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संजय राउत ने किस घटना का जिक्र करते हुए कहा, शिवसेना ऐसा न करती तो देश में उसका पीएम होता

संजय राउत ने बताया कि कैसे शिवसेना ने BJP के लिए सत्ता का दरवाजा खोल दिया?

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संजय राउत ने कहा बाबरी कांड के बाद उत्तर भारत में हमारी लहर थी, चुनाव लड़ते तो शिवसेना का PM होता (फाइल फोटो: आजतक)
महाराष्ट्र में जब से शिवसेना ने कांग्रेस और एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बनाई है. तब से BJP के साथ उसका तनाव बना हुआ है. दोनों ही रह-रहकर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी भी करते रहते हैं. अब शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने BJP पर निशाना साधा है. राउत ने कहा है कि शिवसेना की एक गलती के चलते आज भाजपा केंद्र में सत्ता का सुख भोग रही है. उनके मुताबिक बाबरी कांड के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी, लेकिन फिर भी उसने बीजेपी की वहां मौका दे दिया. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक संजय राउत ने कहा,
"महाराष्ट्र में हम बीजेपी को नीचे से उठाकर ऊपर तक ले गए. बाबरी कांड के बाद उत्तर भारत में शिवसेना की लहर थी, अगर हम वहां उस समय चुनाव लड़े होते, तो देश में हमारे (शिवसेना के) प्रधानमंत्री होते, लेकिन हमने यह स्पेस उनके (बीजेपी के) लिए छोड़ दिया. बीजेपी सिर्फ सत्ता के लिए हिंदुत्व का इस्तेमाल करती है."
उद्धव ठाकरे के बयान से शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर महाराष्ट्र में काफी दिनों से शिवसेना और बीजेपी के बीच बयानबाजी बंद थी. लेकिन रविवार 23 जनवरी को राज्य के सीएम उद्धव ठाकरे ने एक ऐसा बयान दिया जिसके बाद दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर फिर शुरू हो गया. रविवार को बाला साहेब ठाकरे की 96वीं जयंती थी. इस मौके पर सीएम उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिवसेना ने बीजेपी के साथ गठबंधन में 25 साल बर्बाद किए और बीजेपी का हिंदुत्व केवल और केवल सत्ता के लिए है. आजतक से जुड़ीं विद्या की एक रिपोर्ट के मुताबिक उद्धव ठाकरे ने कहा,
शिवसेना ने बीजेपी को छोड़ा है, हिंदुत्व को नहीं. मेरा मानना है कि बीजेपी का अवसरवादी हिंदुत्व सत्ता के लिए है. बीजेपी का सिद्धांत यूज एंड थ्रो पॉलिसी है.याद कीजिए वो दिन जब चुनाव में बीजेपी प्रत्याशी अपनी जमानत खो देते थे. उस समय उन्हें हमारी जरूरत थी, उन्होंने हमारे साथ, अकाली दल और ममता बनर्जी के साथ गठबंधन किया और केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी ने सरकार बनाई. हमने उनका तहे दिल से समर्थन किया. लेकिन अब ये नव-हिंदुत्ववादी हिंदुत्व का इस्तेमाल सिर्फ अपने फायदे के लिए कर रहे हैं."
इस दौरान सीएम ठाकरे ने बीजेपी पर चुनाव जीतने के लिए ईडी, इनकम टैक्स और CBI का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया. उद्धव ठाकरे के बयान से बीजेपी बौखलाई उद्धव ठाकरे द्वारा बीजेपी को हिंदुत्व को लेकर अवसरवादी बताए जाने से बीजेपी नेता बौखला गए. बीजेपी नेता राम कदम ने जवाब देते हुए कहा,
हिंदुत्व पर व्याख्यान देने से पहले सीएम उद्धव ठाकरे को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए कि क्या शिवसेना दिवंगत बाल ठाकरे की विचारधारा का पालन कर रही है? वही बाला साहेब जिन्होंने कहा था कि राजनीति और जीवन में उनकी पार्टी कभी भी कांग्रेस में शामिल नहीं होगी, और अगर ऐसी परिस्थितियां आती भी हैं तो वह कांग्रेस में शामिल होने के बजाय पार्टी को बंद करना पसंद करेंगे.
विवाद में एनसीपी ने ली चुटकी शिवसेना के साथ महाराष्ट्र की सरकार में सहयोगी NCP के नेता और मंत्री नवाब मलिक ने इस सियासी झगड़े में चुटकी ली है. इंडिया टुडे के मुताबिक उन्होंने शिवसेना की बात को आगे बढ़ाते हुए कहा,
ये सच है कि जिसने भी बीजेपी के साथ गठबंधन किया, बीजेपी उसको खत्म कर देती है, अपने धर्म पर गर्व करना अच्छी बात है, लेकिन दूसरों के धर्म से नफरत करना कहीं से भी सही नहीं है.

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