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'पहले वर्जिन हीरोइनों को कास्ट किया जाता था, जिन्होंने किस तक न किया हो' - महिमा चौधरी

महिमा चौधरी ने आमिर खान और गोविंदा का उदाहरण देते हुए एक और बात बताई है.

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अपने करियर के बाद के दिनों में महिमा चौधरी और दूसरी तरफ अपने करियर के शुरुआती दिनों में महिमा.
महिमा चौधरी इन दिनों अपने एक इंटरव्यू को लेकर सुर्खियों में हैं. महिमा ने अपने हालिया इंटरव्यू में इंडस्ट्री में महिलाओं की सुधरती कंडिशन को लेकर बात की है. उन्होंने बताया कि जब उन्होंने इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब एक्ट्रेसेज़ की पर्सनल लाइफ को काफी तवज्जो दी जाती थी. उनके रिलेशनशिप स्टेटस के आधार पर उनके करियर बनते-बिगड़ते थे. महिमा ने कहा कि पहले फिल्ममेकर्स 'वर्जिन' हीरोइनों को अपनी फिल्मों में कास्ट किया करते थे. मगर अब चीज़ें बदल गई हैं. एक्ट्रेस पहले से कहीं बेहतर और पावरफुल पोज़िशन में हैं.
एक्ट्रेसेज़ की पर्सनल लाइफ का उनके प्रोफेशनल लाइफ पर क्या असर पड़ता था, इस बारे में हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए
महिमा कहती हैं-
''जैसे ही आप किसी को डेट करना शुरू करते थे, लोग आपका करियर खत्म हुआ मान लेते थे. क्योंकि तब इंडस्ट्री में सिर्फ वर्जिन हीरोइनों की मांग थी, जिन्होंने किस तक नहीं किया हो. अगर आप शादीशुदा हो, तो ये सब भूल जाइए. आपका करियर खत्म है. और अगर आपको बच्चा है, तो करियर पूरी तरह खत्म हो जाता था.''
मगर जो इंडस्ट्री हीरोइनों को लेकर इतनी क्रूर थी, वहां एक्टर्स को हर चीज़ की छूट थी. महिमा, गोविंदा और आमिर खान का उदाहरण देते हुए कहती हैं-
''जब क़यामत से क़यामत तक रिलीज़ हुई थी, तब भी हमें नहीं पता था कि आमिर खान शादीशुदा हैं. गोविंदा के लिए भी यही चीज़ लागू होती है. लोग उनके बच्चों की तस्वीरें नहीं छापते थे. क्योंकि अगर उनके बच्चों की तस्वीरें बाहर आ गईं, तो लोगों को उनकी उम्र पता लग जाएगी. ये सारी चीज़ें अब बदल गई हैं.''
फिल्म 'परदेस' के एक सीन में शाहरुख खान के साथ महिमा चौधरी.
फिल्म 'परदेस' के एक सीन में शाहरुख खान के साथ महिमा चौधरी.

महिमा का मानना है कि अब किसी एक्ट्रेस का रिलेशनशिप स्टेटस उसके करियर के आड़े नहीं आता. पहले उन्हें करियर या पर्सनल लाइफ में से चुनना पड़ता था. अपनी बात को एक्सप्लेन करते हुए महिमा बताती हैं-
''पहले आपको दो चीज़ों में से चुनाव करना पड़ता था. करियर या पर्सनल लाइफ. मगर आज के समय में आप दोनों चीज़ें कर सकते हैं. अब लोग महिलाओं को अलग-अलग रोल्स में स्वीकार करने लगे हैं. पत्नी या मां बनने के बाद भी आप रोमैंटिक रोल्स कर सकती हैं. उनकी पर्सनल लाइफ को सेलीब्रेट किया जाता है. पहले तो एक्टर्स भी अपना रिलेशनशिप स्टेटस छुपाते थे. उनकी फिल्मों की रिलीज़ के कई सालों बाद लोगों को पता चलता था कि वो शादीशुदा हैं.''
महिमा ने अपने करियर की शुरुआत 1997 में आई फिल्म 'परदेस' से की थी. शाहरुख खान और महिमा चौधरी स्टारर इस फिल्म को सुभाष घई ने डायरेक्ट किया था. महिमा सुभाष को अपना मेंटॉर मानती थीं. मगर बाद में महिमा और घई के बीच खटपट हो गई, जिससे महिमा के करियर को काफी नुकसान पहुंचा. इसके बाद महिमा चौधरी का एक खतरनाक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें उनका चेहरा खराब होते-होते रह गया. महिमा की आखिरी प्रॉपर मेनस्ट्रीम फिल्म 'सरहद पार' 2006 में रिलीज़ हुई थी. उसके बाद से अब तक वो कुल चार फिल्मों में नज़र आई हैं. उनकी आखिरी फिल्म 2016 में रिलीज़ हुई थी, जिसका नाम था 'डार्क चॉकलेट'.

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