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कोरोना संक्रमित बच्चों को स्टेरॉयड दिए जाने को लेकर केंद्र ने जरूरी गाइडलाइन जारी की है

छोटे बच्चों के लिए मास्क अनिवार्य है या नहीं, ये भी बताया.

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सांकेतिक तस्वीर. (पीटीआई)
केंद्र सरकार ने गुरुवार 20 जनवरी को कोविड मैनेजमेंट को लेकर फिर से रिवाइज्ड गाइडलाइंस जारी कीं. ये दिशा-निर्देश मुख्यतः 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किए गए हैं. इनके मुताबिक अगर 18 साल से कम उम्र के कोरोना संक्रमित बच्चे के इलाज के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल किया जाता है, तो 10-14 दिनों के ट्रीटमेंट के बाद इनमें कमी की जानी चाहिए. सरकार के मुताबिक स्टेरॉयड में कमी क्लिनिकल इम्प्रूवमेंट के आधार पर की जानी चाहिए. साथ ही कोविड संक्रमण के खत्म होने के बाद की देखभाल पर अधिक जोर देने की बात इन गाइडलाइंस में कही गई है. नए दिशा-निर्देश ये भी कहते हैं कि अब पांच साल और उससे कम उम्र के बच्चों को मास्क लगाने की ज़रूरत नहीं है. वहीं 6 से 11 वर्ष की आयु के बच्चे अपने माता-पिता की देखरेख में ज़रूरत के हिसाब से मास्क पहन सकते हैं. 12 वर्ष और उससे ज़्यादा उम्र वाले बच्चों को वयस्कों की तरह ही मास्क पहनना चाहिए. मंत्रालय ने कहा कि सरकार संक्रमण के हल्के मामलों में एंटीमाइक्रोबेल्स दवाओं के इस्तेमाल की सलाह नहीं देती. वहीं थोड़े गंभीर या ज्यादा गंभीर मरीजों के लिए एंटीमाइक्रोबेल्स दवाओं को तब तक उपयोग नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि संक्रमण की गंभीरता का आकलन सही ढंग से ना हो जाए. इसके अलावा 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को किसी भी कंडीशन में एंटीवायरल या मोनोक्लोनल एंडीबॉडी नहीं दिए जाने चाहिए.

नए दिशा-निर्देशों से जुड़ी अन्य खास बातें

- रोगी को सलाह के हिसाब से ट्रिपल लेयर मास्क पहनना चाहिए. - हल्के मामलों में एंटीमाइक्रोबेल्स दवाएं नहीं दी जानी चाहिए. - गंभीर मामलों में एंटीमाइक्रोबेल्स दवाओं को उपयोग तभी किया जाना चाहिए जब संक्रमण की गंभीरता का सही आकलन हो जाए. - स्टेरॉयड का उपयोग सही समय पर, सही खुराक में और सही मौके के लिए किया जाना चाहिए. - कॉर्टिकोस्टेरॉयड्स का उपयोग तब किया जाना चाहिए जब संक्रमण तेजी से बढ़ रहा हो या मामला गंभीर हो. - कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का उपयोग पांच से सात दिनों तक जारी रखा जा सकता है. लेकिन ज़रूरत पड़ने पर 10-14 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकता है. - संक्रमण होने के पहले तीन से पांच दिनों में स्टेरॉयड से बचना चाहिए, क्योंकि ये वायरल शेडिंग (संक्रमण फैलने की तीव्रता) को लम्बा खींचता है. - जिन बच्चों में संक्रमण के बाद लक्षण ना दिखें या जिन्हें संक्रमण हल्का हो, उन्हें उचित देखभाल, टीकाकरण (यदि पात्र हों तो), और उस दौरान सही खाने पीने की सलाह लेनी चाहिए. - जो बच्चे संक्रमण से ठीक हो चुके हों, उनके माता पिता को बच्चों की सांस में आने वाली परेशानियों के लिए परामर्श दिया जाए.

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