सीएम एकनाथ शिंदे ने 20 फरवरी, 2024 को विधानसभा में मराठा समुदाय को दस परसेंट आरक्षण देने वाला सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़ा विधेयक- 2024 पेश किया. ये विधेयक सर्वसम्मति से पारित हो गया. मुख्यमंत्री शिंदे अब इस बिल को विधान परिषद में पेश करेंगे. विधान परिषद में पास होने के बाद यह विधेयक कानून की शक्ल ले लेगा. महाराष्ट्र में पहले से 52 परसेंट आरक्षण पहले से है. मराठा आरक्षण जुड़ने से राज्य में 62 पर्सेंट आरक्षण हो जाएगा. और विधेयक पास होने के बाद भी इसी 62 पर्सेंट की संख्या पर गरारी अटकी हुई है. मराठा एक जातीय समूह है जिसके अंदर कई सब-कास्ट्स हैं.
आसान भाषा में: मराठा आरक्षण विधेयक से किसको फायदा?
महाराष्ट्र में पहले से 52 परसेंट आरक्षण पहले से है.
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