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पीयूष जैन ने क्यों कहा 52 करोड़ रुपए काटिए, बाकी पैसा मुझे वापस करिए?

पीयूष जैन ने कोर्ट में अर्जी देकर पैसा वापस मांगा

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पीयूष जैन कारण बताते हुए पैसा वापस मांगा है (फोटो: इंडिया टुडे)

कानपुर में करोड़ों रुपए की काली कमाई के मामले में गिरफ्तार पीयूष जैन (Piyush jain) ने अपना पैसा वापस करने की मांग की है. पीयूष ने इस संबंध में अदालत में एक अर्जी दाखिल की है. आजतक के रंजय सिंह के मुताबिक इस अर्जी में पीयूष जैन ने साफ़ तौर पर कहा है, 'मेरे ऊपर टैक्स चोरी और पेनाल्टी समेत 52 करोड़ रुपए का टैक्स बनता है, ऐसे में डायरेक्टरेट ऑफ़ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) 52 करोड़ रुपए काटकर बाकी रकम मुझे वापस कर दे.' फिलहाल, पीयूष जैन 14 दिन की न्यायिक हिरासत में कानपुर जेल में बंद है. डीजीजीआई ने भी माना टैक्स चोरी का पैसा आपको बता दें कि डीजीजीआई ने खुद यह बात मानी है कि पीयूष जैन के ठिकानों से मिला पैसा टैक्स चोरी का है. इंडिया टुडे के मुताबिक डीजीजीआई के वकील अंबरीश टंडन ने बुधवार 29 दिसंबर को कोर्ट को बताया कि जैन के घर से जो पैसा बरामद हुआ है, ये टैक्स चोरी की रकम है. बरामद रकम को 42 बॉक्स में रखकर बैंक में जमा किया गया है. टंडन के मुताबिक कानपुर में छापामारी के दौरान 177 करोड़ 45 लाख रुपए बरामद किए गए जिन्हें दो बार में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में जमा कराया गया है. टंडन ने यह भी बताया कि बैंक में जमा रकम को भारत सरकार के नाम से एफडी करने के लिए डीजीजीआई की तरफ से लेटर दिया गया है. डीजीजीआई ने बरामद रकम को बिजनेस का टर्नओवर क्यों माना? आजतक से जुड़े संतोष शर्मा के मुताबिक जब अंबरीश टंडन से यह पूछा गया कि क्या पीयूष जैन को फायदा पहुंचाने के लिए डीजीजीआई ने बरामद रकम को उसके बिजनेस का टर्न ओवर माना है? तो टंडन ने कहा,
'ऐसा नहीं है. पीयूष जैन ने कानपुर में तीन कंपनियां बनाई थीं. उसने अपने बयान में स्वीकार किया है कि मैंने इन कंपनियों के जरिए चार साल में गुप्त रूप से पान मसाला कम्पाउंड बेचा था. उसने माल किससे खरीदा, किसको बेचा, इसका खुलासा नहीं किया है जिससे साबित होता है कि उसने टैक्स चोरी के जरिए रकम जमा की. हमने 32 करोड़ रुपए का टैक्स बनाया है, पेनाल्टी को मिलाकर कुल 52 करोड़ रुपए की देनदारी बनती है.'
टंडन ने यह भी बताया कि पीयूष के खिलाफ अभी जांच चल रही है. कन्नौज में उसके ठिकानों से कितना पैसा मिला अभी उसकी डिटेल नहीं आई है. अब तक पीयूष के सात ठिकानों पर छापेमारी की गई है जहां टैक्स चोरी पाई गई है. सोने के बिस्किट से नाम खरोंच दिए गए पीयूष जैन पर डीआरआई यानी राजस्व खुफिया निदेशालय ने भी कार्रवाई शुरू कर दी है. एजेंसी ने पीयूष के घर से 23 किलो सोने की बरामदगी पर कस्टम एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. डीआरआई की शुरुआती जांच में बरामद हुए सोने का स्विट्जरलैंड से कनेक्शन निकल रहा है, आशंका जताई जा रही है बरामद सोना अवैध तरीके से तस्करी कर मंगवाया गया था.
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पीयूष जैन से बरामद 23 किलो सोने के बिस्किट (फोटो: आजतक)

आजतक को मिली जानकारी के अनुसार पीयूष के ठिकानों से जो 23 किलो सोने के बिस्किट बरामद हुए हैं, इन पर International Precious Metal Refinery (IPMR) लिखा है. सोने के बिस्किट बनाने वाली यह रिफाइनरी अबू धाबी में है, इसकी एक शाखा शारजाह और दूसरी दुबई में है. IPMR सीधे सोने की बिक्री नहीं करता. डीआरआई को शक है कि IPMR में बने ये बिस्किट स्विट्जरलैंड की कंपनियों से ख़रीदे गए हैं. पीयूष के घर से बरामद हुए बिस्किट के ऊपर से कुछ मिटाया भी गया है, डीआरआई के अधिकारियों का मानना है कि बिस्किट के ऊपर से कंपनियों के नाम मिटाए गए हैं, जिससे स्विट्जरलैंड कनेक्शन का पता न लग सके.
पीयूष जैन के घर से बरामद हुए सोने को लेकर यह आशंका भी जताई जा रही है कि इसे गोल्ड स्मगलिंग सिंडिकेट के जरिए भारत लाया गया है. फिलहाल, डीआरआई ने केस दर्ज कर बरामद सोने का दुबई और स्विट्जरलैंड कनेक्शन खंगालना शुरू कर दिया है, अब जांच के बाद ही यह पता लगेगा कि कानपुर के कारोबारी पीयूष जैन तक ये सोने बिस्किट आखिर किस तरह पहुंचे.

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