मंदिर पर हमले और कुरान के अपमान की अफ़वाह के बीच बांग्लादेश में हिंसा जारी!
इस्कॉन प्रशासन ने UN से दखल की मांग की.
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तस्वीर ढाका की है. कुरान के अपमान की अफ़वाह के बीच तमाम प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर आए और पुलिस से भिड़ गए. (फोटो- PTI)
हिंदू मंदिरों पर हमले और कुरान के कथित अपमान के बीच बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है. शुक्रवार, 15 अक्टूबर से ही तमाम स्थानों पर प्रदर्शन और हिंसक झड़प हो रही हैं. 20 से अधिक जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है. अलग-अलग जगह हुई हिंसा में अब तक कम से कम छह लोगों की मौत की ख़बर आ चुकी है. BBC की ख़बर के मुताबिक राजधानी ढाका के पाल्टन और नोआखाली में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी झड़प हुई. ये लोग कुरान के अपमान की ख़बरों से नाराज़ थे. ऐसी भी ख़बर है कि कुछ हिंदुओं के घरों को निशाना बनाया गया, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. इसी तरह चांदपुर के हाजीगंज में भी झड़प हुई, जिसमें एक की मौत की ख़बर है. हिंदू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद के राणा दास गुप्ता ने आरोप लगाया कि चिटगांव के कई मंदिरों और मंडपों पर हमले की कोशिश की गई. इससे पहले भी हिंसा में 4 लोगों की मौत की ख़बर आई थी.
क्यों बिगड़े हालात?
हाल ही में बांग्लादेश में नवरात्रि के लिए लगाए गए पंडाल को कट्टरपंथियों ने तहस-नहस कर दिया था. घटना ढाका से 100 किलोमीटर दूर चांदपुर जिले में 13 अक्टूबर को हुई. कट्टरपंथियों की हिंसक भीड़ ने दुर्गा पूजा पंडाल पर हमला कर हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियों को भी नुकसान पहुंचाया था. हिंसा में 4 लोगों की मौत हुई थी. वहीं 50 लोगों के घायल होने की खबर थी. इंडिया टुडे की ख़बर के मुताबिक- जिले के कोमिला इलाके में कुरान के अपमान की अफ़वाह फैल गई थी. सोशल मीडिया पर इसे लेकर बातें हो रही थीं. कहा जा रहा था कि यहां लगाए गए एक दुर्गा पूजा पंडाल में कुरान का अपमान किया गया है. दावा किया गया कि पंडाल में हिंदू भगवान के चरणों पर कुरान रखी गई थी. ये बात सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो बवाल मच गया. इसी के बाद हिंसा भड़की. वहीं 15 अक्टूबर को नोआखली इलाके में एक इस्कॉन मंदिर में भीड़ ने कथित तौर पर भक्तों पर हमला कर दिया. इस्कॉन प्रशासन ने ट्वीट करके जानकारी दी कि इस हमले में एक भक्त की मौत भी हो गई. कोलकाता में इस्कॉन प्रशासन के उपाध्यक्ष राधारमण दास ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए भारत में PM मोदी और संयुक्त राष्ट्र से इस मसले में दख़ल देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इन लोगों को बांग्लादेश की PM शेख हसीना से बात करके इस हिंसा को रोकने की दिशा में कदम उठाने चाहिए.
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