शांति की ताल ठोकने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप इस रास्ते से रूठे नजर आ रहे हैं. नोबेल शांति पुरस्कार ना मिलने का शिकवा फिलहाल ग्रीनलैंड पर निकल रहा है. दुनिया के नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने फिर ग्रीनलैंड पर दावा ठोका. उसे ‘बर्फ का एक टुकड़ा’ बताया और कहा कि वे बस ग्रीनलैंड चाहते हैं. मगर डेनमार्क इसे देने के लिए तैयार नहीं है. ट्रंप ने ये सब स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की स्पीच में कहा.
दावोस में ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर फिर ठोका दावा, कहा- 'हम सिर्फ बर्फ का एक टुकड़ा ही तो चाहते हैं'
Donald Trump on Greenland: अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने Davos में World Economic Forum में शामिल हुए. उन्होंने यहां भी ग्रीनलैंड के मुद्दे पर बात की. ग्रीनलैंड पर उनके दावे से अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ गया है.
.webp?width=360)

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में अमेरिका-यूरोप समेत दुनियाभर के बड़े-बड़े राजनेता शामिल हुए. ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर बात करते हुए दावा किया कि ग्रीनलैंड की रक्षा करने की ताकत अमेरिका के अलावा किसी दूसरे देश के पास नहीं है. दुनिया के नेताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, “अतीत में ग्रीनलैंड को छोड़ना एक 'बेवकूफी' थी. डेनमार्क अपने दम पर इस द्वीप की रक्षा नहीं कर सकता है.”
ट्रंप ने ये भी कहा,
“हम बस इतना ही कह रहे हैं कि ग्रीनलैंड को सही मालिकाना हक मिले, क्योंकि इसे बचाने के लिए आपको मालिकाना हक की जरूरत होती है. आप इसे लीज (किराए) पर देकर नहीं बचा सकते. नंबर एक, आप कानूनी तौर पर बचाव नहीं कर सकते. नंबर दो, साइकोलॉजिकली, कौन लाइसेंस एग्रीमेंट को बचाव करना चाहेगा?"
उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बेशक किसी को ग्रीनलैंड की मांग कम लगती हो. लेकिन रणनीतिक रूप से इसका महत्व काफी ज्यादा है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा,
“हम दुनिया की सुरक्षा के लिए सिर्फ बर्फ का एक टुकड़ा चाहते हैं और वे उसे देने के लिए तैयार नहीं. ये बहुत छोटी मांग है. उन सब चीजों के मुकाबले, जो हमने दशकों से उन्हें दी है. हम चाहें तो उस जमीन को अपने पास रख सकते थे. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया. ”
उन्होंने ये भी दावा किया कि वे ग्रीनलैंड को पाने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेंगे. ट्रंप ने कहा कि लोगों को लगता है कि मैं ताकत का इस्तेमाल कर सकता हूं, लेकिन मुझे ऐसा करने की जरूरत नहीं है. ट्रंप ने साफ किया कि वे पावर का यूज नहीं करना चाहते और ना ही करेंगे.
हालांकि, ट्रंप ने उनकी बात ना मानने पर चेतावनी देते हुए कहा, “अब आपके पास एक विकल्प है. या तो वे हां कहें और हम इसकी सराहना करेंगे. या वे नहीं कहें और हम इसे याद रखेंगे.” ट्रंप की इन टिप्पणियों ने अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव को और भड़का दिया है.
वीडियो: नोएडा में इंजीनियर की मौत पर ट्रक ड्राइवर ने क्या बताया?











.webp?width=275)

.webp?width=275)



.webp?width=120)


