इसके लिए आपसे एक फॉर्म भरवाया जाता है. आपको अपने साथ आधार कार्ड की कॉपी और अपनी दो फ़ोटो लेकर जाना होता है. उस फॉर्म में आपके, बैंक मैनेजर के और सुनार के हस्ताक्षर होते हैं.
अगर लोन लेने वाला पढ़ा-लिखा नहीं है, तो उसका अंगूठा लगवाया जाएगा. उसके किसी जान-पहचान वाले के भी उस फॉर्म पर साइन होंगे. बैंक आपकी चीज़ों की दो लिस्ट तैयार करता है. बैंक एक लिस्ट अपने पास रखता है और एक आपको देता है. फिर बैंक आपका लोन खाता खोलता है. फिर बैंक आपके बचत खाते से में वो पैसा डालता है, जो उसने आपको बतौर कर्ज़ दिया है. बैंक आपसे पूछता है कि कितने साल में हमारे पूरे पैसे वापस करोगे. आपने बताया पांच साल. तो उस हिसाब से किस्त तैयार होती है. ये आप सीधे लोन खाते में भी जमा करवा सकते हो या अपने बचत खाते में भी. बचत खाते से बैंक वाले खुद किस्त काटकर लोन खाते में जमा कर लेंगे.
2. गोल्ड बॉन्ड
कई लोग इस उम्मीद में रहते हैं कि घर की तिजोरी में पड़े-पड़े सोने की कीमत बढ़ती रहेगी. लेकिन इसके चोरी होने का डर भी बना रहता है. सरकार ने बहुत बढ़िया काम किया है इस मामले में. आप सोना घर में रखे बिना सोने से कमाई कर सकते हैं, एक बॉन्ड खरीदकर. इसके लिए आपको बैंक जाना होगा. वहां आपको ये बताना है कि मैं इतने ग्राम (उदाहरण के लिए एक तोला) सोने का बॉन्ड खरीदना चाहता हूं, जिसकी कीमत साल 2017 में 30 हज़ार रुपए है. बैंक वाले आपको कागज़ी रूप में ये बॉन्ड दे देंगे.
हम पैसों का लेन-देन कर सकें, इसके लिए बैंक में खाता खुलवाते हैं. अब आपके अकाउंट में जो पैसा है वो बैंक के पास आपकी अमानत है. सुरक्षित. आप किसी को ट्रांसफर करना चाहते हो तो पैसे हैंडल किए बिना बैंक की मदद से कर सकते हो. आपके हाथ में नोट नहीं आते, फिर भी आपका ट्रांसफर हो जाता है. इससे आपको पैसे चोरी होने का डर नहीं रहता क्योंकि असली पैसे तो आपके हाथ में आते ही नहीं. ये लेनदेन का काम सब खातों के ज़रिए हो जाता है. ऐसे ही सोने को सुरक्षित रखने के लिए एक खाता खुलता है. जहां सरकार आपका ये तीस हज़ार का खरीदा हुआ सोना रखती है. बैंक अकाउंट के पैसों की ही तरह ये सोना भी आपके हाथ में नहीं होता लेकिन खाते में सुरक्षित रहता है. सोने के लिए बनाए गए इस खाते को डीमैट खाता कहते हैं.
via GIPHYमान लो 2017 से 2022 तक सोने के भाव बढ़ गए. आपका 10 ग्राम सोना जो साल 2017 में तीस हज़ार का था, वो साल 2022 तक पचास हज़ार का हो गया. 2022 में आप बैंक गए. आपने अपने डीमैट खाते में पड़े दस ग्राम सोने को वापस सरकार को बेच दिया. तो सरकार आपको वापस 50 हज़ार रुपए देगी.
वैसे सरकार आपको साल 2022 में इन पचास हज़ार के अलावा और रुपए भी देगी. हर साल दो फ़ीसदी ब्याज दर के हिसाब से पैसे मिलेंगे. जैसे साल 2017 में 10 ग्राम सोने का रेट 30 हज़ार था. साल 2018 में 35 हज़ार हो गया. इसपर दो परसेंट ब्याज बना 700 रुपए. तो आपके साल 2018 के 700 रुपए हो गए. ऐसे ही मान लो साल 2019 में रेट 38 हज़ार हुआ. तो ब्याज बना 760 रुपए. इसी तरह हर साल दो फ़ीसदी के हिसाब से पैसे बढ़ते चले जाते हैं. ये पैसे आपको अपने 50 हज़ार रुपए के साथ जुड़कर मिलेंगे.
