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GK का एक नंबर का सवाल तैयार हुआ, रेपो रेट कम हो गया है

6.75% से 25 बेसिस पॉइंट कम हुई, कैश रिजर्व रेशियो 4% ही रहेगा.

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लोन के लिए आने वाले आवेदन भी रिकॉर्ड रूम में रखने होते हैं. फोटो. रायटर्स.
जिनने कार या होम लोन ले रखा हो या जो बैंक पी.ओ. की तैयारी कर रहे हों वो ध्यान दें. आरबीआई ने रेपो रेट की दरें कम कर दी हैं. 25 बेसिस पॉइंट की कमी माने .25 घटने बाद ये 6.50% हो गई है. https://twitter.com/ANI_news/status/717223215739875329 CRR अब भी नहीं बदली है, ये अब भी 4 प्रतिशत है. https://twitter.com/ANI_news/status/717224037106233344

है क्या ये ?

रेपो रेट - ये वो दर होती है, जिस दर पर बैंक, बैंकों के बैंक रिजर्व बैंक से ऋण लेते हैं. वो रेपो रेट होती है. रेपो रेट कम होने का फायदा बैंकों के ग्राहकों को होता है. बैंकों को सस्ती रेट में ऋण मिलेगा तो वो जनता को भी सस्ता ब्याज देंगे. इससे होम और कार लोन सस्ते होंगे, जो हर महीने EMI भरते हैं उनको फायदा होगा. रिवर्स रेपो रेट - ये रेपो रेट का ठीक उल्टा है. आरबीआई के पास पैसा रखने पर जिस रेट पर बैंकों को ब्याज मिलता है वो रिवर्स रेपो रेट है. जब भी बाजार में बहुत ज्यादा नकद पैसा दिखने लगता है तो आरबीआई वाले रिवर्स रेपो रेट बढ़ा देते हैं, जिससे बैंक वाले ललचिया जाएं और ज्यादा से ज्यादा पैसा उसके पास जमा कर दें. कैश रिजर्व रेसियो - माने CRR मतलब नकद आरक्षित अनुपात. ये बैंकों के पास कुल कैश रिजर्व का वो निश्चित हिस्सा होता है, जो RBI के पास रखना ही होता है. माने अगर बैंक के पास 100 रुपए है तो जरूरी है कि सौ का निश्चित पर्सेंट रिजर्व बैंक के पास कैश रखें.

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