-चार दिन बाद उस चीज को कोई खाता है तो उसे ये बैक्टीरिया बीमार कर सकता है. यानी 'फ्राइड राइस सिंड्रोम' एक तरह की फूड पॉइजनिंग है.
लक्षण'फ्राइड राइस सिंड्रोम' में दो तरह के लक्षण दिखते हैं. पहला लक्षण है उल्टी और दूसरा लक्षण है दस्त. उल्टियों की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है और बुखार भी हो जाता है. अगर उल्टियों को रोका नहीं गया तो डिहाइड्रेशन की वजह से किडनी और लिवर को खतरा हो सकता है. ऐसा ही दस्त लगने पर भी होता है. इस दौरान उल्टियां कम लगती हैं, लेकिन दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है.
'बैसिलस सिरियस' बैक्टीरिया अक्सर चावल या चावलों से बनी चीजों में पाया जाता है. जब ये खाना सड़ जाता है तो उस दौरान ये बैक्टीरिया खाने में जहरीले तत्व छोड़ देता है. इन जहरीले तत्वों की वजह से उल्टी और दस्त लगते हैं.
बचाव- हमेशा हाथ धोकर खाना खाएं.
- पकाने से पहले कच्ची सब्जियों और दाल-चावल को अच्छे से धो लें.
- बासी खाना न खाएं.
- अगर खाना बच गया है तो, उसे फ्रिज में रख दें.
- फ्रिज से निकालकर खाने को अच्छी तरह से गर्म करके ही खाएं.
- कभी भी 12 घंटे से ज्यादा पुराना खाना न खाएं.
फ्राइड राइस सिंड्रोम से घबराने की जरूरत नहीं है. ये बीमारी फ्राइड राइस खाने से नहीं होती है. ये सिर्फ एक तरह की फूड पॉइजनिंग है, इससे बचाव करना आसान है.
(यहां बताई गई बातें, इलाज के तरीके और खुराक की जो सलाह दी जाती है, वो विशेषज्ञों के अनुभव पर आधारित है. किसी भी सलाह को अमल में लाने से पहले अपने डॉक्टर से ज़रूर पूछें. दी लल्लनटॉप आपको अपने आप दवाइयां लेने की सलाह नहीं देता.)












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