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गिनीज बुक में अपना नाम जुड़वाने के लिए नीतीश ने दिया इस्तीफा!

इस बात के पक्के सुबूत हैं.

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फोटो - thelallantop
बिहार में सारा खेल गड्डमड्ड हो गया है. इतने लोगों की अंतरात्माएं आपस में टकरा गई हैं कि ओरिजनल अंतरात्मा खून खच्चर हो गई है. नीतीश कुमार कह रहे हैं कि उन्होंने अंतरात्मा की आवाज पर इस्तीफा दिया. उनकी पार्टी के अली अनवर कह रहे हैं कि नीतीश का इस्तीफा उनकी अंतरात्मा ने कुबूल नहीं किया है. लालू की अंतरात्मा छिन्न भिन्न हो गई है. प्रधानमंत्री मोदी की अंतरात्मा एक खराब डीएनए के साथ जाकर खड़ी हो गई है. माने सब कुछ इतनी स्पीड में और अप्रत्याशित ढंग से हो रहा है कि अगले मिनट क्या होगा, किसी को नहीं पता. फिर भी कुछ बेहद अच्छी चीजें भी हुई हैं इस इस्तीफे के बाद. क्या अच्छा हुआ है वो जान लो, बकैती बंद.

गिनीज बुक में नीतीश कुमार का नाम

Image: PTI
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आया नहीं है. परेशान न हो, आया नहीं है. लेकिन अगर वो इसी स्पीड से इस्तीफा देते और सीएम बनते रहे तो आ जाएगा. 27 जुलाई की सुबह नीतीश ने 6वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. राज्यपाल सर ने उनको पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई तो रिक्वेस्ट भी कर दी. कि भैया अब मेरे कार्यकाल में एक और बार सीएम मत बनना. रोज इस्तीफा लेकर, रोज पद और गोपनीयता की शपथ दिलाकर हम हैरान परेशान हो जाएंगे. इत्ती रिक्वेस्ट है कि अबकी बार ही आखिरी मानकर चलो. लेकिन नीतीश कुमार की नजर सिर्फ वर्ल्ड रिकॉर्ड पर है.

छुट्टी लेने का झंझट खत्म

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प्रधानमंत्री मोदी भले नीतीश कुमार को यूटर्नासन में अपना गुरु मानते हों, लेकिन नीतीश भी मोदी को अपना गुरु मानते हैं. छुट्टी न लेने के मामले में. कहने को तो मनमोहन सिंह ने भी 10 साल के कार्यकाल में एक भी दिन छुट्टी नहीं ली. लेकिन कांग्रेस उनका सही से प्रचार नहीं कर पाई. बीजेपी प्रचार कर ले गई. आज देश का बच्चा बच्चा जानता है कि प्रचारमंत्री स्स्सॉरी प्रधानमंत्री दिन में 18 घंटे काम करते हैं, कभी छुट्टी नहीं लेते. नीतीश कुमार भी वही करते हैं. छुट्टी नहीं लेते. जब उनका मन ऊब जाता है या 10-12 घंटे आराम करना चाहते हैं तो सीधे इस्तीफा दे देते हैं. अब जितनी देर आदमी मुख्यमंत्री रहा ही नहीं है उसको छुट्टी में थोड़ी गिना जाएगा.

ट्रोल आर्मी से छुटकारा

nitish meme

सोशल मीडिया पर मौजूद ट्रोल सेना आए दिन नीतीश कुमार को शर्मिंदा करने में लगी रहती थी. कोई शेखुलर कहता था. कोई इशरत के अब्बू कहता था. कोई सिर पर जालीदार टोपी लगाकर meme बना देता था. उस सबसे एक झटके में फुरसत मिल गई. अब ट्विटर फेसबुक पर गालियां पड़ने के चांस बेहद कम हो गए हैं क्योंकि जिधर वाले गालियों के बेताज बादशाह होते हैं वो उधर ही लुढ़क गए हैं. यानी अब इस मुसीबत से छुटकारा मिल गया, नई जिम्मेदारियां सिर पर आ गई हैं.



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