जब पहली बार माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई नापी गई. तमाम गणनाओं के बाद रिज़ल्ट आया, ठीक 29 हज़ार फ़ीट. ये संख्या कुछ ज़्यादा ही नीट थी. सर्वे करने वालों को लगा कहीं लोग इसपे सवाल ना उठा दें. इसलिए अंत में उन्होंने अपनी तरफ़ से 2 फ़ीट और जोड़ दिए. इस तरह एवरेस्ट की ऊंचाई 29 हज़ार 2 फ़ीट मानी गई. पहले इसका नाम पीक 15 हुआ करता था. जब तय हो गया कि ये दुनिया की सबसे ऊंची चोटी है, इसका नाम सर जॉर्ज एवरेस्ट के नाम पर रखा गया. जॉर्ज एवरेस्ट 1830 से 1843 तक भारत के सर्वेयर जर्नल हुआ करते थे. हालांकि इसकी खोज एवरेस्ट ने नहीं की थी. बल्कि इसे खोजने वाला शख़्स एक भारतीय था. कौन था ये शख़्स, कैसे हुई एवरेस्ट की खोज? जानने के लिए देखें वीडियो.
तारीख: माउंट एवरेस्ट के नाम पर अंग्रेजों ने क्या झूठ बोला?
साल 1856 में एवरेस्ट जो दुनिया की सबसे ऊंची चोटी घोषित किया गया. कौन था एवरेस्ट को नापने वाला भारतीय और कैसे नापी गई एवरेस्ट की ऊंचाई?
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