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जानिए उस इंसान को जिसने बिल गेट्स से ज़्यादा दौलत कमाई!

जेफ बेजोस बचपन से ही बड़े-बड़े कारनामे कर रहे हैं

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जेफ बेजोस. Credit: Reuters
22 साल पहले तक जो इंसान हमारी और आपकी तरह नौकरी कर रहा था. आज उसके पास बेशुमार दौलत है. बीते दिन वो बिल गेट्स को पछाड़कर सबसे अमीर आदमी बन गया. फिलहाल दूसरे पायदान पर है. बिल गेट्स फिर ऊपर आ गए हैं. जिसकी बात हो रही है वो इंसान है जेफ बेजोस. रिटेल मार्केट के बादशाह और एमेजॉन के 'मालिक' (वही एमेज़ॉन जिसपर हम और आप कपड़े, मोबाइल, खाना-पीना और न जाने क्या-क्या खरीदते रहते हैं), जेफ... जिसकी दौलत दुनिया में जनसंख्या की रफ्तार से भी तेज़ बढ़ रही है.
27 जुलाई को फोर्ब्स की रिपोर्ट ने कहा कि इस समय बेजोस के पास 90.6 बिलियन डॉलर (लगभग 5,768,440,000,000 रुपए) की प्रॉपर्टी है जबकि माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स के पास 90 बिलियन डॉलर की प्रॉपर्टी है.
जेफ बेजोस
जेफ बेजोस

मैग्जीन की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज के बंद होते समय बिल गेट्स 90 बिलियन डॉलर के साथ अमीरों की सूची में पहले नंबर पर थे जबकि बेजोस 89 बिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर थे. एक दिन में बेजोस ने बाजी मार ली. गुरुवार को बेजोस ने बिल गेट्स को पछाड़ा. हालांकि शुक्रवार में आखिरी जानकारी के मुताबिक बेजोस फिर दूसरे नंबर पर आ गए हैं. जानिए आखिर ऐसा क्या किया इस इंसान ने जो इतनी दौलत कमा ली.

पूत के पांव पालने में दिख गए

बेजोस के दादा-परदादा अमेरिका के टेक्सस में रहते थे और एक एनिमल फ़ार्म चलाते थे. बेजोस के नाना पहले नौकरी करते थे लेकिन मन नहीं लगा तो वो भी अपने एनिमल फ़ार्म में काम करने लगे. हम लोग की तरह बेजोस भी गर्मी की छुट्टी बिताने नाना के यहां चले जाते थे (अपनी छुट्टियां याद न करने लगना). छोटा बेजोस भी काम में नाना का हाथ बंटाता था. छुटपन में ही मशीनों से दिल लगा बैठा. हमारे यहां कहावत है कि पूत के पांव पालने में दिखते हैं. बेजोस के भी दिखे थे. जब वो बच्चे थे तो ख़ुद ही पेचकस से अपना पालना खोलने की कोशिश कर रहे थे. सोचो ज़रा. कोई करता है ऐसे? जेफ की मां ने अपने पति से तलाक ले लिया था और दूसरी शादी की थी. पांच साल की उम्र में जेफ को नए पापा मिल गए, मिगुअल बेजोस. और जेफ हो गए जेफ बेजोस. मिगुअल बहुत मेहनती और सेल्फ मेड इंसान थे. बेजोस ने ह्यूस्टन में चौथी से छठी कक्षा तक रिवर ओक्स एलीमेंट्री में पढ़ाई की. साइंस में गजब की दिलचस्पी थी बेजोस की. अकेले ही सारी कारस्तानी किया करता था.
छोटे भाई-बहन परेशान न कर पाएं इसलिए कमरे में चुप्पे से एक अलार्म लगा लिया था. मां-बाप के गैराज को अपनी लैब बना ली थी. बाद में ये सब फ्लोरिडा आ गए. यहां बेजोस ने हाईस्कूल किया. फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी के एक कार्यक्रम में बेजोस को सिल्वर नाइट पुरस्कार से नवाजा गया. फिर आगे की पढ़ाई के लिए प्रिंसटन यूनिवर्सिटी गए लेकिन मन नहीं लगा तो छोड़ दी.

एमेजॉन कैसे बना

Amazon.com Inc founder and chief executive Jeff Bezos speaks during a news conference in Tokyo November 1, 2000. Amazon, the number one Internet retailer, unveiled its Japanese site Amazon.co.jp on Wednesday in an aggressive push to crack open Japan's cosy book retailing market. TA/HL
जेफ बेजोस

बेजोस को कंप्यूटर से प्यार हो गया. फिर उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में ग्रेजुएशन किया. बढ़िया काम करने के लिए उन्हें एक संस्था ने सदस्यता भी दी. 2008 में बेजोस को कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय से विज्ञान और प्रौद्योगिकी में मानद डॉक्टर की उपाधि से सम्मानित किया गया. बेजोस ने कई कंपनी में काम किया और हर जगह काबिलियत के झंडे गाड़े.
बेजोस 1994 में निकल लिए घुम्मी करने यानी घूमने. न्यूयॉर्क से लेकर सिएटल तक पूरे देश में घूमे और एमेज़ॉन.कॉम पैदा हो गया. घूमते समय ही उन्होंने पूरा प्लान बना लिया था. अपने गैराज से ही कम्पनी शुरू की. दस साल बाद 2004 में, उन्होंने ब्लू ओरिजिन नाम की एक मानव स्पेस फ्लाइट स्टार्टअप कंपनी भी शुरू की. बेजोस अपनी कंपनी के बारे में हर छोटी-बड़ी बात जानते हैं. ऐसा नहीं कि मालिक हो गए तो सबकुछ कर्मचारियों पर छोड़ दिया. एमेज़ॉन पर आरोप लगे कि वो अपने कर्मचारियों के साथ सही व्यवहार नहीं करता. लेकिन बेजोस ने इस आरोप को खारिज कर दिया.

