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ट्रंप ने वेनेजुएला हमले से भी बड़ी सेना ईरान की तरफ रवाना की

28 जनवरी को ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट किया और ईरान को कहा कि भईया, आराम से बैठो. हमारे साथ बातचीत करो और परमाणु हथियारों पर डील कर लो. इससे सभी का भला होगा. वर्ना अमेरिका का अटैक बहुत बुरा हो सकता है.

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USS अब्राहम लिंकन समुद्र में तैरता अमेरिकी एयरबेस है. (फोटो-इंडिया टुडे)

स्टार वॉर्स मूवी के अहम किरदार ओबी-वान केनोबी अपने शिष्य ऐनेकिन (जो बाद में डार्थ वेडर बना) से लड़ते हुए कहता है- "Only Syth deals in absolutes." स्टार वॉर्स फैन्स को इसका भावार्थ पता है. कि अगर आप मेरे दोस्त नहीं हैं तो फिर आप मेरे दुश्मन हैं. अंग्रेजी में इसके लिए "My way or highway" भी कहा जाता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल में लगता है इसी पॉलिसी पर चल रहे हैं. 

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यानी अपनी बात मनवानी है, तो टैरिफ का जिक्र छेड़ दो. कह दो कि उस देश से डील नहीं रोकी, तो टैरिफ लगा दिया जाएगा. मेरा साथ नहीं दिया, तो टैरिफ से निपटते रहना. और जहां बात टैरिफ से भी नहीं बनती, वहां ट्रंप अपनी शक्तिशाली सेना का इस्तेमाल कर लेते हैं. जैसे कि अब उन्होंने ईरान को धमकी दी है. कहा है कि न्यूक्लियर डील कर लो, वर्ना अमेरिकी सेना का युद्धपोत पूरी तैयारी के साथ आपकी तरफ बढ़ रहा है. फिर ईरान को अमेरिकी सेना का सामना करना पड़ेगा.  

28 जनवरी को ट्रंप ने Truth Social पर एक पोस्ट किया और ईरान को कहा कि भईया, आराम से बैठो. हमारे साथ बातचीत करो और परमाणु हथियारों पर डील कर लो. इससे सभी का भला होगा. वर्ना अमेरिका का अटैक बहुत बुरा हो सकता है. उन्होंने पोस्ट में लिखा,

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एक बड़ी अर्माडा (आर्म फोर्स) ईरान की तरफ जा रही है. पूरी ताकत, जोश और उद्देश्य के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है. यह वेनेजुएला भेजे गए बेड़े से कहीं ज्यादा बड़ी है, जिसका नेतृत्व एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन कर रहा है. बिल्कुल वेनेजुएला की तरह ही, यह बेड़ा भी तैयार है. ये बेड़ा इच्छुक है और जरूरत पड़ने पर तेजी और आक्रामकता के साथ अपने मिशन को पूरा करने के काबिल है.

अपनी सेना का गुणगान करने के बाद ट्रंप ईरान को धमकाना शुरू करते हैं. वह कहते हैं,

“उम्मीद है कि ईरान जल्द ही बातचीत करेगा और न्यायसंगत और संतुलित समझौते के लिए तैयार होगा, जिसमें परमाणु हथियार शामिल न हो. एक ऐसा समझौता जो सभी पक्षों के हित में हो. समय तेजी से बीत रहा है. ये मामला काफी जरूरी है.”

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फिर ट्रंप ने अतीत में हुए एक टकराव का जिक्र किया और लिखा, “जैसा कि मैंने पहले भी ईरान से कहा था, समझौता करो. उन्होंने समझौता नहीं किया और फिर 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' हुआ. इसमें ईरान बुरी तरह तबाह हो गया था. अगला हमला इससे कहीं ज्यादा भयंकर हो सकता है. ऐसा दोबारा न होने दें. इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद! राष्ट्रपति डॉनल्ड जे. ट्रंप.”

‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ जून 2025 में हुआ था. इसमें अमेरिका ने ईरान के तीन मुख्य परमाणु संयंत्रों पर बमबारी की थी. ट्रंप ने बार-बार दावा किया कि जून में हुए हमले ने ईरानी परमाणु कार्यक्रम को "पूरी तरह नष्ट" कर दिया है. जिसके बारे में पश्चिमी देशों और इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट को आशंका है कि इसका उद्देश्य न्यूक्लियर वेपन विकसित करना है.

ईरान के विदेश मंत्री का बयान

ट्रंप के बयान के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची ने मीडिया से बातचीत में कहा, "हाल के दिनों में अमेरिकी राजदूत के बीच कोई संपर्क नहीं हुआ और हमारी तरफ से बातचीत का कोई अनुरोध नहीं किया गया." 

इसी महीने की शुरुआत में अरघची ने कहा था कि अगर अमेरिका उनके देश को परखना चाहता है, तो वह इस युद्ध के लिए तैयार है.

बता दें कि USS अब्राहम लिंकन समुद्र में तैरता अमेरिकी एयरबेस है. यह अकेले काम नहीं करता. इसमें US नेवी का कैरियर स्ट्राइक ग्रुप भी तैनात रहता है, जो दुश्मन को तबाह करने के लिए तैयार रहता है. ट्रंप ने 23 जनवरी को एयर फोर्स वन में कहा था कि अमेरिका ईरान पर कड़ी नजर रख रहा है और उनके पास एक बड़ा बेड़ा भेज रहा है. 

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की तरफ बढ़ रहे USS अब्राहम लिंकन ग्रुप में अन्य अमेरिकी वॉरशिप, डेस्ट्रॉयर और फाइटर एयरक्राफ्ट शामिल हैं. इस जहाज पर 400 किलोमीटर से भी ज्यादा दूरी तक निशाना लगाने वाली मिसाइलें भी लगी हैं. 

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