संभव है किसी दिन टाइम मशीन जैसी किसी अफलातूनी चीज का अविष्कार हो. और अपन चलें 19वीं सदी के भारत में. स्पेसिफिक कहें तो बॉम्बे में. तो ऐसा हो कि किसी रोज़ घड़ियाल बजे, नौकरी पर जाना हो और आप पहुंचे ठीक 8 बजे ऑफिस. लेकिन ये क्या, आप देखते हैं कि बाकी लोग 7.21 से आए हुए हैं. और तब ये अंतर महज समय का अंतर न होगा, बल्कि होगा एक तीखा पॉलिटिकल स्टेटमेंट. आप पूछेंगे वो कैसे? देखिए वीडियो.
तारीख: जानिए कैसे बने घड़ी और समय लड़ाई के हथियार?
आजादी के आठ साल बाद तक बॉम्बे बाकी भारत से अलग टाइम पर चलता रहा
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