धरती से रॉकेट में बैठकर एक एस्ट्रोनॉट स्पेस स्टेशन तक जाता है. उसे पांच महीने तक अंतरिक्ष में रहना था. लेकिन इसी दौरान पता चलता है कि जिसे वो अपना देश कहता था, वो ख़त्म हो गया है. ऊपर से देखने में धरती वैसी ही दिखती थी. लेकिन एक पूरा देश नक़्शे से ग़ायब हो चुका था. और ये कोई आम देश नहीं था. ये देश लगभग 70 साल पहले एक विष्फोटक क्रांति के नतीजे में बना था. और आज जब वो टूटा तो फुस्स की आवाज़ भी नहीं हुई. सोवियत संघ नामक महाशक्ति बिखर गई लेकिन पीछे छूट गया उसका आख़िरी नागरिक. अनंत आकाश में अकेला. क्या थी सोवियत संघ के आख़िरी नागरिक की कहानी. कैसे वो स्पेस में अकेला रह गया और क्या अंजाम हुआ उसका. ये सब जानेंगे आज के वीडियो में.
तारीख: जब स्पेस में ही फंसा रह गया एस्ट्रोनॉट और देश टूट गया!
ये देश लगभग 70 साल पहले एक विष्फोटक क्रांति के नतीजे में बना था.
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