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90 साल के सीनेटर की दूसरी शादी, इस बार एक मर्द से

'क्योंकि शादी किसी के सेक्स पर निर्भर नहीं करती. प्रेम पर करती है.'

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फोटो - thelallantop
पेंसिलवेनिया के 90 साल के सीनेटर हैरिस वॉफर्ड एक बार फिर शादी कर रहे हैं. लेकिन इस बार शादी औरत से नहीं मर्द से कर रहे हैं.
वॉफर्ड ने अपनी दूसरी शादी का ऐलान बीते वीकेंड किया. वो भी न्यू यॉर्क टाइम्स पर एक आर्टिकल लिखते हुए. जिसमें उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी की मौत के 15 साल बाद उन्हें फिर से प्यार हुआ है. वॉफर्ड का कहना है कि वो खुद पर 'गे' या 'स्ट्रेट' का लेबल नहीं लगाना चाहते. वो तो बस ये जानते हैं कि उन्हें जीवन में दूसरी बार इश्क हुआ है.
वॉफर्ड की शादी क्लेयर नाम की औरत से हुई थी. 48 साल तक दोनों साथ रहे. क्लेयर से वॉफर्ड की शादी तब हुई थी, जब वॉफर्ड दूसरे विश्व युद्ध में अमेरिका की तरफ से लड़ रहे थे. वॉफर्ड और क्लेयर के 3 बच्चे भी हैं. वॉफर्ड बताते हैं कि क्लेयर उनकी सबसे अच्छी दोस्त और सबसे बड़ी आलोचक थीं.
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पत्नी क्लेयर के साथ

 
क्लेयर की मौत 1996 में खून के कैंसर से हुई थी.
आने वाली 30 अप्रैल को उनकी शादी है. वो शादी, कुछ साल पहले तक जिसकी वो कल्पना भी नहीं कर सकते थे.
पढ़िए क्या कहते हैं वॉफर्ड अपने इस प्रेम और इस शादी के बारे में. ये आर्टिकल वॉफर्ड ने न्यू यॉर्क टाइम्स के लिए लिखा था. उसके कुछ हिस्से हम आपको ट्रांसलेट कर पढ़ा रहे हैं.
"70 की उम्र में मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं फिर से प्रेम करूंगा. और शादी करूंगा. लेकिन मेरे जीवन के पिछले 20 सालों में मुझे 2 बार प्यार हुआ.
3 जनवरी 1996 को अस्पताल के सन्नाटे को चीरते हुए फ़ोन बजा. क्लेयर के बगल में रखे फ़ोन को मैंने उठाया. उधर से आवाज आई, प्रेसिडेंट क्लिंटन मुझसे बात करेंगे. प्रेसिडेंट को पता था कि क्लेयर अब जा रही है. क्लेयर प्रेसिडेंट के कॉल से खुश थी. पर इतनी कमज़ोर थी कि कुछ कह नहीं सकी. बस मुस्कुरा कर रह गई.
कुछ घंटे बाद क्लेयर मेरे हाथों में हाथ डाल मर चुकी थी. 48 साल के साथ में मानो हमने अपना पूरा जीवन जी लिया था.
आने वाले समय बहुत उदास था. अगर दोस्त मेरा साथ न देते तो जाने क्या होता.
जब क्लेयर मरी, हम दोनों ही 70 साल के होने वाले थे. उसके जाने पर मैं इतना जानता था कि मैं इतना बूढ़ा हूं कि दोबारा प्यार नहीं कर पाऊंगा. लेकिन 5 साल बाद जो हुआ, वो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था.
दोपहर का समय था. मैं समंदर में तैर रहा था. दो अजनबी मुझे देख रहे थे. फिर वो मुझसे हेलो कहने आए. और इस तरह मैं मैथ्यू से मिला. उससे बात करते हुए उसके हाव भाव और बात चीत से मैं सम्मोहित होने लगा. उसे और जयादा जानने की ख्वाहिश ने मेरे अंदर जन्म लिया. हम उम्र में एक दूसरे से बहुत दूर थे. हमारे काम-धाम भी बिलकुल अलग अलग थे. फिर भी हमारा रिश्ता 'क्लिक' कर गया.
हम साथ में खूब घूमे. उसकी एनर्जी और जज्बा मुझे प्रेरणा देता. और समय के साथ हमें लगने लगा ये दोस्ती प्यार में तब्दील हो गई है. हम 15 सालों से साथ थे. पर इस बारे में अपने बच्चों को बताने की हिमात मेरे अंदर 3 साल पहले आई. लेकिन मेरे बच्चों ने उसे अपना लिया. जैसे वो हमारी ही फैमिली का सदस्य हो. उसी तरह मैथ्यू के घर वालों ने भी मुझे अपनाया.
ज्यादातर हमारा समाज हमें दीवार पर टांग हमारे ऊपर लेबल लगाने में विश्वास रखता है. लेबल जैसे गे, स्ट्रेट, या कुछ और. लेकिन जिन लोगों से मैं प्रेम करता हूं, उनका जेंडर ध्यान में नहीं रखता. 50 साल एक शानदार औरत के साथ रहा. अब एक मर्द के साथ हूं. मैं खुश हूं कि प्यार करने का ये मौका मेरी लाइफ में दूसरी बार खुशियां लेकर आया.
90 साल की उम्र में, मैं खुश हूं कि मैं एक ऐसे समय में जी रहा हूं जहां सुप्रीम कोर्ट हमारे साथ है. जिसे प्रेसिडेंट ओबामा 'शादी की मर्यादा' कहा करते हैं. क्योंकि शादी किसी के सेक्स पर निर्भर नहीं करती. प्रेम पर करती है."

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