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कासगंज केस: अल्ताफ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने उसकी मौत की असल वजह बता दी

मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं.

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अल्ताफ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी मौत फांसी लगने से हुई. (तस्वीरें- इंडिया टुडे)
कासगंज मामले में मृतक अल्ताफ की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है. इंडिया टुडे के पास इस पोस्टमार्टम की कॉपी है. इसमें बताया गया है कि फांसी लगाने की वजह से ही अल्ताफ की मौत हुई. अब ये जांच का विषय है कि अल्ताफ ने खुद फांसी लगाई या किसी ने उसे मारा. ये पता लगाने के लिए यूपी सरकार ने इस मामले की न्यायिक जांच के आदेश दे दिए हैं. आजतक से बातचीत में कासगंज के एसपी रोहन प्रमोद बोत्रे ने कहा भी था कि पुलिस इस घटना की न्यायिक जांच कराने को लेकर विचार कर रही है. अब इस बारे में यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने बताया,
मामले की ज्युडिशियल इंक्वारी की जाएगी. उसमें जो भी जानकारियां निकल कर आएंगी उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बता दें कि अल्ताफ के परिवार ने कासंगज पुलिस पर उसकी हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस का दावा है कि 22 साल के अल्ताफ ने खुद फांसी लगाकर जान दे दी. पुलिस हिरासत में हुई मौत को लेकर मचे बवाल के बीच कासगंज सदर कोतवाली के 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड किए जा चुके हैं. हत्या के आरोप की वजह से नहीं, बल्कि घटना को लेकर लापरवाही बरतने के आरोप में.

सरकार-विपक्ष में बयानबाजी तेज

इस बीच घटना को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सीधे-सीधे उत्तर प्रदेश पुलिस और सरकार पर सवाल खड़े किए. विपक्ष ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला करते हुए कहा कि राज्य में अपराधी और पुलिस दोनों कानून-व्यवस्था का एनकाउंटर करने में लगे हुए हैं. बुधवार को कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी पुलिस की कस्टडी में हुई मौतों को लेकर ट्वीट किया तो गुरुवार को पार्टी ने अपना एक प्रतिनिधि मंडल कासगंज भेजने की बात कही. प्रियंका गांधी ने कहा कि डेलीगेशन की रिपोर्ट के बाद पार्टी इस मामले पर बोलेगी. विपक्ष के हमलों पर यूपी सरकार का पलटवार भी आया. सूबे के कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा,
यूपी में चुनाव आते ही विपक्षी दलों के लिए मौका आता है बयानबाजी करने का. पिछले 5 साल में उनकी कोई गतिविधि उत्तर प्रदेश में नहीं रही है. कांग्रेस हो या अन्य विपक्षी दल चुनाव का माहौल बनते ही उत्तर प्रदेश में लोग बरगलाने का काम करने में लग जाते है. लेकिन हम दोबारा से सरकार बनाएंगे और ज्यादा सीटों के साथ सत्ता में आएंगे.
वहीं अल्ताफ की मौत को यूपी सरकार आत्महत्या का केस मान रही है. आजतक से बातचीत में कानून मंत्री बृजेश पाठक ने कहा,
प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का सामने आया है. लेकिन जांच की जा रही है. इस मामले में कोई भी बख्शा नहीं जाएगा. आगरा हो या कासगंज, सरकार ऐसी घटनाओं को लेकर बेहद गंभीर है. जांच के आदेश दिए गए हैं... सभी जिला कप्तानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कहीं पर भी मानवाधिकारों का उल्लंघन ना हो और अगर ऐसा होता है तो दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
इससे पहले अल्ताफ के पिता चांद मियां के बयान चर्चा में रहे. अल्ताफ की मौत की खबर मिलने के बाद उन्होंने इसे हत्या ही बताया था. लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि वे गुस्से में ऐसा बोल गए और कासगंज पुलिस पर आरोप लगा दिया. उनका एक लिखित बयान भी सामने आया जिसमें कहा गया था कि उनके बेटे ने आत्महत्या की है और उन्हें पुलिस से कोई शिकायत नहीं है. लेकिन इसके बाद चांद मियां ने अपना बयान फिर बदला. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पुलिस ने जबरन लिखित बयान पर उनका अंगूठा लगवाया था. चांद मियां ने कहा कि उनका अब भी यही कहना है कि पुलिस ने उनके बेटे की हत्या की है.

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