इजरायल-हमास के बीच सीजफायर समझौते को दो महीने से ज्यादा समय बीत चुका है. इस बीच दावा किया जा रहा है कि इजरायल अभी भी गाजा में बड़े पैमाने पर तोड़-फोड़ कर रहा है और इमारतें नष्ट कर रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक सीजफायर शुरू होने के बाद से इजरायल गाजा में अब तक 2500 से ज्यादा इमारतें गिरा चुका है. इनमें से ज्यादातर इमारतें उन इलाकों की हैं, जो इजरायल के कब्जे वाले हिस्से में आती हैं. साथ ही हमास के कंट्रोल वाले इलाकों में भी कई इमारतें नष्ट की गई हैं.
सीजफायर के बाद भी गाजा में तबाही मचा रहा इजरायल! 2500 से ज्यादा इमारतें जमींदोज
Israel action in Gaza: इजरायल का कहना है कि यह तोड़-फोड़ अंडरग्राउंड सुरंगों को नष्ट करने के लिए की जा रही है, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी करते थे. साथ ही उन इमारतों को गिराया जा रहा है, जिनमें बारूदी सुरंगें बिछी हुई थीं.


मालूम हो कि सीजफायर समझौते के तहत इजरायल ने एक तय सीमा से अपनी सेना पीछे हटा ली थी. इजरायल ने एक नक्शा जारी किया था, जिसमें उसके कंट्रोल वाले इलाकों को पीली लाइन से चिन्हित किया गया था. इन्हीं में से शेजाइया एक ऐसा इलाका है, जो पीली लाइन तक फैला हुआ है. न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीरों के हवाले से दावा किया कि युद्धविराम के समय उस इलाके में कई सारी इमारतें थीं, लेकिन महीनों बाद वही इलाका बंजर जमीन में बदल गया. वहां मौजूद इमारतें नष्ट कर दी गईं. दावा किया गया है कि केवल पीली लाइन के भीतर नहीं, बल्कि उसके बाहर भी इमारतें नष्ट की गई हैं. कई जगहों पर लाइन से 900 फीट दूर तक.
सुरंगें नष्ट करने का दावारिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि 30 अक्टूबर की रात, जब हमास-इजरायल के बीच सीजफायर लागू था, तब शेजाइया के एक बड़े हिस्से में तोड़फोड़ की जा रही थी. रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह तोड़-फोड़ अंडरग्राउंड सुरंगों को नष्ट करने के लिए की जा रही है, जिनका इस्तेमाल आतंकवादी करते थे. साथ ही उन इमारतों को गिराया जा रहा है, जिनमें बारूदी सुरंगें बिछी हुई थीं. इजरायल का अनुमान है कि इन अंडरग्राइंड सुरंगों का नेटवर्क सैकड़ों मील तक फैला हुआ है, जिनमें जाने के लिए हजारों एंट्री पॉइंट्स हैं. इजरायल का मानना है कि हमास ने इन सुरंगों का इस्तेमाल हथियार जमा करने, बंधकों को छिपाने और उसके सैनिकों पर घात लगाकर हमला करने के लिए किया है.

एक इजरायली आर्मी ऑफिसर ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि इजरायल अंधाधुंध इमारतों को नहीं गिरा रहा है. कभी-कभी वे तब ढह जाती हैं, जब सैनिक उनके नीचे की सुरंगों में विस्फोटक लगाते हैं. अधिकारी ने माना कि पीली रेखा के दोनों ओर तोड़फोड़ की जा रही थी, लेकिन इजरायली सेना ने इसके लिए लाइन पार नहीं की थी. इजरायली अधिकारी ने यह भी कहा कि वायुसेना उन इमारतों पर हमला कर रही थी, जो इजरायली सैनिकों के लिए खतरा थीं. इनमें से कुछ इमारतें पीली लाइन के पास थीं. उन्होंने कहा कि कुछ सुरंगें लाइन को पार करती हैं, इसलिए उन्हें उड़ाने से उसके दोनों ओर की इमारतें ढह सकती हैं.
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ऑपरेशन रोकने पर बनी थी सहमतिरिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प का गाजा में युद्ध रोकने का जो 20-सूत्रीय प्लान था, उसमें सहमति बनी थी कि गाजा में सभी प्रकार के मिलिट्री और आतंक से जुड़े ढांचे नष्ट कर दिए जाएंगे. इनमें सुरंगें और हथियार बनाने की फैक्ट्रियां भी शामिल थीं. लेकिन साथ ही यह भी कहा गया था कि इजरायल और हमास सभी सैन्य अभियान भी रोक देंगे. इजरायली सेना ने भी हमास के कंट्रोल वाले इलाकों पर अपने ऑपरेशन रोकने पर सहमति जताई थी. लेकिन रिपोर्ट में दावा है कि इजरायल ने अपने ऑपरेशन पूरी तरह से रोके नहीं हैं. कई स्थानीय लोगों ने भी मीडिया से बात करते हुए इजरायल की इन कार्रवाइयों पर चिंता जताई है. कहा है कि इजरायल पूरी तरह से इन इलाकों को नष्ट कर रहा है.
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