मतलब असली सोना कभी खरीदा भी नहीं और उस असली सोने से जितना फ़ायदा होता, उससे कही ज़्यादा फ़ायदा ये गोल्ड बॉन्ड खरीदने से हो गया. लेकिन कम से कम पांच साल के लिए आपको गोल्ड बॉन्ड खरीदकर रखना पड़ेगा. आप सोचो कि तीन साल बाद बेच दोगे, वो नहीं हो पाएगा. आपको इसे बेचने के लिए कम से कम पांच साल इंतज़ार करना होगा.
3. गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड्स
आप बैंक गए. आपने बताया आप सोने का व्यापार करना चाहते हैं. आपके पास असली सोना नहीं है, न आपको हाथ में असली सोना चाहिए. लेकिन बाज़ार में सोने के भाव बढ़ते रहते हैं और आपको इसका फ़ायदा उठाना है. पहले तो वो आपका डीमैट खाता खोलेंगे. आपकी एक एज़ेंट से बात कराएंगे जिसे ब्रोकर कहते हैं. या आपकी मदद के लिए आपको एक फ़ोन नंबर देंगे, जिस पर फ़्री में फोन लगेगा. या इंटरनेट पर भी आप ये वाला सोने का व्यापार कर सकते हैं.
ब्रोकर आपको सब समझा देगा. इससे आप सोना खरीदकर अपने डीमैट अकाउंट में रख सकते हो (ध्यान रहे ये सोना असली नहीं है लेकिन फ़ायदा और कीमत असली जितना है). आपने 12 बजे सोना खरीदा और आपको पता है कि 3 बजे सोने के भाव बढ़ रहे हैं, तो आप उसी दिन 3 बजे सोना बेच दो और फ़ायदा उठा लो. किसी भी दिन सोना खरीदा और बेचा जा सकता है. कई लोग इस तरह सोना खरीदते और बेचते रहते हैं.

बाज़ार में सोने पर बहुत निवेश किया जाता है.
4. गोल्ड फंड्स
गोल्ड फंड्स भी एक तरह का सोने का व्यापार है. लेकिन ये गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फ़ंड्स से अलग है. उसमें आप चाहें तो आप जिस दिन सोना ख़रीदें, उसी दिन बेच सकते हैं. लेकिन गोल्ड फ़ंड्स में गोल्ड खरीदने के लिए एक निर्धारित समय होता है. हफ़्ते, या महीने, या चार महीने में एक बार आप तय रुपए का सोना खरीदते हैं और अपने डीमैट खाते में डलवाते हैं. जैसे आपने तय कर लिया है कि आप पांच साल तक हर महीने की पहली तारीख को पांच हज़ार रुपए का सोना खरीदेंगे. उस महीने जो भी सोने का भाव चल रहा होता है, उस हिसाब से आपको उतने ग्राम का सोना मिल जाता है.
आपने पांच साल तक लगातार हर महीने पहली तारीख को सोना खरीदा. पांच साल में आपके पास बहुत सारा सोना हो गया. पांच साल में सोने का दाम भी बढ़ गया. आपके पास जितना भी सोना इकट्ठा हुआ, वो आपने उस दिन जितना भाव चल रहा होगा उतने में उसे बेच दिया.
इन तरीकों से सोना संभालकर घर पर रखना भी नहीं पड़ा और फ़ायदा असली जितना मिल गया. ये सारे तरीके उन लोगों के लिए बहुत बढ़िया हैं, जो सोने को लेकर व्यापार करना चाहते हैं.
प्रॉपर्टी ऐसा निवेश है जो हमें लंबे समय में फ़ायदा पहुंचा सकता है. दुकान को किराए पर उठा दो, तो दुकान तो हमारी ही रहती है, उससे हमें पैसे भी मिलते रहते हैं. वहीं एक और चीज़ होती है इक्विटी. ये भी लंबे समय तक फ़ायदा पहुंचाने वाला निवेश है.
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