इंडिया को इस वजह से कहते हैं भारतवर्ष!
सबसे पहले किसे दी गई भारत की जमीन? हमारे पुराणों में लिखा है.
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फोटो - thelallantop
मनु के दो बेटे थे. प्रियव्रत और उत्तानपाद. उत्तानपाद के बेटे थे ध्रुव. इनके बारे में आप सब जानते ही हैं. पर किस्सा ध्रुव के चाचू यानी प्रियव्रत का. जनाब की शादी हुई कर्दम की बेटी से. दो बेटी हुईं सम्राट और कुक्षि. 10 बेटे हुए. सबके सब बड़े ओबिडिएंट यानी आज्ञाकारी. दस में सबसे बड़े थे आग्नीध्र. छोटे वालों के नाम थे- अग्निबाहु, वपुष्मान, द्युतिमान, मेधा, मेधातिथि, भव्य, सवन, पुत्र और यथार्थनामा ज्योतिष्मान. मेधा, अग्निबाहु और पुत्र को पॉलिटिक्स यानी राजकाज में मन नहीं लगाया. प्रियव्रत ने अपने बाकी बचे 7 बेटों को सात द्वीप दे डाले. आग्नीध्र को जम्बूद्वीप, मेधातिथि को प्लक्ष. शाल्मलद्वीप में वपुष्मान, ज्योतिष्मान को कुशद्वीप, द्युतिमान को कौंचद्वीप, भव्य को शाकद्वीप मिला. अब जो जम्बूद्वीप के राजा थे आग्नीध्र. इनके भी 9 बेटे हुए. नाम हुए नाभि, किम्पुरुष, हरिवर्ष, इलावृत, रम्य, हिरण्मान, कुरु, भद्राश्व और केतुमाल. पिता आग्नीध्र ने साउथ की तरफ का हिमवर्ष नाभि को दे दिया. यही नाभि का हिमवर्ष भारतवर्ष कहलाया और यही हमारा इंडिया है. विष्णु पुराण, पहला अध्याय, द्वितीय अंश
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