"क्या प्यार करना अपराध है?" सुप्रीम कोर्ट ने एक 16 वर्षीय मुस्लिम लड़की के अपने 30 वर्षीय पति से विवाह के खिलाफ एनसीपीसीआर की याचिका खारिज करते हुए पूछा. कोर्ट ने पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत जोड़े को सुरक्षा प्रदान की गई थी. कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि किशोरावस्था में सहमति से बनाए गए हर रिश्ते को पॉक्सो के तहत अपराध नहीं माना जाना चाहिए. इस मामले ने भारत में सहमति की उम्र 18 बनाम 16 वर्ष पर बहस को फिर से छेड़ दिया है. क्या कहा कोर्ट ने, जानने के लिए देखें पूरा वीडियो.
मुस्लिम नाबालिग लड़की की शादी पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा ?
कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि किशोरावस्था में सहमति से बनाए गए हर रिश्ते को पॉक्सो के तहत अपराध नहीं माना जाना चाहिए.
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