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चीफ जस्टिस चंद्रचूड़ तकलीफ में थे, लोगों ने दर्द नहीं समझा, खूब बातें बनाईं... सच अब पता लगा

CJI Chandrachud ने Bengaluru में एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि कई बार वकील और वादी जजों के साथ बात करते हुए लिमिट क्रॉस कर जाते हैं. कैसे उनका दर्द समझे बिना लोगों ने उन्हें ट्रोल किया था, चीफ जस्टिस ने ये भी बताया.

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बैठने को लेकर ट्रोल हुए CJI चंद्रचूड़ (फोटो- इंडिया टुडे)

भारत के मुख्य न्यायाधीश DY चंद्रचूड़ (CJI Chandrachud) को हाल ही में बुरी तरह ट्रोलिंग (Trolling) और दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा. बेंगलुरु के एक कार्यक्रम में बातचीत के दौरान CJI ने ताजा किस्सा शेयर किया. उन्होंने बताया कि सुनवाई के दौरान कुर्सी पर बैठने के तरीके को लेकर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया था.

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PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 मार्च को CJI चंद्रचूड़ बेंगलुरु में न्यायिक अधिकारियों के 21वें द्विवार्षिक राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने पहुंचे थे. यहां उन्होंने स्ट्रेस मैनेजमेंट और वर्क लाइफ बैलेंस पर अपने विचार जाहिर किए. इसी दौरान अपना किस्सा साझा करते हुए  CJI ने कहा, 

हाल ही में एक जरूरी सुनवाई के लाइव-स्ट्रीमिंग वीडियो को लेकर मुझे ट्रोल किया गया था. चार-पांच दिन पहले मैं एक मामले की सुनवाई कर रहा था. मेरी पीठ में थोड़ा दर्द था, इसलिए मैंने अपनी कुर्सी पर अपनी कोहनियां रख दीं और कुर्सी पर अपनी पोजीशन बदल ली. सोशल मीडिया पर आरोप लगाए गए कि मैं इतना अहंकारी (Arrogant) हूं कि सुनवाई के बीच में ही उठ गया.

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CJI ने आगे कहा,

मैं अदालत छोड़कर नहीं गया था, बल्कि मैंने केवल अपनी बैठने की पॉजिशन बदली थी जिसको लेकर मुझे भयंकर दुर्व्यवहार और ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा. लेकिन मुझे विश्वास है कि हम इससे लड़ सकते हैं. हम जो काम करते हैं उसमें आम नागरिकों का पूरा विश्वास है. 

CJI चंद्रचूड़ ने बताया कि कई बार वकील और वादी भी जजों के साथ बात करते हुए लिमिट क्रॉस कर जाते हैं. उन्होंने बताया कि ऐसे समय में जजों को अपनी पावर इस्तेमाल करने के बजाय समस्या की वजह जानने की कोशिश करनी चाहिए.

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इसके अलावा CJI चंद्रचूड़ ने कर्नाटक में न्यायपालिका की भी सराहना की. उन्होंने बताया कि 1 जनवरी से 23 मार्च के बीच कर्नाटक में जिला न्यायपालिका में 21.25 लाख मामले शुरू किए गए, जिनमें से 20.62 लाख मामलों का निपटारा किया जा चुका है.

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