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कानपुर अग्निकांड के पीड़ित के कपड़े उतरवा दिए, वायरल वीडियो पर प्रशासन क्या बोला?

अखिलेश यादव बोले, "...अधिकारियों के ऊपर बुलडोज़र कब चलेगा? भाजपा उत्पीड़न का पर्यायवाची बन गई है."

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(बाएं-दाएं) ज़िलाधिकारी केदारनाथ और वायरल हो रहे वीडियो का स्क्रीनशॉट. (तस्वीरें- आजतक और ट्विटर)

कानपुर देहात अग्निकांड (Kanpur Dehat) के पीड़ित से कथित रूप से ज्यादती किए जाने की जानकारी आ रही है. हालांकि घटना 13 फरवरी से एक महीना पहले की है. एक वीडियो सामने आया है. इसमें पीड़ित परिवार के लड़के शिवम दीक्षित को अर्ध-नग्न होने के लिए कहा जा रहा है. शिवम का आरोप है कि वीडियो ज़िलाधिकारी दफ़्तर का है. उसने बताया कि वो वहां अपनी गुहार लगाने पहुंचा था. लेकिन उसकी सुनने के बजाय ADM के कहने पर उसके कपड़े उतरवा दिए गए. हालांकि, इस मामले में आरोपित ADM का कहना है जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वो ग़लत हैं.

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उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने इस वीडियो को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर करते हुए लिखा है,

"कानपुर देहात अग्निकांड के पीड़ित को अर्द्धनग्न करके प्रताड़ित करने का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा सरकार अब अपनी सफ़ाई में क्या कहेगी. जनता पूछ रही है, अधिकारियों के ऊपर बुलडोज़र कब चलेगा? भाजपा उत्पीड़न का पर्यायवाची बन गई है."

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कहां तक पहुंचा है मामला?

सोमवार, 13 फरवरी को कानपुर प्रशासन के लोग सरकारी ज़मीन से 'अवैध क़ब़्जा' हटाने गए थे. इस दौरान वहां एक घर में आग लग गई, जिसमें प्रमिला दीक्षित और उनकी बेटी नेहा दीक्षित की मौत हो गई थी. परिवार ने प्रशासन पर आग लगाने का आरोप लगाया है. मामले में मृतक के परिजनों ने SDM, कानूनगो, लेखपाल, SHO समेत दो दर्ज़न से ज्यादा लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है. वहीं, प्रशासन का कहना है कि मां-बेटी ने खुद ही आग लगाई थी. इस मामले में जांच के लिए दो स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीमें (SIT) बनाई गई हैं.

और, अब घटना से एक महीने पहले का ये वीडियो सामने आया है. आजतक से जुड़े सूरज सिंह की रिपोर्ट के मुताबिक़, वीडियो 14 जनवरी का है. इस वीडियो के सामने आने के बाद शिवम ने भी मीडिया से बात की है. पीड़ित शिवम का कहना है कि 14 जनवरी की रात, जब वो पूरे परिवार के साथ ज़िलाधिकारी से गुहार लगाने गया था, तब वहां पर उनके कपड़े उतारवाए गए थे. वहां पर ADM, SDM और पुलिस के और अधिकारी भी मौजूद थे.

शिवम का ये भी कहना है की अपनी मां और बहन की कथित हत्या की जांच से वो संतुष्ट नहीं है. युवक ने कहा कि उसे सहायता का आश्वासन दिया गया था, वो भी अभी तक पूरा नहीं हुआ है. मुख्यमंत्री से मिलने की बात हुई थी, वो भी नहीं हुई. शिवम ने आरोप लगाया कि पुलिस की कार्रवाई बहुत ही ढीले स्तर पर हो रही है.

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इस मामले में कानपुर देहात पुलिस की भी प्रतिक्रिया आई है. उसने अखिलेश यादव के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा,

"इस मामले में क्षेत्राधिकारी भोगनीपुर को गहनता से अति शीघ्र जांच करते हुए रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया गया है."

वहीं ADM केदारनाथ से पूछा गया तो उनका कहना था कि आरोप में बिल्कुल सत्यता नहीं है. अधिकारी ने बताया,

“वो लोग स्वयं आकर कपड़े उतार रहे थे और धमकी दे रहे थे.”

वहीं, जब वायरल हो रही क्लिप के बारे में ADM से पूछा गया, तो उनका कहना था कि अगर पूरी क्लिप देखेंगे तो पूरा मामला समझ में आ जाएगा.

वीडियो में क्या है?

हमने पूरा वीडियो देखा. वीडियो में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने का मंज़र है. एक तरफ़ शिवम कपड़े उतार रहा था. उसके पहले पुलिस ने उसके छोटे भाई अंश दीक्षित को ADM की गाड़ी में बैठाने की कोशिश की, लेकिन अंश उतरकर अपने भाई शिवम के पास गाड़ी से उतर गया और फिर वीडियो बंद करवा दिया गया. वीडियो में सिर्फ़ आवाज़ आ रही है. कोई कह रहा है, कपड़े उतारो. कोई कह रहा है, कपड़े पहनो.

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