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AAP के पोस्टर बॉय गोपाल इटालिया की पूरी कहानी, क्लर्क रहते मंत्री पर जूता फेंक दिया था

गोपाल इटालिया पर आरोप है कि उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया.

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गोपाल इटालिया. (फाइल फोटो: आजतक)

गुजरात विधानसभा के गेट के बाहर एक लड़का करीब एक घंटे से इंतजार कर रहा था. अंदर सदन की कार्यवाही चल रही थी. उस लड़के ने लाल रंग की चेक शर्ट पहनी थी और नजर का चश्मा भी लगाया था. कार्यवाही खत्म हुई. असेंबली के गेट पर चहलकदमी थी. विधायक, अधिकारी, पुलिसवाले आ-जा रहे थे. सदन से बाहर आकर वहीं एक कोने में गृह राज्य मंत्री (तब के) प्रदीप सिंह जाडेजा पत्रकारों से बात कर रहे थे. बाहर इंतजार कर रहा वो लड़का अंदर आता है. सीढ़ियां चढ़ता है और वहां पहुंचता है, जहां मंत्री बाइट दे रहे थे. जबतक कोई कुछ समझ पाता उसने मंत्री पर जूता फेंक दिया. और चिल्लाया-

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"ये सरकार घमंडी है. भ्रष्ट है. बेरोजगारों का शोषण करती है."

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक 2 मार्च, 2017 को शायद पहली बार किसी ने गुजरात में किसी मंत्री पर जूता फेंका था. हालांकि, इतना तो तय है कि सरकार के लिए काम करने वाले किसी शख्स ने पहली बार किसी मंत्री पर नौकरी के दौरान जूता फेंका हो. जूता फेंककर जेल जाने वाला ये शख्स था गोपाल इटालिया. वही गोपाल इटालिया, जिन्हें आज 10 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने महिलाओं पर कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी करने पर 3 घंटे के लिए हिरासत में लेकर छोड़ दिया.

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इस घटना के बाद अहमदाबाद में SDM के दफ्तर में सरकारी बाबू की तरह काम कर रहे गोपाल इटालिया को सर्विस रूल के मुताबिक जूता फेंकने के आरोप में नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया. इटालिया फिलहाल गुजरात में आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष हैं और पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के गुजरात दौरे के दौरान सबसे ज्यादा यही चेहरा टीवी-अखबरों में नज़र आता है.

पाटीदार आंदोलन में हिस्सा

गुजरात के बोटाद के रहने वाले गोपाल इटालिया का करियर ग्राफ बेहद दिलचस्प है. स्कूल के बाद गुजरात विश्वविद्यालय से स्नातक किया. पढ़ाई के बाद इटालिया की नौकरी लगी. साल 2013 में गुजरात पुलिस में कॉन्स्टेबल के पद पर भर्ती हो गए. साल भर नौकरी की. लेकिन दूसरी नौकरी की तैयारी भी करते रहे. साल भर पुलिस की नौकरी के बाद इटालिया की अहमदाबाद में राजस्व क्लर्क की नौकरी लगी.

कांशीराम जैसे विरले ही सरकारी नौकरी लगने के बाद सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते हैं. भले ही कितनी दिलचस्पी हो. लेकिन गोपाल इटालिया उन्हीं में से एक थे. 2015 में गुजरात में पाटीदार आरक्षण आंदोलन शुरू हुआ था. उस आंदोलन से एक राजनीतिक चेहरे ने जन्म लिया. वही चेहरा जो कांग्रेस से होते हुए आज उसी बीजेपी का नेता है, जिसके खिलाफ पूरे पाटीदार आंदोलन की परिपाटी रची गई थी. बात हार्दिक पटेल की हो रही है. नौकरी के दौरान ही इटालिया पाटीदार आंदोलन से जुड़ गए और धीर-धीरे हार्दिक के नज़दीक आते गए.

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हार्दिक के साथ इटालिया ने आंदोलन को खड़ा करने में अहम भूमिका निभाई. गुजरात की राजनीति को दशकों से देख रहीं वरिष्ठ पत्रकार दीपल त्रिवेदी इटालिया के बारे में कहती हैं,

इतनी कम उम्र में इटालिया की वाकपटुता हैरान करने वाली है. वो हार्दिक से भी अच्छे वक्ता हैं. आक्रामक भाषण देते हैं. उनकी जैसी भाषण शैली फिलवक्त गुजरात के बड़े नेताओं से भी बेहतर है.

दीपल कहती हैं कि इटालिया उस समय से ही पॉलिटिकली एक्टिव हो गए थे, जब UPA-2 का शासन था और देश में अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था. और ये उनका एक्टिविज़्म अब भी नजर आता है. दीपल के मुताबिक, इटालिया हमेशा से कांग्रेस विरोधी रहे हैं. यही वजह थी कि हार्दिक के बेहद करीबी होने के बावजूद जब वो कांग्रेस में गए, तो इटालिया ने उनका साथ छोड़ दिया.

 डिप्टी CM की ऑडियो क्लिप वायरल की

नौकरी से निकाले जाने से पहले गोपाल इटालिया एक और कांड कर चुके थे. जनवरी 2017 में इटालिया ने तब के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल को फोन किया और बातचीत रिकॉर्ड कर के वायरल कर दी. फोन पर इटालिया ने एक पुलिस कॉन्स्टेबल बनकर बात की. उन्होंने नितिन पटेल से कहा कि गुजरात में शराबबंदी होने की वजह से शराब ब्लैक में महंगी बिक रही है. और पूरे खेल में पुलिस, नेता और व्यापारी सब शामिल हैं.

आजतक से जुड़ी गोपी घांघर की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑडियो वायरल होने पर सरकार की खूब किरकिरी हुई थी और गोपाल इटालिया पर कार्रवाई भी की गई थी.

आम आदमी पार्टी का चेहरा

आम आदमी पार्टी में शामिल होने से पहले इटालिया 2018 से लेकर 2020 पाटीदार अमानत आंदोलन समिति से जुड़े रहे. जून 2020 में इटालिया ने AAP जॉइन की. उन्हें पार्टी ने राज्य में वाइस प्रेसिडेंट बनाया. कुछ ही महीनों में इटालिया ने केजरीवाल का भरोसा जीत लिया और उन्हें गुजरात का प्रेसिडेंट बना दिया गया. साल 2021 के निकाय चुनाव में इटालिया के अगुवाई में आम आदमी पार्टी ने छह नगर निगमों अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर के लिए चुनाव लड़ा. इस चुनाव में पार्टी को सूरत और राजकोट में सफलता मिली.  

इटालिया फिलहाल विवादों में हैं और बीजेपी के निशाने पर भी. हाल ही के उनके एक बयान पर काफी विवाद हुआ. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. इसके बाद उनका एक और बयान वायरल हुआ. इसमें वो कहते हैं,

मैं माताओं और बहनों से अपील करता हूं कि कथाओं और मंदिरों में आपको कुछ नहीं मिलेगा. ये शोषण के घर हैं. अगर आपको आपना अधिकार चाहिए, इस देश पर आपको शासन करना हो तो कथाओं में नाचने के बजाय मेरी माताओं-बहनों ये पढ़ो (हाथ में एक किताब की तरफ इशारा करते हुए).  

 इटालिया के बयान के सामने आने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने उन्हें समन किया. इसके बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया और 3 घंटे बाद छोड़ दिया.

वीडियो: अरविंद केजरीवाल पहुंचे गुजरात, एयरपोर्ट पर मोदी-मोदी के नारे लगाने वाले क्या बोले?

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