इतिहास के ज़ेहन में 2003 की तस्वीर फिर से उभर रही है. जब अमेरिकी टैंकों ने बग़दाद में घुसकर सद्दाम हुसैन की मूर्ति ज़मीन पर गिरा दी थी. अब नज़रें तेहरान पर हैं. जहां हैं ईरान के सुप्रीम कमांडर अयातुल्लाह अली खामेनेई. तो सवाल उठता है, कि क्या ये वही कहानी है, बस किरदार नए हैं? क्या ईरान की इस्लामी हुकूमत भी, इराक़ की तरह, उसी मोड़ पर आ खड़ी हुई है जहाँ तख़्त पर बैठा शासक अपने ही बनाए हथियारों, नारों और वादों के बीच ख़तरे में है? जानने के लिए देखें तारीख का ये एपिसोड.
तारीख: क्या ख़ामेनेई का अंत भी सद्दाम हुसैन जैसा होग?
सद्दाम के पास टैंक थे, खुमैनी के पास ताबीरें. सद्दाम के पास वर्दी थी, खुमैनी के पास मजहबी ज़ुबान. एक चाहता था अरब देशों का सेकुलर सम्राट बनना, और दूसरे को लगता था कि ज़मीन खुदा की है और निज़ाम भी खुदा का ही होना चाहिए.
Advertisement
Add Lallantop as a Trusted Source

Advertisement
Advertisement

.webp?width=80)













.webp?width=275)



