इंदिरा उनसे दोस्ती की पेशकश करती रहीं, प्रोफेसर साहब प्यार पर अड़े रहे. थोड़े समय तक दोनों का रिश्ता चला. उनके परिवार में वह अजनबी थे. लेकिन इंदिरा उनके सामने मन का बोझ हल्का करतीं. अपनी हताशा और अकेलेपन को उनसे बांटतीं. फ्रैंक उन्हें खूबसूरत और अनूठी लड़की कहते थे. इंदिरा जवाब देतीं कि वह जानती हैं कि वह कैसी दिखती हैं. इसलिए फ्रैंक या कोई और उन्हें क्या कहता है, उनके लिए मायने नहीं रखता.पुपुल जयकर लिखती हैं, 'जैसे जैसे उनके रिश्तों में प्रगाढ़ता बढ़ी, अलगाव भी बढ़ा. उन्होंने फ्रैंक से कहा कि मुझमें कोई खासियत नहीं है. मैं दूसरी लड़कियों जैसी हूं. सिवा इसके कि मैं एक असाधारण पुरुष और अनोखी महिला की बेटी हूं.'
नाबालिग इंदिरा को दोगुनी उम्र के प्रोफेसर ने किया था प्रपोज
आज उनका बर्थडे है.
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शांति निकेतन में इंदिरा गांधी (दाएं) फोटो: इंडिया टुडे
इंदिरा गांधी अपने सार्वजनिक जीवन में एक आत्मविश्वासी और कड़े फैसले लेने वाली महिला रहीं. उन्होंने फिरोज गांधी से शादी की. लेकिन क्या आप उनके पहले प्यार के बारे में जानते हैं? जी हां, इंदिरा गांधी का उम्र में दोगुने एक जर्मन प्रोफेसर से कुछ समय रिश्ता रहा था. लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं चला. इन प्रोफेसर साहब का नाम था फ्रैंक ऑबेरदॉर्फ. उस वक्त इंदिरा की उम्र महज 16 साल थी और प्रोफेसर फ्रैंक 34 साल के थे. दरअसल इंदिरा की महत्वाकांक्षाओं को दिशा देने के लिए नेहरू ने उन्हें साल 1933 में मशहूर कवि रवींद्रनाथ टैगोर के स्कूल शांति निकेतन भेजा. इंदिरा की फ्रैंक ऑबेरदॉर्फ से मुलाकात यहीं हुई. इंदिरा की करीबी दोस्त रही पुपुल जयकर ने उनकी बायोग्राफी में लिखा है, 'ऑबेरदॉर्फ इंदिरा को जर्मन पढ़ाते थे. वे 1922 में साउथ अमेरिका में टैगोर से मिल चुके थे और भारतीय संस्कृति से प्रेम उन्हें 1933 में शांति निकेतन ले आया. इंदिरा तब 16 साल की थीं और वे 34 के. इंदिरा के प्रति वह बुरी तरह आकर्षित थे और अपने मन की बात जाहिर करने में उन्होंने संकोच नहीं किया. इंदिरा नाराज हुईं, उन्होंने समझा कि वे उन्हें चिढ़ा रहे हैं. इंदिरा का कहना था कि देश में हालात गंभीर है और ऐसी बातें शोभा नहीं देतीं. लेकिन वह नहीं माने.'
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