MQM के जो मुखिया है, अल्ताफ हुसैन. ये बंदा लंदन में रहता है. कराची में अल्ताफ को मीडिया कवरेज भी नहीं मिलती. पूरी तरह से बैन लगा हुआ है. लेकिन इसकी कराची में चलती इतनी है कि एक आवाज पर सब इकट्ठा हो जाते हैं. अभी कुछ रोज पहले हुए इलेक्शन में MQM को अच्छी खासी सीट हासिल हुई थीं.मर्चेंट ने कहा, '2014 में लंदन में अल्ताफ हुसैन के घर पर स्कॉटलैंड यार्ड के छापे के दौरान कई हथियारों की लिस्ट मिली थी.' लेकिन पाकिस्तान के इस आरोप को इंडिया और MQM दोनों की हर बार सिरे से नकारते आ रहे हैं. FIA मर्चेंट और MQM के लीडर्स से पूछताछ कर सकती है. क्यों MQM से सुलगी रहती है पाकिस्तानी सरकार?
इंडियन खुफिया एजेंसी RAW की 'खुफियागीरी' करेगा PAK
RAW पर MQM की फंडिंग करने का आरोप. वहां की सरकार ने दिए जांच के आदेश.
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फोटो - thelallantop
लो जी नई खबर सुनो. वैसे खबर नहीं, इसे आरोप समझो. इंडिया पर सालों से लग रहा पाकिस्तानी आरोप. अपनी इंडिया की खुफिया एजेंसी RAW है न. RAW पर मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पार्टी (MQM) को फंड करने का आरोप है. MQM उर्दू बोलने वाले उन मुजाहिरों की पॉलिटिकल पार्टी है, जो बंटवारे के वक्त इंडिया से पाकिस्तान चले गए थे. दाऊद इब्राहिम की हवेली वाले शहर कराची में MQM का रौला टाइट रहता है. बस पाकिस्तान सरकार इसी बात से परेशान है. इसलिए RAW-MQM की सो कॉल्ड दोस्ती की ऑफिशियली जांच शुरू कर दी है. RAW पर आरोप है कि ये एजेंसी पाकिस्तान में उथल पुथल मचाने के लिए MQM को फंड देती है. पाकिस्तान के आतंरिक मामलों के मंत्री निसार खान ने FIA को जांच का जिम्मा सौंप दिया है. और ये सब MQM लीडर सरफराज मर्चेंट के हाल ही में दिए एक टीवी इंटरव्यू के बाद हो रहा है. मर्चेंट ने कहा, 'मैंने इंडिया के MQM को फंड करने के प्रूफ देखे हैं. इंडिया MQM को हथियार खरीदने के लिए रुपये भी मुहैया कराता है.'
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