तो ये रहे कुछ बदलाव जो डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में आते हैं:
1. यूरिनरी ब्लैडर में दिक्कत
यूरिनरी ब्लैडर यानी पेशाब की थैली. ये बनी होती है कुछ मांसपेशियों से. प्रेग्नेंसी के दौरान ये मांसपेशियां काफ़ी स्ट्रेच होती हैं. इस कारण नई मांओं का अपने ब्लैडर पर कंट्रोल नहीं रहता है. यूरीन अपने आप पास हो जाता है. कभी भी. कहीं भी. पर घबराने की बात नहीं है. ये समय के साथ ठीक भी हो जाता है. जैसे-जैसे मांसपेशियां मजबूत होती है, ये दिक्कत दूर हो जाती है. इसमें चार से छह हफ़्तों का समय लगता है.
2. वजाइना में आते हैं बदलाव
आपकी वजाइना में मांसपेशियां मौजूद होती हैं. प्रेग्नेंसी में ये मसल्स काफ़ी खिंचती हैं. इस कारण वजाइना के साइज़ में बदलाव आ जाता है. ज़्यादातर तो डिलीवरी के कुछ समय बाद ये वापस अपने नॉर्मल साइज़ पर पहुंच जाती है. पर कुछ केसेस में मसल्स पहले जितनी कसी नहीं रहतीं. ये काफ़ी आम है. इसमें इस चीज़ का भी फर्क पड़ता है कि जन्म के वक्त बच्चे का वज़न कितना था.
3. स्किन प्रॉब्लम
प्रेग्नेंसी के दौरान और उसके बाद, शरीर में हॉर्मोन्स की उथल-पुथल रहती है. इसका असर आपकी स्किन पर भी पड़ता है. हो सकता है डिलीवरी के बाद आपको मुहांसों की दिक्कत रहने लगे. अगर ऐसा हो रहा है तो परेशान मत होइए. ये ठीक हो जाएगा. साथ ही कई नई माओं को मेलास्मा की दिक्कत भी हो जाती है. ये एक स्किन कंडीशन होती है. इसमें होंठ, नाक, गालों, और माथे पर भूरे रंग के चकत्ते पड़ जाते हैं. ये समय के साथ ठीक हो जाता है. अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो बेहतर है आप एक स्किन डॉक्टर को दिखाइए.
प्रेग्नेंसी के दौरान होनेवाले हॉर्मोनल बदलावों के कारण ये स्किन कंडीशन हो जाती है. 4. बालों का झड़ना
डिलीवरी के बाद लगभग एक साल तक आपके बाल झड़ते रहते हैं. वजह है प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में बनने वाला हॉर्मोन. एस्ट्रोजन. डिलीवरी के बाद इसकी मात्रा में भारी गिरावट आती है. इस कारण आपको हेयर लॉस होता है. वैसे आमतौर पर ये तीन से चार हफ़्तों में ठीक हो जाता है.
5. आपका वज़न नॉर्मल होने में समय लगता है
देखिए. बच्चे की डिलीवरी के बाद आपके शरीर का आकार बदलेगा. ये एकदम नॉर्मल है. आपको वो वज़न घटाने में समय भी लगेगा. ये भी नार्मल है. इसलिए इसका स्ट्रेस हरगिज़ न लें. डॉक्टर्स की मानें तो प्रेग्नेंसी के दौरान आप 11 किलो तक वेट गेन करते हैं. डिलीवरी के बाद शरीर में जामा हुआ पानी निकलता रहता है. इसलिए धीरे-धीरे आपका वज़न नॉर्मल होता रहता है. ये पानी पसीने या यूरीन के फॉर्म में आपके शरीर से निकलेगा. बाकी वज़न धीरे-धीरे कम होता रहता है.
वीडियो













.webp?width=275)

.webp?width=275)
.webp?width=275)







