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BJP चीफ की सुरक्षा में लापरवाही पर बंगाल के तीन IPS को केंद्र ने शंट किया तो ममता भड़क गईं

नड्डा के काफिले पर पिछले दिनों हुए हमले से जुड़ा है मामला

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पश्चिम बंगाल के अलावा असम, केरल और तमिलनाडु में चुनाव होने वाले हैं. इन राज्यों के लिए बजट में भी ऐलान देखने को मिले. (अमित शाह और ममता बनर्जी की फाइल फोटो)
पश्चिम बंगाल के दौर पर गए बीजेपी चीफ जेपी नड्डा के काफिले पर हाल ही में हमला हुआ था. अब इस मामले में गृह मंत्रालय ने अहम कार्रवाई की है. उसने लापरवाही के आरोप में बंगाल के तीन पुलिस अधिकारियों की केंद्र में तैनाती के आदेश दिए हैं. गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल की सरकार को चिट्ठी लिखकर तीनों आईपीएस अधिकारियों को फौरन कार्यमुक्त करने को कहा है. इन अधिकारियों पर ही जेपी नड्डा के काफिले की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र के इस कदम पर तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने इसे राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण करार देते हुए असंवैधानिक और अस्वीकार्य बताया है.
इन तीन अधिकारियों को डेपुटेशन पर भेजा
जिन तीन आईपीएस अधिकारियों को कार्यमुक्त करने के लिए गृह मंत्रालय ने लिखा है, उनके नाम हैं- एसपी डायमंड हार्बर भोलानाथ पांडे, एडीजी साउथ बंगाल राजीव मिश्रा, डीआईजी प्रेसिडेंसी रेंज प्रवीन त्रिपाठी. इन तीनों अधिकारियों को गृह मंत्रालय में फौरन रिपोर्ट करने को कहा गया है.
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पश्चिम बंगाल के दौरे पर गए जेपी नड्डा के काफिले पर हमला हुआ था. इसमें सीनियर बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय को भी चोटें आईं थीं.

केंद्र में दी गईं नियुक्तियां गृह मंत्रालय ने इन आईपीएस अधिकारियों पर IPS कैडर रूल 6(1)  के तहत ये कदम उठाया है. इन अधिकारियों को केंद्र सरकार के दूसरे पदों पर नियुक्ति दी गई है. भोलानाथ पांडे को 4 साल के लिए BPRD में एसपी के पद पर तैनात किया गया. प्रवीण कुमार त्रिपाठी को SSB में DIG के पद पर 5 साल के लिए भेजा गया है. राजीव मिश्रा को ITBP में 5 साल के लिए आईजी बनाया गया है. गृह मंत्रालय ने इस बारे में बंगाल के गृह सचिव और डीजीपी को भी चिठ्ठी लिखकर जानकारी दी है. बंगाल सरकार ने पहले इन अधिकारियों को केन्द्रीय डेपुटेशन पर भेजने से मना कर दिया था.
Mamta Banerjee Amit Shah
गृह मंत्रालय के कहने के बावजूद ममता बनर्जी ने तीनों आईपीएस अधिकारियों को कार्य मुक्त नहीं किया था..

 
ममता बनर्जी भड़कीं
केंद्र सरकार के इस निर्णय पर ममता बनर्जी ने अपनी नाराजगी जताई है. उन्होंने मामले को ताबड़ तोड़ 3 ट्वीट किए. उन्होंने लिखा
भारत सरकार का 3 आईपीएस अधिकारियों को वेस्ट बंगाल की आपत्ति के बाद भी डेप्युटेशन पर भेजना बहुत आपत्तिजनक है. यह आईपीएस काडर रूल 1954 के आपातकालीन व्यवस्थाओं की आड़ में ताकत का बेजा इस्तेमाल है.
 
 
क्या कहता है डेपुटेशन का नियम केंद्र सरकार ने तीनों आईपीएस अधिकारियों को IPS कैडर 1954 के नियम 6 (1) के तहत डेपुटेशन पर भेजा है. इस नियम के अनुसार राज्य और केंद्र के बीच किसी भी असहमति के मामले में केंद्र सरकार द्वारा लिया गया फैसला राज्य सरकार को लागू करना होगा.
 
नड्डा पर हमले के बाद हुई थी केद्र और राज्य में खींचतान
10 दिसंबर को बंगाल के दौर पर गए बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा के काफिले पर बंगाल के दक्षिण 24 परगना इलाके में पत्थर फेंके गए थे. इस पथराव में बीजेपी के सीनियर नेता कैलाश विजयवर्गीय को हल्की चोटें भी आई थीं. बीजेपी का आरोप है कि ये हमला टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने किया. वहीं टीएमसी का कहना है कि बीजेपी अपने ही कार्यकर्ताओं से हमला करवाकर ये ड्रामा कर रही है. इस घटना के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन 2 IPS अधिकारियों को डेपुटेशन पर बुलाया, जिन पर नड्डा की सुरक्षा की जिम्मेदारी थी. ममता बनर्जी ने तीनों अधिकारियों को कार्य मुक्त करने से मना कर दिया था.

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