ये भी जान लो

1. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक बेजोस के पास एमेज़ॉन के 17 फीसदी शेयर हैं और वो इसके अलावा भी कई बिजनेस से जुड़े हैं.
2. बेजोस ने 23 मिलियन डॉलर से वाशिंगटन में एक म्यूज़ियम खरीदकर उसे अपना घर बना लिया.
3. ओबामा उनके पड़ोसी हैं लेकिन वो कभी उनसे चीनी मांगने नहीं जाते.
4. मांगना उन्हें आता नहीं इसलिए उन्होंने दान करने की सोची. ट्वीटर पर पोस्ट लिखकर लोगों से दान करने के टिप्स मांगें.
5. इस आइडिया के पीछे उनके भाई मार्क बेजोस का हाथ है. मार्क एडवरटाइजिंग की अपनी नौकरी छोड़कर न्यूयॉर्क की गरीबी मिटाने वाली एक संस्था से जुड़े हैं. उनका कहना है कि
'अगर आपके पास कुछ देने को हो तो दे दीजिए, चाहे वो कितनी भी छोटी चीज़ क्यों न हो'.
बेजोस को स्पेस से बहुत लगाव है. वो चाहते हैं कि स्पेस में होटल, पार्क और शहर बसाए जाएं. उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि, 'मैं चाहता हूं कि मिलियन लोग स्पेस में रहें और काम करें. मैं स्पेस में एक दुनिया बसाना चाहता हूं'.
The sign above the entrance of the Washington Post headquarters is pictured in Washington, August 5, 2013. Amazon.com Inc founder Jeff Bezos will buy the Washington Post newspaper for $250 million in a surprise deal that ends the Graham family's 80-year ownership and hands one of the country's most influential publications to the tech entrepreneur. Bezos, hailed by many as a visionary who helped transform Internet retail, called his acquisition a personal endeavor and reassured Post employees and readers he will preserve the paper's journalistic tradition, while driving innovation. REUTERS/Stelios Varias (UNITED STATES - Tags: MEDIA BUSINESS)

तारीखों में बेजोस

1994 में बेजोस ने वॉल स्ट्रीट में जॉब छोड़ी और एमेज़ॉन शुरू किया.
1999 में टाइम्स मैग्जीन ने उन्हें पर्सन ऑफ द ईयर का ख़िताब दिया.
2000 में बेजोस ने ब्लू ओरिजिन स्पेसफ्लाइट फर्म की शुरुआत की.
2013 में वॉशिंगटन पोस्ट को खरीद लिया.

जब जान पर बन आई

कोई मरते-मरते बच जाए और इस बात पर हंसे, ख़ूब हंसे. उसे पागल ही कहेंगे न आप. लेकिन एक बात जान लीजिए, 'पागल' ही कुछ बड़ा काम कर पाते हैं. जो बेजोस ने किया. 6 मार्च, 2003. जेफ बेजोस ने टेक्सास में एक हेलिकॉप्टर किराए पर लिया. बचपन से इस इलाके को जानते थे बेजोस. हेलिकॉप्टर ने कैथेड्रल माउंटेन के पास उड़ान भरी. बेजोस के साथ उनके सहायक एलिजाबेथ कोरेल भी थे. अचानक हेलिकॉप्टर ने अपना नियंत्रण खो दिया. बड़ी दुर्घटना हो सकती थी लेकिन बचाव दल की मदद से बेजोस बच गए. एक साल बाद एमेज़ॉन के ऑफिस में बेजोस के सिर में दर्द उठा. वो अस्पताल गए. बीते साल की घटना याद करके बेजोस हंस रहे थे. वो कहते हैं कि उस मैं उस वक्त यही सोच रहा था कि मरने के लिए इससे मूर्खतापूर्ण तरीका और क्या हो सकता है. पागलों की तरह हंसते हुए उन्होंने कहा कि जहां तक हो सके हेलीकॉप्टर से बचना चाहिए. वो कहते हैं कि,
'हमारा जीवन हमारी आंखों के सामने दौड़ता है. वो घटना इस तरह हुई कि हमें सोचने का समय ही नहीं मिला.'
जेफ जैसी शख़्सियत हमें सिखाती है कि हम कहीं से भी शुरुआत कर सकते हैं. किसी काम के लिए कोई समय नहीं होता बस नीयत होती है. जेफ में नीयत थी तो उन्होंंने कभी भी पढ़ाई बदल ली. अचानक नौकरी छोड़ दी. घूमने निकल लिए. घूमते-घूमते नए कारोबार की नींव रख दी. ऐसा कारोबार जिसने आज उन्हें दुनिया का सबसे अमीर आदमी बना दिया. और क्या लोगे एक ज़िंदगी से. एक ही ज़िंदगी है, जो करना है कर डालो. बस नीयत पक्की होनी चाहिए.


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