ग्रेमी अवॉर्ड में प्रियंका चोपड़ा ने राल्फ एंड रूसो का डिजाइनर गाउन पहना था.
'बुड्ढी हो गई है, शर्म नहीं आती ऐसे कपड़े पहनने में'
'इससे अच्छा तो कुछ नहीं पहनती'
'ऐसी तस्वीरें डालकर क्या साबित करना चाहती हो?'
'घर में क्या ऐसे ही रहती है?'
'तुम एक्ट्रेसेस भारत की संस्कृति खराब कर रही हो'
ये कुछ ऐसे कमेंट हैं, जो किसी एक्ट्रेस की हर उस तस्वीर के नीचे नजर आते हैं, जिनमें वो 'देश की संस्कृति खराब करने वाली ड्रेस' पहने होती है. इस कैटेगरी में कौन सी ड्रेसेस आती हैं? छोटी लेंथ वाली, बिना स्लीव, डीप नेक वाली, लंबे स्लिट वाली, बिना बैक वाली, बिकिनी आदि आदि. ये कैटेगरी इतनी बड़ी है कि इसमें कोई भी ड्रेस आ सकती है. यहां तक साड़ी भी. बस नज़र चाहिए. कपड़े को उस नज़र से देखने के लिए.
इस बार ये कमेंट्स आए हैं प्रियंका चोपड़ा की ड्रेस पर. जो उन्होंने ग्रैमी अवॉर्ड्स में पहनी थी. प्रियंका ने लंबे नेक लाइन वाला गाउन पहना था. राल्फ एंड रुसो का. इस गाउन को तमारा राल्फ (Tamara Ralph) और माइकल रुसो (Michael Russo) ने डिजाइन किया है. इसे लेकर कई लोगों ने प्रियंका को ट्रोल किया. ट्रोल करने वालों में फैशन डिज़ाइनर वेंडेल रॉड्रिक्स भी शामिल हैं. रवीना टंडन, रेखा, अनुष्का शर्मा, बिपाशा बसु जैसी एक्ट्रेसेस के डिजाइनर रह चुके हैं. 2014 में पद्मश्री से सम्मानित हो चुके हैं.
वेंडेल ने लिखा-
"प्रियंका ने ग्रैमी 2020 में समा बांध दिया. वाकई ये बहुत ही बोल्ड और ब्यूटीफुल गाउन है रॉल्फ और रूसो का, जिसमें गाउन की नेकलाइन लॉस एंजेलिस से क्यूबा तक जाती है."
वेंडेल के इन कमेंट्स पर लोगों ने उन्हें काफी क्रिटिसाइज किया. इसके बाद उन्होंने एक सफाई पोस्ट की. जिसमें उन्होंने लिखा कि उन्होंने प्रियंका को बॉडीशेम नहीं किया था, बल्कि राल्फ एंड रूसो के डिज़ाइन पर कमेंट किया था. उन्होंने लिखा,
"क्या मैंने उनकी बॉडी के बारे में कुछ कहा? नहीं. कई औरतों ने कहा. मैंने बस ये कहा कि वह ड्रेस उनके लिए सही नहीं थी. मैंने जो कहा वह ड्रेस शेमिंग थी न कि बॉडी शेमिंग. कुछ कहने से पहले आपको पूरा पोस्ट पढ़ लेना चाहिए. कपड़ों को पहनने के लिए एक उम्र होती है. बड़ी तोंद वाले मर्दों को टाइट टी-शर्ट नहीं पहननी चाहिए. यही बात एक उम्र के बाद मिनी स्कर्ट पहनने वाली औरतों पर लागू होती है. अगर आपके पास ऐसी बॉडी नहीं है तो उसे फ्लॉन्ट मत कीजिए. मैंने खुद बरमुडा पहनना छोड़ दिया है. हर मुद्दे को बॉडी शेमिंग या सेक्सिस्ट मत बनाइये. नहीं तो आप गलत हो सकते हैं. अगर मेरे पोस्ट आपको पसंद नहीं हैं तो आप मुझे अनफ्रेंड कर सकते हैं."
हालांकि, उन्होंने अपना ये पोस्ट भी डिलीट कर दिया है.
एक्ट्रेस सुचित्रा कृष्णमूर्ति भी प्रियंका चोपड़ा के बचाव में आईं. उन्होंने वेंडेल को जवाब देते हुए एक लंबा पोस्ट लिखा,
"क्या कभी कोई किसी मर्द के पेट पर कमेंट करता है? मुझे लगता है कि प्रिंयका अपने पेट को छिपाने की कोशिश नहीं कर रही हैं और यही चीज इस तस्वीर को काफी खूबसूरत बनाती है. यही वो बात है, जो उन्हें वो रॉकस्टार बनाती है जो वह आज हैं. ये उनका कॉन्फिडेंस है जो दूसरों को इन्सपिरेशन देती है. दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चित इस इवेंट से प्रियंका की ये तस्वीरें सामने आना लिब्रलाइजेशन को दिखाता है. महिलाएं मर्दों के विचारों की गुलाम रही हैं कि उन्हें कैसे दिखना चाहिए. इसलिए प्रिय पुरुषों हम ही वास्तविक महिलाएं हैं."
सोशल मीडिया पर लोग अक्सर फैशन पुलिस बन जाते हैं. लोगों को जज करने लगते हैं. उनके निशाने पर सबसे ज्यादा एक्ट्रेसेस होती हैं. कभी उनकी बॉडी, कभी उम्र, कभी उनके निभाए किरदार और कभी परिवार का हवाला देते हुए उन्हें सलीके के कपड़े पहनने की हिदायतें दी जाती हैं. वेंडेल पढ़े-लिखे और समझदार हैं. उससे बड़ी बात ये कि खुद भी फैशन डिजाइनर हैं, यानी फैशन और कपड़ों की समझ रखते हैं. खैर, जजिंग कमेंट देना वेंडेल की पुरानी आदत है. सितंबर, 2019 में ऐश्वर्या राय ने पेरिस फैशन वीक में पिंक कलर का एक गाउन पहना था, उसपर भी उन्होंने ऐसे ही कमेंट किया था. उन्होंने इसे 'हैलोवीन' लुक बताते हुए कहा था कि मेकअप और ड्रेस बहुत ही बुरा है.
वेंडेल ठीक उन ट्रोल्स की तरह हैं, जो एक्ट्रेसेस के कपड़ों पर सवाल करते हैं. बॉडी शेमिंग करते हैं. फैशन पुलिस बन जाते हैं. बस वेंडेल के शब्दों में गालियां नहीं थीं. ट्रोल्स की तरह ही वो अपने कमेंट्स को डिलीट कर रहे हैं. तो ये मानना मुश्किल है, कि क्या वो खुद भी अपनी कही बातों से सहमत हैं या नहीं? देखते हैं कि क्या वेंडेल फिर अपनी बातों पर सफाई देते हैं या नहीं.
Video : क्या है होमोफोबिया, जिसपर बात कर रहे हैं आयुष्मान खुराना