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वो कानून जो बिना धर्म बदले दूसरे धर्म में शादी करने का रास्ता खोलता है

अब स्पेशल मैरिज एक्ट में शादी करने वालों को 30 दिन पहले नोटिस देने की कोई जरूरत नहीं है.

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देश के हर नागरिक को ये संवैधानिक अधिकार हासिल है कि वो जिस धर्म और जाति में चाहे शादी कर सकता है. इसी बात को ख्याल में रखते हुए, 1954 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के समय एक कानून बनाया गया. इस कानून को 'स्पेशल मैरिज एक्ट 1954' के नाम से जानते हैं. आइए, आज इस वीडियो में 'स्पेशल मैरिज एक्ट 1954' के बारे में सब कुछ जानते हैं.

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